कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।
लॉकडाउन का पालन सुनिश्चित कराने के दौरान शायद पुलिस कर्मी बार-बार इस बात को नजरअंदाज कर दे रहे हैं कि मरीजों और आवश्यक सेवा से जुड़े लोगों को इसमें राहत दी गयी। कई जगहों पर अस्पताल जाने या फिर लौट रहे मरीजों के परिजनों के साथ न केवल सख्ती दिखायी गयी बल्कि मरीज की हालत दिखाए जाने के बाद भी डंडे से पिटाई कर उससे उठक-बैठक भी कराया गया। इतना ही नहीं डाक सेवा से जुड़े कर्मियों की भी पुलिसकर्मियों ने पिटाई कर दी। पुलिस कर्मियों ने उनकी बाइक को रोक कर हवा भी निकाल दी।
लॉकडाउन के दौरान शुक्रवार को शहर में अधिकांश वैसे लोग ही सड़क पर दिखाई दिए जिन्हें आवश्यक कार्य से घर से बाहर निकलने की मजबूरी हुई। हालांकि प्रशासनिक सख्ती के दौरान अस्पताल जा रहे या फिर डॉक्टर से इलाज करा कर लौट रहे कई मरीजों और उसके परिजनों को पुलिस कर्मियों का कोपभाजन बनना पड़ा।
कॉलेज चौक स्थित पेट्रोल पंप के पास शुक्रवार को अस्पताल से पैर के जख्म का इलाज कराकर लौट रहे एक मरीज की गलती सिर्फ इतनी ही थी कि बाइक चलाने के लिए अलग से एक व्यक्ति को चालक के रूप में साथ लेना पड़ा। हालांकि बाइक पर मरीज के पिता भी सवार थे। पेट्रोल पंप के पास पहुंचते ही पुलिस कर्मियों ने उसे घेर लिया। मरीज द्वारा स्थिति की जानकारी देने और अस्पताल की पर्ची दिखाने के बाद भी पुलिस कर्मी नहीं माने।
पहले तो लगातार डंडे चलाए और फिर बाइक चालक को नीचे उतार कर उठक- बैठक कराया। ऐसे कई मामले शुक्रवार को दिनभर देखने को मिले। अस्पताल से महिला को बाइक पर बैठाकर ले जा रहे एक व्यक्ति को भी पुलिस कर्मियों का कोपभाजन बनना पड़ा। कॉलेज चौक पर पुलिस कर्मियों ने बाइक रुकवाई और बीमार महिला को गाड़ी से नीचे उतरने को कहा। अस्पताल की पर्ची दिखाए जाने के बाद थोड़ी देर तक नोकझोंक भी हुई। बाद में उसे जाने दिया गया। कई ऐसे मरीज भी परेशान हो रहे हैं जो पेट दर्द या अन्य बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टर के पास जा रहे हैं। वैसे लोगों को भी कई जगहों पर परेशानी हो रही है जो मौखिक रूप से नाम बताकर संबंधित बीमारी की दवा लेने दवा दुकान जाना चाहते हैं।
