आइजीआइएमएस में अब नहीं होगा कोरोना मरीजों का इलाज, सिर्फ सैंपल के जांच किये जायेंगे
आइजीआइएमएस में अब कोरोना का कोई संदिग्ध मरीज भर्ती नहीं होगा. इसे आइसोलेशन वार्ड और फ्लू कार्नर को भी बंद कर दिया जायेगा. सरकार ने इसे नान कोविड 19 अस्पताल बनाने का फैसला किया है. इसके पीछे सोच है कि कोरोना के इस संकट में भले ही कोरोना से मौत एक ही हुई है लेकिन हार्ट अटैक, किडनी फेल्योर, कैंसर जैसी दूसरी गंभीर बीमारियों से राज्य के सैकड़ों मरीजों की जान जा चुकी है. ऐसे में आइजीआइएमएस जैसे सुपर स्पेशियलिटी वाले अस्पताल को कोविड को कोविड 19 के मरीजों या संदिग्धों से दूर रखना जरूरी है. ताकि बिना किसी बाधा के हार्ट, किडनी, गैस्ट्रो आदि के गंभीर मरीजों को इलाज मिल सके.
- Updated at: March 31, 2020 at 8:51 AM
पूरे बिहार में विदेश से आये 2376 की हुई पहचान
पूरे बिहार में विदेशों से आये 2376 लोगों की फिलहाल पहचान की गयी है. जिसमें पटना जिले के 107, भागलपुर के 135, अररिया के दो, औरंगाबाद के पांच, सुपौल के तीन, मधेपुरा के 11, पूर्वी चंपारण के 70, पश्चिमी चंपारण के 74, सारण के 96, गया के 135, मधुबनी 95, मुजफ्फरपुर के 173, रोहतास के 10, समस्तीपुर के 105, वैशाली के 6, पूर्णिया के एक, दरभंगा के 28, कटिहार के तीन, नवादा के 43, बेगूसराय के सात,नालंदा के 206, बक्सर के पांच, मुंगेर के 18, अरवल के एक, जहानाबाद के 20, कैमूर के 12, बांका के चार, लखीसराय के एक, शिवहर के चार व सहरसा के पांच शामिल हैं
विदेश से पटना आये 937 लोगों पर प्रशासन की नजर
पटना : खाड़ी व अन्य देशों से फरवरी और मार्च माह में पटना पहुंचे 107 लोगों की पहचान कर ली गयी है. इन सभी पर जिला प्रशासन की नजर है. इनका पूरा डिटेल जिला प्रशासन व सिविल सर्जन के पास उपलब्ध है. इन सभी की जांच कराने की प्रक्रिया की जा रही है. इसके साथ ही इन्हें घर में ही एकांत में रहने का आग्रह किया गया है. इसके साथ ही विदेशों से लौटे अन्य की पहचान की प्रक्रिया जारी है. पूरे बिहार में विदेशों से आये 2376 लोगों की फिलहाल पहचान की गयी है.
बिहार में एक जिले से दूसरे जिले में भी नहीं होगी इंट्री
बिहार में लॉकडाउन को पूरी तरह से प्रभावी करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ- साथ झारखंड और यूपी को जोड़ने वाले सभी रास्तों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है. पुलिस अब एक जिले से दूसरे जिले में भी नहीं जाने दे रही है. इमरजेंसी और फल, दवा, सब्जी के अलावा किसी भी प्रकार के वाहनों, लोगों की आवाजाही पर पूर्णतया रोक लगा दी गयी है.
13 हजार प्रवासी मजदूरों को एक दिन में भेजा गया घर
देशभर में लगे लॉकडाउन के दौरन दूसरे राज्यों से अपने घर आ रहे बिहारवासियों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए विशेष बसों की व्यवस्था की गयी है. सोमवार को कैमूर, गोपालगंज, सीवान और नवादा समेत बिहार के विभिन्न बॉर्डरों पर आये 13 हजार लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग करने के बाद 350 बसों से उन्हें विभिन्न जिलों में भेजा गया.
पटना में होटलों को बनाया जायेगा क्वारेंटाइन सेंटर
बिहार में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामले के बाद अब पटना के दो दर्जन होटलों को क्वारेंटाइन सेंटर बनाया जायेगा. इसके अलावे कई सरकारी भवनों व विभागों को भी क्वारेंटाइन सेंटर में तब्दील किया जायेगा. इसे लेकर होटलों के मालिकों के साथ जिलाधिकारी कुमार रवि की वार्ता आयोजित की गयी . बताया जाता है कि फिलहाल पटना जिले में होम क्वेरेंटाइन की संख्या 3843 है, जबकि विदेश यात्रा से आने वाले व्यक्तियों की संख्या 937 है. इनमें से 107 का सत्यापन पूरा कर लिया गया है. बाकी के पहचान के लिए प्रखंड व नगर निकायों से प्राप्त डाटा का सत्यापन किया जा रहा है.