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हेमंत कुमार:
आर्थिक तंगी से परेशान आकर बेलदौर मछली बाजार निवासी स्वर्गीय महावीर राम के करीब 56 वर्षीय पुत्र ओमप्रकाश राम उर्फ लोला राम बेडरूम में रखे बोरसी अलाव में गिरकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली। धूवा की चिंगारी देख बच्चों ने शोरगुल किया, तब परिजन किवारी तोड़कर कमरे में प्रवेश किया, तब तक लोलाराम पूर्ण तरह से जलकर प्राण छोड़ दिए थे। लोलाराम की जलने से मौत पर उनके परिवारों में साथ-साथ उनके शुभचिंतकों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं उनके मरने की सूचना सुनकर स्थानीय प्रमुख विकास कुमार, वार्ड सदस्य छब्बू शर्मा, उप मुखिया प्रतिनिधि गौरव कुमार बिरजू, पैक्स अध्यक्ष आशीष कुमार विदुर समेत दर्जनों ग्रामीण उनके आवास पर पहुंचकर उनके परिजनों को सांत्वना दी। मृतक ओमप्रकाश राम की शिक्षिका पत्नी निधि भारती ने बताई कि मेरे पति करीब 1 वर्षों से लंबी बीमारी से ग्रसित थे। आर्थिक तंगी से तंज होकर मेरे पति ने आग में जलकर हत्या कर ली। जिस समय यह घटना घटी उस समय में अपने विद्यालय में कार्यरत थी। सूचना मिलने पर आनन-फानन में घर पहुंचा जब अपने पति को मरा हुआ अवस्था में देख तो चित्कार भरी शब्दों में अपने छोटे-छोटे बच्चे को पकड़कर रोने लगी। उन्होंने बताई की एक भी लड़की का शादी पिता नहीं कर पाए। अब मेरे पीछे किसी का सहारा नहीं रहा, यह अपने पीछे 4 लड़कियां एवं एक लड़का एवं पत्नी को छोड़कर चल बसे।
हेमंत कुमार:
आर्थिक तंगी से परेशान आकर बेलदौर मछली बाजार निवासी स्वर्गीय महावीर राम के करीब 56 वर्षीय पुत्र ओमप्रकाश राम उर्फ लोला राम बेडरूम में रखे बोरसी अलाव में गिरकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली। धूवा की चिंगारी देख बच्चों ने शोरगुल किया, तब परिजन किवारी तोड़कर कमरे में प्रवेश किया, तब तक लोलाराम पूर्ण तरह से जलकर प्राण छोड़ दिए थे। लोलाराम की जलने से मौत पर उनके परिवारों में साथ-साथ उनके शुभचिंतकों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं उनके मरने की सूचना सुनकर स्थानीय प्रमुख विकास कुमार, वार्ड सदस्य छब्बू शर्मा, उप मुखिया प्रतिनिधि गौरव कुमार बिरजू, पैक्स अध्यक्ष आशीष कुमार विदुर समेत दर्जनों ग्रामीण उनके आवास पर पहुंचकर उनके परिजनों को सांत्वना दी। मृतक ओमप्रकाश राम की शिक्षिका पत्नी निधि भारती ने बताई कि मेरे पति करीब 1 वर्षों से लंबी बीमारी से ग्रसित थे। आर्थिक तंगी से तंज होकर मेरे पति ने आग में जलकर हत्या कर ली। जिस समय यह घटना घटी उस समय में अपने विद्यालय में कार्यरत थी। सूचना मिलने पर आनन-फानन में घर पहुंचा जब अपने पति को मरा हुआ अवस्था में देख तो चित्कार भरी शब्दों में अपने छोटे-छोटे बच्चे को पकड़कर रोने लगी। उन्होंने बताई की एक भी लड़की का शादी पिता नहीं कर पाए। अब मेरे पीछे किसी का सहारा नहीं रहा, यह अपने पीछे 4 लड़कियां एवं एक लड़का एवं पत्नी को छोड़कर चल बसे।
