बिहार में गुरुवार को कोरोना वायरस पॉजिटिव के 11 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही राज्य में कोरोना पीड़ितों की संख्या बढ़कर 72 से 83 हो गई है। इस बीच, कोरोना पॉजिटिव वैशाली के युवक का इलाज करने वाले पटना के दो निजी अस्पताल और एक जांच केंद्र को सील कर दिया गया है। पटना डीएम कुमार रवि के निर्देश पर गुरुवार को यह कार्रवाई की गई।
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने गुरुवार को बताया कि 11 नए मरीजों में दो बक्सर जिले के रहने वाले हैं। वे पश्चिम बंगाल के आसनसोल से बक्सर आए थे। एक मरीज की उम्र 67 और दूसरे की 37 साल है। बाकी के नौ नए मरीज मुंगेर जिले के रहने वाले हैं। इनमें 55, 26, 22 और 20 साल की चार महिलाएं शामिल हैं। इन मरीजों में छह माह और दो साल की बच्चियां भी शामिल हैं। इसके अलावा 55, 40 और 38 साल के पुरुष भी हैं। ये सभी एक ही परिवार के हैं। बुधवार को मुंगेर से मिले कोरोना मरीज के संपर्क में आने से ये लोग संक्रमित हुए हैं। इससे पहले 9 अप्रैल को बिहार में एक दिन में सबसे ज्यादा 19 मरीज मिले थे।
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि मुंगेर के छह लोगों में कोरोना की पुष्टि गुरुवार को दिन में हुई थी। ये सभी एक ही परिवार के हैं। देर रात मुंगेर के ही छह माह की बच्ची, 22 वर्षीय महिला सहित तीन और मरीज के पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई। ये तीनों बुधवार को मिले कोरोना पॉजिटिव 60 साल के बुजुर्ग के परिवार के हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में अबतक कुल 8834 सैंपल की जांच की गई है। इनमें 8754 सैंपल निगेटिव पाए गए हैं, जबकि चार रद्द किए गए।
अब 13 जिलों में कोरोना का संक्रमण
बिहार के पूर्व में 11 जिले ही कोरोना के संक्रमण वाले थे। अब दो नए जिलों- वैशाली और बक्सर में भी मरीज के मिलने से संक्रमित जिलों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। सबसे ज्यादा 29 मरीज सीवान जिले में मिले हैं। अब 17 मरीजों के साथ मुंगेर दूसरा सबसे प्रभावित जिला बन गया है। बेगूसराय में 8 और पटना में 6 मरीज मिले हैं।
एक जांच केंद्र भी बंद, सील अस्पतालों में मजिस्ट्रेट तैनात
पटना जिले के जो दो अस्पताल सील किए गए हैं उनमें खुसरूपुर का सेंट्रल अस्पताल और पटना बाइपास का पॉपुलर अस्पताल शामिल है। राजेंद्र नगर सब्जी मंडी स्थित मैक्स डायग्नोस्टिक जांच केंद्र को भी प्रशासन ने सील कर दिया है। डीएम कुमार रवि ने बताया कि दोनों सील अस्पतालों के बाहर मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है। वहां आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। एम्स पटना में भर्ती होने से पहले कोरोना पॉजिटिव युवक ने इन अस्पतालों में अपना इलाज कराया था। डायग्नोस्टिक केंद्र पर जांच कराई थी। इसके अलावा मीठापुर बंगाली टोला के सोना डायग्नॉस्टिक केंद्र के एक लैब टेक्निशियन भी युवक की जांच करने गया था, जिसे क्वारंटाइन कर दिया गया है। वैशाली के राघोपुर का युवक 23 मार्च को खुसरूपुर के अस्पताल में भर्ती हुआ था। वहां चार-पांच दिन रहा था। उसके बाद वह बाइपास स्थित पॉपुलर अस्पताल में भर्ती हुआ था। वहां से हालत बिगड़ने के बाद वह पटना एम्स गया था। वह ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित था।