सहरसा। गुरुवार को जिलाधिकारी कौशल कुमार ने अनुमंडल मुख्यालय स्थित एसएफसी गोदाम का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रखंड के कुल 127 डीलरों में अबतक 70 डीलरों को खाद्यान्न की आपूर्ति नहीं किए जाने कड़ी फटकार लगाया। कहा कि संवेदक की लापरवाही के कारण अबतक डीलरों को खाद्यान्न की आपूर्ति अबतक संभव नहीं हो पाई है। डीएम ने कहा कि लॉकडाउन के कारण गरीब उपभोक्ताओं को अनाज की सख्त जरूरत है। 17 अप्रैल तक खाद्यान्न का वितरण हो जाना चाहिये था। मात्र छह गाड़ी से संवेदक के द्वारा खाद्यान्न का वितरण डीलर की दुकान तक करवाया जा रहा है। उन्होंने फटकार लगाते हुए कहा कि यही हाल रहा तो इस माह के अंत तक डीलर के पास राशन भिजवाना संभव नही हो पाएगा।
उन्होंने संवेदक को गाड़ी की संख्या बढ़ाने का निर्देश देते हुए कहा कि दो से तीन दिनों के अंदर डीलरों तक राशन पहुंचाना सुनिश्चित करें अन्यथा परिणाम भुगतने को तैयार रहे। बनमाइटहरी एवं सलखुआ की भी यही स्थिति देख कर संवेदक विजय कुमार यादव को भी डीएम ने कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि इसमें लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दो सप्ताह पूर्व एजीएम का पदभार ग्रहण करने वाले प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी पंकज मिश्र को भी निर्देश दिया कि खाद्यान्न लेकर आने वाले गाड़ी पर से खाद्यान्न लोड करवाकर उन्हें तुरंत लौटा दें। उन्होंने खाद्यान्न बंटवारे में विलंब के लिए एजीएम सहित अन्य जिम्मेवार पर कार्रवाई करने की बात कही। कहा ऐसे लोगो से जुर्माना भी वसुला जाएगा।
डीएम ने कई डीलरों के दुकानों का किया निरीक्षण
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डीएम के द्वारा नगर पंचायत स्थित डीलर मो. इसलाम एवं देवनंदन भगत के दुकानों का निरीक्षण किया। पंजी आदि की जांच की। उन्होंने खाद्यान्न का तेजी से वितरण कराने का निर्देश दिया। एक डीलर देवनंदन भगत ने डीएम के पूछे जाने पर बताया कि 50 किलो की जगह किसी बोरा मे 47 तो किसी मे 45 किलो ही अनाज आता है। इस अवसर पर एसडीओ वीरेन्द्र कुमार, एएसडीएम अश्विनी कुमार, बीडीओ सह प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मनोज कुमार, एजीएम पंकज मिश्र, सलखुआ के चंदन कुमार, संवेदक मनोज चौधरी सहित अन्य मौजूद थे।