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जिले के लोगों ने नववर्ष की शुरुआत पूजा-अर्चना के साथ की। हालांकि मंगलवार की देर रात से ही जश्न शुरू हो गया। लोग आतिशबाजी के साथ नववर्ष का स्वागत किया।
12 बजने के साथ ही एक-दूसरे को मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरू हुआ। लोगों ने फोन व सोशल मीडिया के जरिये अपनों को नये वर्ष की शुभकामनाएं दीं। कड़ाके के ठंड के बीच उत्साह उमंग में सरोबार लोगों ने जमकर नववर्ष का आनंद लिया। सुबह से ही लोग घरों से निकलकर पूजा-अर्चना के लिए धार्मिक स्थल और जश्न मनाने के लिए पसंदीदा पिकनिक स्पाट पहुंचने लगे। श्रद्वालुओं का आने का सिलसिला दोपहर तक चलता रहा है। हालांकि मौसम की बेरुखी की वजह से अधिकांश लोग कुछ देर से निकले। लोगों को सूर्य निकलने की आशा थी। लेकिन दोपहर बाद भी सूर्य के नहीं निकलने पर लोग गर्म कपड़े पहनकर शहर स्थित मत्स्यगंधा रक्त काली मंदिर, महिषी उग्रतारा मंदिर, मटेश्वर धाम, बनगांव स्थित संत लक्ष्मीनाथ गोसांई, देवना वाणेश्वर मंदिर, संत कारू खिरहरि मंदिर, गायत्री शक्तिपीठ, विराटपुर चंडी स्थान, दिवारी स्थान सहित अन्य मंदिरों में पहुंचने लगे। हालांकि सुबह हुई हल्की बूंदाबांदी के कारण लोगों को बारिश का डर सताने लगे। उसके बाद निकली हल्की धूप को देखकर लोग पिकनिक स्पॉट की ओर रवाना होने लगे।
श्रद्धालुओंं ने मंदिरों में पूजा-अर्चना कर नये वर्ष में सुख समृद्वि की कामना की और देवी-देवताओं से आशीर्वाद लिया।कई लोगों ने बलुआहा पुल, कोसी महासेतू, दरभंगा स्थित कुशेश्वर स्थान, वीरपुर बैराज पहुंचकर नये साल का जश्न मनाया। शहर के मत्स्यगंधा काली मंदिर में चल रहे महायोगिनी मेला का भी लोगों ने जमकर आनंद लिया। जिले के अधिकांश जगहो से बड़ी संख्या में दिनभर लोगों का मंदिर आने-जाने का सिलसिला चलता रहा। शाम में भी मंदिरों में भीड़ देखी गयी। प्रशासन की ओर से भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
जमकर हुआ संदेशों का आदान-प्रदान : नववर्ष के स्वागत में सबसे ज्यादा ट्रेंड सोशल मीडिया रहा। मंगलवार की रात से लोगों का एक दूसरे को शुभकामना देने का शुरू हुआ दौर बुधवार को लगातार जारी रहा। सोशल मीडिया के विभिन्न साइट्स पर लोगों ने एक दूसरे को शुभकामनाएं दी। खासकर युवाओं ने इसका जमकर इस्तेमाल किया। एक-दूसरे को शुभकामना देने का सबसे आसान और सबसे तेज तरीका लोगों के आम दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है
