पटना. बिहार में मैट्रिक परीक्षार्थियों (Matric Exam) का इंतजार अब खत्म होने वाला है. बिहार बोर्ड (Bihar Board) ने फिर एक बार सबसे पहले रिजल्ट जारी कर इतिहास रचने की तैयारी कर ली है. सूत्रों की मानें तो दोबारा 6 मई से शुरू हुए कॉपियों का मूल्यांकन अंतिम चरण में है और 97 प्रतिशत कॉपियों का मूल्यांकन का काम अब तक पूरा हो चुका है. ऐसे में बोर्ड पूरी तैयारी में है कि 20 मई से 25 मई के बीच रिजल्ट जारी किया जा सके.
इस साल मैट्रिक परीक्षा में कुल 15 लाख 29 हजार 393 परीक्षार्थी शामिल हुए थे. इसमें कुल 7 लाख 83 हजार 34 छात्राएं शामिल हुई थीं. परीक्षा का आयोजन 17 फरवरी से 24 फरवरी तक किया गया था
इस साल मैट्रिक परीक्षा में कुल 15 लाख 29 हजार 393 परीक्षार्थी शामिल हुए थे. इसमें कुल 7 लाख 83 हजार 34 छात्राएं शामिल हुई थीं. परीक्षा का आयोजन 17 फरवरी से 24 फरवरी तक किया गया था
पिछले साल मैट्रिक परीक्षा में 80.73 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल हुए थे, जबकि वर्ष 2018 में 68.89 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल हुए थे. इस बार लॉकडाउन की वजह से मूल्यांकन का कार्य बीच में ही स्थगित करना पड़ा था. 25 मार्च तक ही मूल्यांकन पूरा करने का लक्ष्य था और अप्रैल प्रथम सप्ताह में रिजल्ट जारी करने की उम्मीद थी.
परीक्षा और मूल्यांकन बनी चुनौती
इस बार परीक्षा से लेकर मूल्यांकन का कार्य बोर्ड के लिए दोहरी चुनौती थी, क्योंकि पहले शिक्षकों की हड़ताल और फिर अचानक लॉकडाउन जैसी चुनौतियां सामने आ गई थीं. बावजूद इसके बोर्ड ने शिक्षकों की हड़ताल खत्म होते ही मूल्यांकन कार्यों में गति लाते हुए सबसे पहले रिजल्ट जारी करने का मन बनाया है. माना जा रहा है कि अगले 3 दिनों में मूल्यांकन खत्म होते ही टॉपर्स का वेरिफिकेशन का काम शुरू होगा. हालांकि लॉकडाउन की वजह से इस बार टॉपर्स को सशरीर बिहार बोर्ड कार्यालय नहीं बुलाया जाएगा, बल्कि वीडियो कॉलिंग के जरिये वेरिफिकेशन किया जाएगा.
वीडियो कॉल में एक्सपर्ट पूछेंगे सवाल
वीडियो कॉलिंग के दौरान सभी विषयों के एक्सपर्ट बिहार बोर्ड के टॉपर्स से सवाल करेंगे. इसके लिए एक्सपर्ट की टीम का गठन भी कर लिया गया है. बताते चलें कि बिहार बोर्ड पिछले 2 साल से लगातार सबसे पहले रिजल्ट जारी करनेवाला बोर्ड साबित हो रहा है और रिकॉर्ड भी स्थापित कर रहा है, लेकिन इस बार लॉकडाउन की वजह से रिजल्ट में देरी जरूर हुई, बावजूद अगर 20 से 25 मई तक रिजल्ट जारी होता है तो फिर से बिहार बोर्ड इस बार भी सबसे पहले रिजल्ट जारी करने का रिकॉर्ड स्थापित करने में सफलता हासिल करेगा.
परीक्षा और मूल्यांकन बनी चुनौती
इस बार परीक्षा से लेकर मूल्यांकन का कार्य बोर्ड के लिए दोहरी चुनौती थी, क्योंकि पहले शिक्षकों की हड़ताल और फिर अचानक लॉकडाउन जैसी चुनौतियां सामने आ गई थीं. बावजूद इसके बोर्ड ने शिक्षकों की हड़ताल खत्म होते ही मूल्यांकन कार्यों में गति लाते हुए सबसे पहले रिजल्ट जारी करने का मन बनाया है. माना जा रहा है कि अगले 3 दिनों में मूल्यांकन खत्म होते ही टॉपर्स का वेरिफिकेशन का काम शुरू होगा. हालांकि लॉकडाउन की वजह से इस बार टॉपर्स को सशरीर बिहार बोर्ड कार्यालय नहीं बुलाया जाएगा, बल्कि वीडियो कॉलिंग के जरिये वेरिफिकेशन किया जाएगा.
वीडियो कॉल में एक्सपर्ट पूछेंगे सवाल
वीडियो कॉलिंग के दौरान सभी विषयों के एक्सपर्ट बिहार बोर्ड के टॉपर्स से सवाल करेंगे. इसके लिए एक्सपर्ट की टीम का गठन भी कर लिया गया है. बताते चलें कि बिहार बोर्ड पिछले 2 साल से लगातार सबसे पहले रिजल्ट जारी करनेवाला बोर्ड साबित हो रहा है और रिकॉर्ड भी स्थापित कर रहा है, लेकिन इस बार लॉकडाउन की वजह से रिजल्ट में देरी जरूर हुई, बावजूद अगर 20 से 25 मई तक रिजल्ट जारी होता है तो फिर से बिहार बोर्ड इस बार भी सबसे पहले रिजल्ट जारी करने का रिकॉर्ड स्थापित करने में सफलता हासिल करेगा.