सहरसा। आंधी और बारिश ने किसानों के खेत-खलिहान में रखी गेहूं की फसल खेत में लगी मकई की फसल को बर्बाद कर दिया। किसानों ने बताया कि खलिहानों में रखे गेहूं के बोझे में बारिश का पानी पड़ने के कारण गेहूं तैयारी का काम अवरुद्ध हो गया। दूसरी ओर खेत एवं खलिहानों में तैयार कर रखे मवेशी चारा भूसा व आंधी के कारण खलिहान से ही उड़ गया। तेज आंधी के कारण मक्का, आम व लीची के लगे टिकोले भी पेड़ से टूट गए। गरीबों की झोपड़ी भी उड़ गई है। तटबंध के अंदर डरहार, बकुनियां, सत्तौर, नौला, रसलपुर, हाटी, बिरजाईन, केदली आदि गांव में साढ़े चार सौ एकड़ भूमि में लगी मक्का, दलहन एवं तेलहन की फसल बर्बाद हो जाने से किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई। किसान मिल्टन ने बताया कि सुबह काल बनकर आंधी और बारिश आई। पूर्वी तटबंध पर गोड़पारा के समीप एक घर पर विशाल पेड़ उखड़ कर गिर गया। नवहट्टा मुख्यालय में आवासीय विद्या निकेतन का लगभग डेढ़ सौ फीट लंबा छप्पर उड़कर 25 फीट दूर खुले मैदान में जाकर गिरा।