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सहरसा। अगर कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी काम नामुमकिन नहीं है। कुछ इसी तरह की मिसाल दे रहे हैं दोनों पैरों से दिव्यांग नवहट्टा पूर्वी पंचायत के राजकुमार दास ने।
राजकुमार ने नवहट्टा हाई स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। उसके कुछ दिन के बाद ही अचानक उसके कमर में दर्द हुआ और दोनों पैर काम करना छोड़ दिया । गरीबी से जूझ रहे स्वजनों ने इलाज करवाया लेकिन वह सही नहीं हो सका। बीमारी के दौरान ही उसने इंटर की परीक्षा भी उत्तीर्ण की। पढ़कर कुछ बनने का सपना संजोए हुए था। दिव्यांग राजकुमार ने समाज के लिए कुछ करने की ठानी और आसपास के बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया इसमें से कई बच्चे गरीबी के कारण कोई फीस नहीं देते और नि:शुल्क पढ़ाई करते हैं। प्रत्येक दिन अपने घर पर बच्चों की क्लास लगाते और प्रारंभिक शिक्षा देकर उसे शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ते हैं। उसके इस जज्बे को सलाम करते हुए नवरस के एस एस हिमांशु ने कहा कि मुश्किलों भाग जाना आसान होता है, हर पहलू जिंदगी का इम्तिहान होता है। डरने वालों को मिलता नहीं कुछ जिंदगी में, लड़ने वालों के कदमों में जहां होता है। उन्होंने कहा कि परेशानियों से भागना नहीं चाहिए। आज वो ना केवल समाज के लिए बल्कि परिवार के लिए कुछ कर पा रहे हैं। कन्या मध्य विद्यालय नवहट्टा में खुशबू कुमारी, आशा कुमारी, रिकी कुमारी, नूतन कुमारी आदि अपनी बेहतर पढ़ाई का श्रेय इन्हें ही देते हैं। आदर्श मध्य विद्यालय का सत्यम कुमार, आलोक कुमार, संजीव कुमार विद्यालय में अव्वल स्थान इन्हीं के पढ़ाई के बल पर लाते हैं।
