दरभंगा। जारी लाकडाउन के दौरान मानवीय मूल्यों के रक्षार्थ दरभंगा जिला प्रशासन की जैसी तत्परता रही है, वो विरले ही और कहीं देखने को मिला हो। दरअसल इन दिनों प्रवासियों का विभिन्न राज्यों से आना लगातार जारी है। लिहाजाा दरभंगा में भी कई जिलों के लोग ट्रेन से आ रहे हैं और इन्हें बस के माध्यम से गन्तव्य तक भेजा जाता रहा है। पर रविवार को कुछ अलग ही वाकया सामने आया। जिसमें जिलाधिकारी डा त्यागराजन एस एम की कर्तव्यनिष्ठा के साथ साथ एक संवेदनशील मानवीय चेहरा से भी आमलोग रुबरु हुए। उल्लेखनीय है कि रविवार की दोपहर तकरीबन 12 बजे 15-20 की संख्या में लोग बोरिया बिस्तर लेकर दरभंगा से लहेरियासराय की तरफ आते दिखे।
वेलोग स्थानीय चट्टी चौक रेलवे गुमटी के निकट स्थित एक पेड़ की छांव में सुस्ताने के लिए थोड़ी देर रुके। इस बीच स्थानीय लोगो ने उनसे पूछताछ की, तो पता चला ये लोग हरियाणा के गुड़गांव से आ रहे हैं और इन्हें सहरसा जाना है। जिस क्रम में बिहार की सीमा तक पहले एक बस ने छोड़ा। फिर छपरा में इन्हें सहरसा भेजने के लिए एक बस में बिठा दिया गया। पर उस बस ने इनलोगों को सहरसा की जगह दरभंगा एनएच के निकट उतार दिया। वहाँ किसी ने बताया कि पटरी पकड़ कर लहेरियासराय की तरफ जाओ, कोई बस मिल जाएगा। इसी उधेड़बुन में ये लोग गुमटी पर रुके थे। इस दौरान प्रारंभिक पूछताछ के बाद स्थानीय लोगो द्वारा इसकी सूचना पहले बहादुरपुर थाना एवं तत्पश्चात कंट्रोल रूम को दी गयी। सूचना के उपरांत लहेरियासराय थाना के एएसआई शम्भू प्रसाद ठाकुर मौके पर पहुँचे। उन्होंने पूछताछ की।
संयोगवश इसी बीच इसकी जानकारी जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम को भी प्राप्त हुई। उन्होंने तुरंत डीटीओ से बात कर सहरसा के लिए बस की व्यवस्था करवायी। परंतु तबतक सभी यात्री चट्टी चौक से फेकला की ओर प्रस्थान कर चुके थे। फिर सबों को पुलिस द्वारा ट्रैक किया गया और फेकला के निकट सभी को रोका गया। इसके बाद वहां बस पहुंची और सबों को बस में बिठा कर सहरसा के लिए भेज दिया गया। इस दौरान पूरे प्रक्रिया पर जिलाधिकारी स्वयं नजर बनाये रहे।