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सहरसा। सोमवार की सुबह ट्रक,हाफ डाला मालवाहक, हाइवा, बस सहित अन्य वाहनों से दूसरे राज्यों से अपने घर पहुंचे मजदूरों ने प्रखंड प्रशासन और ग्रामीणों की चिता बढ़ा दी है। अहले सुबह से लोगों थाना को सूचना दी जाती रही किस वाहन से कितनी संख्या में पहुंच रहे हैं। ऐसे जलई ओपी पुलिस और महिषी थाना पुलिस द्वारा बाहर से आए सभी वाहनों और उसपर सवार मजदूरों को चौकीदार के साथ सहरसा स्टेडियम जांच के लिए भेजा गया। बाहर से आने वाले मजदूर जिस प्रकार ट्रक, हाफडाला मालवाहक वाहन, हाइवा में सवार थे उसे देखते यही लग रहा था कि वो बहुत भयभीत थे। मजदूरों की इतनी बड़ी संख्या को देखकर प्रशासन ने अपने वरीय अधिकारी को इसकी सूचना दी और वहां से मिले निर्देश के आलोक में सभी को सहरसा स्टेडियम के लिए भेज दिया।प्राप्त जानकारी के अनुसार महिसरहो पंचायत के सरौनी गांव और लखनी गांव के लगभग दो सौ मजदूर वापस गांव पहुंचे हैं। जिन्हें महिषी थाना पुलिस द्वारा सहरसा भेजा गया। वहीं जलई ओपी प्रभारी द्वारा चार ट्रक और एक बस में भरे मजदूरों को सहरसा भेजा गया। मजदूरों ने पूछने पर बतलाया कि लॉकडाउन के कारण काम नहीं मिलने और आपदा के समय परिवार के साथ रहने की जिज्ञासा के कारण ही वो लोग गांव आ गए।
सहरसा। सोमवार की सुबह ट्रक,हाफ डाला मालवाहक, हाइवा, बस सहित अन्य वाहनों से दूसरे राज्यों से अपने घर पहुंचे मजदूरों ने प्रखंड प्रशासन और ग्रामीणों की चिता बढ़ा दी है। अहले सुबह से लोगों थाना को सूचना दी जाती रही किस वाहन से कितनी संख्या में पहुंच रहे हैं। ऐसे जलई ओपी पुलिस और महिषी थाना पुलिस द्वारा बाहर से आए सभी वाहनों और उसपर सवार मजदूरों को चौकीदार के साथ सहरसा स्टेडियम जांच के लिए भेजा गया। बाहर से आने वाले मजदूर जिस प्रकार ट्रक, हाफडाला मालवाहक वाहन, हाइवा में सवार थे उसे देखते यही लग रहा था कि वो बहुत भयभीत थे। मजदूरों की इतनी बड़ी संख्या को देखकर प्रशासन ने अपने वरीय अधिकारी को इसकी सूचना दी और वहां से मिले निर्देश के आलोक में सभी को सहरसा स्टेडियम के लिए भेज दिया।प्राप्त जानकारी के अनुसार महिसरहो पंचायत के सरौनी गांव और लखनी गांव के लगभग दो सौ मजदूर वापस गांव पहुंचे हैं। जिन्हें महिषी थाना पुलिस द्वारा सहरसा भेजा गया। वहीं जलई ओपी प्रभारी द्वारा चार ट्रक और एक बस में भरे मजदूरों को सहरसा भेजा गया। मजदूरों ने पूछने पर बतलाया कि लॉकडाउन के कारण काम नहीं मिलने और आपदा के समय परिवार के साथ रहने की जिज्ञासा के कारण ही वो लोग गांव आ गए।
चोरी छुपे अपने घर पहुंच रहे हैं लोग
सहरसा। सोमवार की सुबह से अंचल क्षेत्रों के विभिन्न हिस्सों में दिल्ली से पलायन कर रहे स्थानीय लोगों का काफिला पहुंचना शुरू हो गया है।ट्रकों में भर-भर कर पहुंच रहे लोगों का जत्था सीमावर्ती खगड़िया जिले के माली चौक स्थित एनएच 107 पर उतरकर पांव पैदल ही पूर्वी पंचायतों के अपने घरों पर जा रहे हैं। प्रशासन के डर से ऐसे लोग मक्का लगे खेतों की पगडंडियों पर चलकर आराम से अपने घरों तक पहुंच रहे हैं। ऐ
सा ही दो ट्रकों में यूपी के नोएडा से लगभग सौ से डेढ़ सौ लोगों के जत्थे को सोनवर्षा एनएच 107 स्थित देहद मोड़ पर आमजनों द्वारा रोका गया। जिसमें अंचल क्षेत्र के सहशौल वार्ड नंबर छह के नोएडा से आए 43 लोगों सहित सौरबाजार थाना क्षेत्र खोपैती ,पतरघट तथा महिषी क्षेत्र के लोग शामिल थे। जत्थे में महिला पुरुष तथा छोटे छोटे बच्चे भी पिछले दो दिनों से भूखे थे। स्थानीय थानाध्यक्ष मो अकमल हुसैन ने दोनों ट्रकों को मनौरी चौक पर रोककर ट्रकों पर सवार सभी लोगों को चेंज फाँर श्योर संस्था की मदद से नाश्ता करवाया गया तथा पुलिस अभिरक्षा में सहरसा स्थित आइसोलेशन केंद्र भिजवाया। उक्त बाबत सोनवर्षा बीडियो कैलाशपति मिश्र ने बताया कि इन सभी लोगों को सहरसा स्टेडियम पदाधिकारियों के साथ भेजा गया है।

