Kosi Live-कोशी लाइव वायरल न्यूज़:दुबई में मांगी नौकरी तो अधिकारी ने दिया जवाब- CAA के खिलाफ शाहीन बाग जाओ, खूब होगी कमाई - Kosi Live-कोशी लाइव

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Monday, January 27, 2020

वायरल न्यूज़:दुबई में मांगी नौकरी तो अधिकारी ने दिया जवाब- CAA के खिलाफ शाहीन बाग जाओ, खूब होगी कमाई

कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।

दुबई. केरल के एक युवक ने दुबई (Dubai) में नौकरी मांगी तो उसे अजीबोगरीब जवाब सुनने को मिला. कंपनी ने उन्हें सलाह दी कि वो नौकरी के बजाय दिल्ली के शाहीन बाग (Shaheen Bagh ) में जाकर प्रदर्शन करें. दक्षिणी दिल्ली के इस इलाके में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ करीब डेढ़ महीने से लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

ई-मेल हुआ वायरलकेरल के रहने वाले 23 साल के अब्दुल्ला एसएस ने मैकेनिकल इंजीनियर की पोस्ट के लिए एप्लीकेशन दिया था. दुबई के अखबार द गल्फ न्यूज़ के मुताबिक वहां एक कंसल्टेंसी फर्म के सीनियर अधिकारी जयंत गोखले ने ईमेल करते हुए लिखा, 'मैं सोच रहा था कि आपको नौकरी की क्या जरूरत है?


दिल्ली जाओ और वहां शाहीन बाग में चल रहे धरने में शामिल हो जाओ. हर दिन आपको मुफ्त में एक हज़ार रुपये मिलेंगे. इसके अलावा मुफ्त में बिरयानी. चाय, खाना और मिठाइयां भी मिलेंगी.'

  वायरल हुआ मेल
गोखले का ये ई-मेल वायरल हो गया है. हालांकि न्यूज़18 हिन्दी इस मेल की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है. वहीं गल्फ न्यूज़ के मुताबिक, अब्दुल्ला का कहना कि वह इस मेल को देखकर हैरान हैं. उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आखिर कोई कैसे इस तरह की बातें लिख सकता है. अब्दुल्ला ने कहा कि उसने इस मेल को कुछ दोस्तों के साथ शेयर किया था, जो बाद में वायरल हो गया. उन्होंने कहा कि वह इस पर किसी तरह का विवाद नहीं चाहते हैं. उन्हें बस नौकरी की जरूरत है. इस बीच सोशल मीडिया पर लोग गोखले के खिलाफ एक्शन लेने की मांग कर रहे हैं. लोगों की दलील है कि वो धर्म के आधार पर नौकरी में भेदभाव कर रहे हैं.

गोखले की सफाईगल्फ न्यूज़ से बात करते हुए गोखले ने कहा कि वो बीमार हैं और उसके मेल को लोग जबरदस्ती का मुद्दा बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस मेल के जरिये उनका मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था, 'मैंने अबदुल्ला से पहले ही माफी मांग ली है'.

पैसे मिलने का दावाबता दें कि पिछले दिनों बीजेपी के प्रवक्ता अमित मालवीय ने ट्वीट करते हुए दावा किया था कि शाहीन बाग में CAA के खिलाफ प्रदर्शन में लोगों को हर रोज़ 500 रुपये मिलते हैं. हालांकि उनके दावे को प्रदर्शन करने वालों ने सीरे से खारिज कर दिया था.