मधेपुरा। साढ़े तीन साल में हाई कोर्ट के लगातार दवाब के बाद 20 प्रतिशत एनएच का निर्माण कराने वाली कंपनी क्या चार माह में बाकी 80 प्रतिशत कार्य पूरा कर पाएगी। विशेषज्ञ से लेकर संबंधित सभी लोग भी जान और मान रहे हैं कि यह असंभव है। जबकि हाई कोर्ट में एनएच विभाग व निर्माणकर्ता एजेंसी आइएलएफएस द्वारा अक्टूबर तक कार्य पूर्ण किए जाने की बात कही गई है। अभी लॉकडाउन को लेकर भी परेशानी आने की बात भी कही जा रही है। एनएच 106 के निर्माण कार्य का ठेका लेने वाली कंपनी के सुस्त चाल से तय समय सीमा तक 40 प्रतिशत कार्य भी होने की उम्मीद नहीं है। विभाग द्वारा किसी तरह 50 प्रतिशत कार्य हो पूरा किए जाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन निर्माणकर्ता एजेंसी के ढुलमुल रवैये से यह भी मुश्किल लग रहा है। ऐसे में तय समय सीमा के बाद हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सबों की नजर लगी रहेगी। 43 माह में मात्र 20 प्रतिशत हुआ कार्य अक्टूबर 2016 में भारत सरकार के केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने आइएलएफएस को एनएच 106 के प्रथम फेज के निर्माण कार्य का ठेका दिया। चार वर्षों में यानी इसी वर्ष अक्टूबर में कार्य को पूरा समाप्त कर लेना था। लेकिन साढ़े तीन वर्ष के दौरान निर्माणकर्ता कंपनी द्वारा मात्र 20 फीसदी सड़क ही बनाई गई है। 20 फीसदी सड़क का निर्माण भी तब हुआ है जब हाई कोर्ट लगातार मामले की निगरानी स्वयं कर रही है। कंपनी को इसी वर्ष अक्टूबर तक एनएच 106 के प्रथम फेज का निर्माण कार्य पूर्ण करना है। आइएलएफएस व एनएच विभाग ने हाई कोर्ट को भी यह लिखित में दिया हुआ है। बताते चले कि प्रथम फेज के तहत बीरपुर से लेकर उदाकिशुनगंज तक की 106 किलोमीटर सड़क का निर्माण होना है। 2019 से हाई कोर्ट कर रही निगरानी जनवरी 2019 से हाई कोर्ट लगातार एनएच 106 के निर्माण कार्य की मॉनीटरिग कर रही है। दरअसल हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एपी शाही वर्ष 29 दिसंबर 2018 को उदाकिशुनगंज अनुमंडल न्यायालय का निरीक्षण करने आए थे। उदाकिशुनगंज जाने के क्रम में ही वो सड़क की दुर्दशा से रूबरू हुए और सड़क की इस हालत पर आश्चर्य जताया था। वापस जाते ही उन्होंने हाई कोर्ट में स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई प्रारंभ की। तब से लगातार हाई कोर्ट इसकी मॉनीटरिग कर रही है। हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद आइएलएफएस ने 61 किलोमीटर एनएच के कार्य को सबलेट कर दिल्ली की एक कंपनी को दिया। कार्य प्रारंभ की गई। परंतु कार्य मे अपेक्षित गति नहीं है। कोट अक्टूबर 2020 तक बीरपुर से उदाकिशुनगंज तक एनएच 106 का निर्माण कार्य पूर्ण करना है। लेकिन अब तक मात्र 20 प्रतिशत निर्माण ही हो सका है। निर्माणकर्ता कंपनी के द्वारा अब तक किए गए कार्य के अनुसार अक्टूबर तक 50 प्रतिशत कार्य भी पूर्ण हो जाना उपलब्धि मानी जाएगी। विभाग लगातार ठेकेदार पर दबाव बनाए हुए है। सभी आवश्यक मदद भी कर रही है। -अरुण कुमार, कार्यपालक अभियंता
एनएच, मधेपुरा