मधुबनी। सहरसा से नेपाल जाने के क्रम में नेपाल की एक महिला व एक दो वर्ष की बच्ची समेत 11 लोग शनिवार को स्थानीय मिर्जापुर पहुंचे। एक साथ इतने बाहरी लोगों को देखते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। इस मामले की सूचना जिला कंट्रोल रूम को दी। कंट्रोल रूम से दूरभाष पर संदेश प्राप्त होते ही हरकत में आए बीडीओ आशुतोष कुमार, सीओ शुभेन्द्र कुमार झा, थानाध्यक्ष अमृत कुमार साह व पुअनि महेश प्रसाद यादव सदल बल मिर्जापुर पहुंचे। बीडीओ के निर्देश पर पहुंचे स्थानीय सीएचसी के आयुष चिकित्सक डॉ. मृत्युंजय कुमार व डॉ. सुनील कुमार ने सभी लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। जांच के बाद बीडीओ ने सिमरी पंचायत के मुखिया धीरेन्द्र पासवान को तलब किया। एहतियातन नेपाल के उक्त सभी नागरिकों को 14 दिनों के लिए पंचायत सरकार भवन सिमरी स्थित क्वारंटाइन सेंटर में रखने का निर्देश दिया। बीडीओ आशुतोष कुमार मजदूरों के जत्थे में शामिल दो बच्चियों को देख भावुक हुए। मानवता दिखाते हुए सेरेलक मंगवा कर मां को दिया। मौके पर मुखिया सविता कुमारी, पंसस महादेव रंगीला व बलराम सर्राफ भी थे।
बताया जाता है कि प्रखंड प्रशासन द्वारा क्वारंटाइन में भेजे गए उक्त सभी लोग सहरसा जिले में मेहनत-मजदूरी का काम करते हैं। वे लोग अपने गांव (नेपाल) जाने को ले सहरसा से वाया सुपौल-कुशेश्वरस्थान सकरी पहुंचे। फिर सकरी से चार पहिया वाहन से शनिवार को मिर्जापुर पहुंचे। वे सभी लोग पैदल आगे बढ़ने की जुगत में थे। इसी दौरान स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जिला कंट्रोल रूम को सूचना दे दी गई। क्वारंटाइन किए गए मजदूरों में नौ लोग नेपाल के महोत्तरी तथा दो लोग धनुषा जिले के निवासी बताए जाते हैं।