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गोपालगंज/बेगूसराय। इंटर परीक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में योगदान नहीं देना शिक्षकों को महंगा पडऩे लगा है। कर्तव्यहीनता और मूल्यांकन कार्य बाधित करने को लेकर गोपालगंज में 118 शिक्षकों को निलंबित कर दिया। वहीं बेगूसराय में 178 नियोजित शिक्षकों को निलंबित किया गया है। साथ ही, वित्तरहित 314 शिक्षकों पर एफआइआर का आदेश जारी किया गया है।
इधर, पटना में गुरुवार को जिन 70 शिक्षकों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई गई थी, उन पर निलंबन की कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
इंटर परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लगाए गए शिक्षकों के योगदान नहीं देने को कर्तव्यहीनता तथा मूल्याकंन कार्य बाधित करना मानते हुए गोपालगंज के जिला शिक्षा पदाधिकारी संघमित्रा वर्मा ने 118 शिक्षकों को निलंबित कर दिया।
इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग तथा प्रधान सचिव पंचायती राज विभाग के निर्देश के आलोक में की गई है।
बेगूसराय में जिला शिक्षा विभाग ने एकमुश्त 492 शिक्षकों पर कार्रवाई का आदेश दिया है। डीइओ देवेंद्र कुमार झा ने बताया कि कॉपी जांच में बाधा पहुंचाने वालों पर कार्रवाई की गई है। इसमें 178 नियोजित शिक्षकों के नियोजन इकाई को निलंबित करने का आदेश दिया गया है। जबकि 314 वित्तरहित कॉलेज के शिक्षकों पर एफआइआर दर्ज कराने के लिए नगर थाना को लिखा गया है। इसमें जेके इंटर स्कूल में 189 वित्तरहित शिक्षकों की ड्यूटी लगी थी, जिसमें सभी पर एफआइआर का आदेश दिया गया है।
इसके अलावा अन्य मूल्यांकन केंद्रों पर कुछ वित्तरहित और कुछ नियोजित शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। मूल्यांकन कार्य के लिए बीपी स्कूल में बनाए गए केंद्र-1 के 45 और केंद्र-2 के 28 नियोजित शिक्षक निलंबित होंगे। इसी प्रकार ओमर बालिका उच्च विद्यालय के 71 तथा एसबीएसएस कॉलेज के 34 शिक्षकों को निलंबित किया जाएगा। इन केंद्रों पर वित्तरहित सभी गैर हाजिर शिक्षकों पर एफआइआर भी होगी।
