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Wednesday, February 19, 2020

BIHAR NEWS:हड़ताल पर शिक्षक: परीक्षा ड्यूटी से इनकार, दो शिक्षक हुए बर्खास्त

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पूरे राज्य में सिर्फ पटना जिले में दो शिक्षकों को वीक्षण कार्य से इनकार करने पर बर्खास्त कर दिया गया है। इन दोनों शिक्षकों को मैट्रिक परीक्षा के वीक्षण कार्य में लगाया गया था, लेकिन हड़ताल की वजह से दोनों ने ज्वाइन करने से इनकार दिया। इसके बाद इनसे 17 फरवरी को स्पष्टीकरण पूछा गया और उसी दिन शाम को नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश भी पटना के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने दिया। इन दोनों शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज करने का भी आदेश दिया गया है। जिन शिक्षकों को बर्खास्त करने का आदेश दिया गया है, उनमें मालसलामी मध्य विद्यालय नुरूद्दीनगंज के शिक्षक मनोज कुमार ( स्नातक विज्ञान प्रशिक्षित) और पटना सदर के चकारम मध्य विद्यालय के सहायक शिक्षक मो. मुस्तफा आजाद शामिल हैं। मो. मुस्तफा को मैट्रिक परीक्षा में ड्यूटी के लिए बीएमपी-5 उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रतिनियुक्त किया गया था, जबकि मनोज कुमार को मारवाड़ी उच्च विद्यालय में प्रतिनियुक्त किया गया था। इन दोनों शिक्षकों पर विभागीय निर्देश की अवहेलना करने और वार्षिक माध्यमिक परीक्षा -2020 में असहयोग करने का आरोप है। 
शिक्षक संघ
नियोजित शिक्षक पुराने शिक्षकों की तरह वेतनमान, पुरानी सेवा शर्त एवं राज्य कर्मी का दर्जा देने, अनुकंपा के आधार पर आश्रितों को शिक्षक के पद पर पूर्व की भांति बहाल करने, प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद सृजित कर प्रोन्नति के आधार पर पदस्थापन आदि मांगों को लेकर प्राथमिक और मध्य विद्यालय शिक्षक 17 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। अपनी मांगें पूरी होने तक आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। संघ का कहना है कि वे कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। 
शिक्षा विभाग
शिक्षा मंत्री का कहना है कि उच्चतम न्यायालय केस में अपना फैसला दे चुका है। ऐसे में शिक्षकों के हड़ताल पर जाने का कोई मतलब नहीं है। शिक्षा विभाग और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई  का आदेश जारी किया जा चुका है, जिसमें निलंबन और बर्खास्तगी भी शामिल है। यहीं नहीं, जो शिक्षक मैट्रिक परीक्षा में वीक्षण कार्य करने से इनकार करते हैं, उन पर प्राथमिकी भी दर्ज करानी है। 
बर्खास्तगी पर सवाल
1- बर्खास्तगी की कार्रवाई से पहले कर्मचारी से स्पष्टीकरण पूछा जाता है। यहां स्पष्टीकरण पूछा गया, लेकिन जवाब देने के लिए समय ही नहीं दिया गया।
2- परीक्षा में बाधा डालने का आरोप लगाकर प्राथमिकी भी दर्ज करने का आदेश दिया गया है, लेकिन शिक्षकों का कहना है कि वे तो परीक्षा देने से किसी को रोक ही नहीं रहे तो बाधा कैसी।
3- हड़ताल पर गए शिक्षकों का कहना है कि किसी तरह की कार्रवाई सिर्फ नियोजन करनेवाली ईकाई ही कर सकती है। किस स्थिति में वे निलंबित किए जाएंगे और किस स्थिति में बर्खास्त, यह भी तय है। 
शिक्षकों की हड़ताल का असर
- कई जिलों से खबर है कि वहां तैनात गैर शैक्षणिक कर्मी वीक्षण कार्य में असमर्थ  साबित हो रहे हैं।
- नियोजित शिक्षक यदि पूरी तरह हड़ताल पर चले गए तो मैट्रिक कॉपी के मूल्यांकन में दिक्कत आएगी।
- जिस स्कूल में ज्यादातर नियोजित शिक्षक हैं, वहां पठन-पाठन पूरी तरह ठप है।
- स्कूल बंद होने की वजह से बच्चों को मध्याह्न भोजन भी नहीं मिल पाएगा। ज्यादातर बच्चे इसी वजह से स्कूलों में आते हैं। 
वीक्षण कार्य से अलग रहनेवाले दो शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है। उन पर जो भी कार्रवाई की गई है वह सरकार के आदेश के आलोक  में ही की गई है।
-ज्योति कुमार, डीईओ, पटना