सहरसा। कोरोना वायरस के संक्रमण से जारी जंग में मां की ममता पर लोगों की सेवा भारी पड़ रही है। लोगों की जान बचाने के लिए एक दंपति लगातार अपनी ड्यूटी बखूबी निभा रहे हैं।
पत्नी स्वास्थ्य महकमे में है तो पति बिहार पुलिस के जवान हैं। ये दोनों अपने छह माह व चार वर्ष की बेटी की फिक्र को छोड़कर इस जंग को जीतने में अनवरत जुटे हैं।
शहर के पुलिस लाइन में रहने वाले सन्नी कुमार एवं उनकी पत्नी लक्ष्मी कुमारी कहती है कि इस जंग को जीतने के लिए घरबार और बच्चे की चिता छोड़कर कर्तव्य का पालन कर रही हूं। लक्ष्मी सौरबाजार सीएचसी में नर्स है और वो रोज सुबह अपनी ड्यूटी के लिए निकल जाती है। विभिन्न क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे लोगों की सेवा करने के बाद शाम को घर लौटती है। जबकि पति सन्नी सिमरीबख्तियारपुर में पुलिस निरीक्षक कार्यालय में तैनात हैं। वे भी अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। दंपति ने बताया कि जब हमलोग ड्यूटी पर निकलते हैं तो बच्चों को साथ लेकर एक रिश्ते की मौसी के यहां जाते हैं और वहीं उसे छोड़ देते हैं। छोटे-छोटे बच्चों की फिक्र तो होती है लेकिन उससे अधिक अपनी जिम्मेवारी का एहसास रहता है। लक्ष्मी ने बताया कि दूध पीते बच्चे को छोड़कर लोगों की सेवा करने जाती हूं। ताकि इस जंग को जीता जा सके। कहा कि लोग नियमपूर्वक रहे और लॉकडाउन का पालन करें तो इस जंग को जीतने में आसानी होगी। वैसे, क्वारंटाइन सेंटर पर रोज लक्ष्मी लोगों से जूझती है। रह रहे लोगों के मन में उठ रहे सवालों को भी शांत करती है और उसमें उनकी अन्य सहयोगी भी साथ देती है।
लक्ष्मी कहती है कि करीब 14 किलोमीटर दूरी तय कर वह रोज ड्यूटी पर जाती है तो पति भी 22 किलोमीटर की दूरी पर जाकर अपनी ड्यूटी को निभा रहे हैं। कोरोना के इस योद्धा को लोग भी सलाम कर रहे हैं।