पटना। पटना समेत प्रदेश के कई जिलों में मंगलवार की अहले सुबह से आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश हो रही है। पटना में अहले सुबह से हुई बारिश के बाद थोड़ी देर तक धूप खिली, उसके बाद अभी आसमान में बादलों का डेरा है। तेज हवा चल रही है। वहीं, मंगलवार की सुबह बिहार के कई जिलों में अचानक ही मौसम का मिजाज बदल गया और तेज हवा के साथ बादलों के गर्जन के साथ बारिश हो रही है। कई जगहों पर आंधी इतनी तेज थी कि बड़े पेड़ सड़कों पर गिर पड़े हैं। कई झोपड़ियों के छत हवा में उड़ गए हैं तो वहीं इस बेमौसम बारिश से किसान मायूस हैं
मौसम विभाग ने पहले ही बारिश का अलर्ट जारी किया था। विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से मंगलवार से लेकर गुरुवार तक बिहार के कई जिलों में आंधी तूफान के साथ बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना है।
दरअसल, दक्षिणी अंडमान सागर और इससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है और इसकी ट्रफ लाइन बिहार से होकर गुजर रही है, इसका असर बिहार के कई जिलों में दिख रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक जल्द ही यह सिस्टम गहरे निम्न दबाव में तब्दील हो जाएगा, जिससे और बारिश होने के आसार हैं।
जानिए जिलों का हाल....
-पटना में आज मौसम का यह विचित्र बदलाव है सुबह के 7.30 बजे रात जैसा नजारा दिखा । तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई। अभी आसमान में बादल छाए हैं और तेज हवा चल रही है।
-बेगूसराय जिले में भी बारिश शुरू हो गई है।
सहरसा में भी हो रही भाड़ी बारिश।
-शिवहर में तेज हवा व गरज के साथ हो रही बारिश।
-समस्तीपुर में छाए काले बादल, तेज हवा के साथ हो रही बारिश।
-पश्चिम चंपारण में छाए बादल, हो रही बूंदाबांदी।
-मधुबनी में बादल छाये हुए हैं। मगर, बारिश नहीं हो रही है।
-दरभंगा में तेज हवा के साथ हो रही है बारिश ।
-मोतिहारी में तेज हवा के साथ बारिश शुरू।
-सासाराम में भी बादल छाया हुआ है।
-नवादा में हल्की बारिश हुई है, फिलहाल आसमान में बादल उमड़-घुमड़ रहे है।
-गया में सुबह आठ बजे से 20 मिनट तक हल्की बारिश हुई ।
-मुजफ्फरपुर में तेज हवा के साथ हुई बारिश।
-बक्सर में भी तेज हवा के साथ हुई झमाझम बारिश।
-छपरा में भी तेज आंधी के साथ बारिश हो रही है।
-बिहारशरीफ में तेज हवा और बादलों के गरज के साथ बारिश हो रही है।
बिहार के कई जिलों में आंधी के साथ भारी बारिश, ओला-बारिश से 4.5 लाख हेक्टेयर फसल चौपट।
ओला-बारिश से 4.5 लाख हेक्टेयर फसल चौपट
अप्रैल की वर्षा और ओलापात ने एक लाख नौ हजार हेक्टेयर में लगी फसल को चौपट कर दिया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने लगातार हो रही वर्षा और ओलावृष्टि का आकलन की रिपोर्ट दे दी है। अब विभाग इन किसानों को क्षतिपूर्ति करने की तैयारी कर रहा है।
सबसे अधिक नुकसान इस बार सब्जी और मक्का की फसल को हुआ है। तेलहन और दलहन की फसल तो कट चुकी थी, लेकिन कई क्षेत्र में गेहूं को भी आंशिक नुकसान हुआ है। रबी की खेती करने वाले किसानों पर इस साल प्रकृति की यह तीसरी चोट है। इसके पहले फरवरी में हुई वर्षा से 34 हजार हेक्टेयर और मार्च में दो बार हुई वर्षा से लगभग तीन लाख हेक्टेयर की फसल नष्ट हो चुकी है। कृषि सचिव डॉ. एन सरवण कुमार ने इन आवेदनों का जल्द निपटारा करने का आदेश दिया है। इसी के साथ वंचित किसानों के आवेदन की प्रक्रिया भी चलती रहेगी। फरवरी में 11 जिलों के 13.23 लाख किसानों ने आवेदन किया था।
भरपाई की हो रही है तैयारी
अप्रैल में भी पहली वर्षा से हुई क्षति का आकलन करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन रिपोर्ट आई नहीं तब तक फिर वर्षा और ओलापात हो गई। लिहाजा कृषि विभाग ने सभी अधिकारियों को पूरा आकलन कर रिपोर्ट एक मई तक देने का निर्देश दिया। अब रिपोर्ट आ गई और भरपाई की तैयारी हो रही है।
आवेदन लिए जा रहे हैं
उन किसानों की भरपाई के लिए सरकार ने पैसा जारी कर दिया है। आवेदन लिये जा रहे हैं। अंतिम तारीख 11 मई है। हालांकि यह तारीख उन मार्च की वर्षा से प्रभावित उन किसानों के लिए है जो पहले आवेदन करने से वंचित रह गए थे।