पटना,/ एएनआइ। CoronaVirus Bihar: कोरोना संकट के काल में स्वास्थ्य विभाग की टीम पर जगह-जगह हमले हो रहे हैं। इस सिलसिले में नालंदा व दरभंगा में जनता दल यूनाइटेड के एक नेता सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनपर महिला स्वास्थ्यकर्मियों से बदसलूकी का आरोप है। दरभंगा में तो सर्वे के लिए गईं महिला स्वास्थ्यकर्मियों की साड़ी भी फाड़ दी गई। बिहार में ऐसी और भी कई घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय की सख्त चेतावनी भी बेअसर साबित हो रही है।
नालंदा में नर्स व सेविका से बदसलूकी में जेडीयू नेता गिरफ्तार
मुख्यमंत्री (CM) नीतीश कुमार (Nitish Kumar) कोरोना संकट (Corona Crisis) को दूर करने के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं, लेकिन उनकी पार्टी के ही कुछ नेता उनके मंसूबे पर पानी फेरने में लगे हैं। नालंदा (Nalanda) के सिलाव नगर पंचायत क्षेत्र की वार्ड संख्या छह में घर-घर स्क्रीनिंग में लगी नर्स (ANM) व आंगनबआड़ी सेविका (Sewika) के साथ जनता दल यूनाइटेड (JDU) के मंडल अध्यक्ष सतेंद्र चौधरी ने बदसलूकी करते हुए उन्हें खदेड़ दिया। बाद में पुलिस ने जेडीयू नेता को गिरफ्तार कर लिया।
खदेड़ दिया, भागकर बचाई जान
मिली जानकारी के अनुसार सिलाव नगर पंचायत वार्ड छह में बाइपास के समीप सर्वे में तैनात सेविका रेणु कुमारी एवं एएनएम माधुरी कुमारी को खदेड़ दिया गया। दोनों ने पास के एक घर में छिप कर जान बचाई। उन्होंने वरीय अधिकारियों को घटना की सूचना दी। इसके बाद थानाध्यक्ष मनोज कुमार, सीडीपीओ कविता कुमारी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पहुंचे। पुलिस ने वहां सर्वे का विरोध कर रहे सिलाव नगर मंडल युवा जेडीयू अध्यक्ष सतेंद्र चौधरी एवं एक अन्य मुकेश कुमार को गिरफ्तार (Arrest) कर लिया।
गाली-गलौज व मारपीट का आरोप
नर्स एवं सेविका ने बताया कि वे जैसे ही मुकेश कुमार के घर के दरवाजे पर गईं, सतेंद्र चौधरी आ धमका और बिना उनकी अनुमति के सर्वे को लेकर आपत्ति जताई। जब उसने रजिस्टर मांगा तो नहीं दिया। इसके बाद वह गाली-गलौज करने लगा तथा मारपीट करने का प्रयास किया।

शुक्रवार को दरभंगा में भी सर्वे में लगीं आशा कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया। घटना दरभंगा के चंदन पट्टी और भालपट्टी मोहल्लों में सर्वे के दौरान हुई। वहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने कुछ लोगों ने आशा कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की तथा उनके कागजात फाड़ दिए। आशा कार्यकर्ताओं के अनुसार उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए। आशा कार्यकर्ता वहां बाहर से आए लोगों की जानकारी जुटा रहीं थीं। प्रखंड विकास पदाधिकारी रवि सिन्हा व एसडीपीओ अनोज कुमार ने बताया कि घटना के सिलसिले में एक व्यक्ति को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया है।
औरंगाबाद व मोतिहारी में भी हो चुके हमले
विदित हो कि इसके पहले औरंगाबाद के गोह थाना क्षेत्र के एकौनी गांव में भी ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम पर हमला कर दिया था। उधर, मोतिहारी में भी कोरोना को ले जागरूक करने गए अधिकारियों पर हमले में बीडीओ घायल हो गए थे।
सरकार सख्त, डीजीपी का भी रूख कड़ा, पर हो रहीं घटनाएं
ऐसी घटनाओं को बिहार सरकार ने गंभीरता से लिया है। बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने भी बुधवार को कहा कि ऐसा करने वालों के नाम गुंडा रजिस्टर में डाले जाएंगे तथा उन्हें जेल में सड़ा देंगे। शुक्रवार को डीजीपी ने ऐसे असामाजिक तत्वों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने की भी घोषणा की। लेकिन ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं।
बिहार में अभी तक मिल चुके 85 कोरोना पाजिटिव मरीज
विदित हो कि बिहार में कोरोना का संक्रमण लगातार फैल रहा है। अभी तक संक्रमण के कुल 85 मामले सामने आ चुके हैं। दो कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत भी हो चुकी है।