कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।
*मधेपुरा/सहरसा:कोशी जोन में आसानी से मिल जाती हैं कोडीन युक्त कप सिरप।
*मधेपुरा, सिंघेश्वर, उदाकिशुनगंज इन सब जगहों पर धरर्ले से हो रही हैं बिक़डी।
*इसके सेवन से बढ़ रही है क्राइम
*अबतक इसपर रोक लगाने में प्रशासन रहा विफल।
सहरसा। शराब बंदी के बाद वैकल्पिक नशा के रूप में कोडिन युक्त कफ सिरप का उपयोग क्षेत्र में बढ़ने लगा है। जिससे सिरप के कारोबारियों को खासी कमाई हो रही है। लेकिन प्रशासन इसे रोकने में अबतक नाकाम साबित हो रही है। कारू खिरहर मंदिर से सटे कोसी का किनारा हो अथवा प्रखंड परिसर के पीेछे कफ सिरप के खाली बोतल यूं ही दिख जाते है। इसकी आपूर्ति कहां से हो रही है इसपर रोक नहीं लग रहा है। जानकारी के अनुसार कोसी बांध पर कई दुकानों में यह सिरप बेचा जा रहा है।।
शराबबंदी के बाद कोडिन युक्त कफ सिरप की बिक्री में काफी इजाफा हुआ है। सूत्रों की मानें तो इसका नशे के रुप में इस्तेमाल किया जाता है। लोगों को आसानी से यह सिरप मिल भी जाता है। खासकर युवा वर्ग की यह पहली पसंद है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी कई बार पुलिस ने कोडिन युक्त कफ सिरप भारी मात्रा में बरामद किया। परंतु इसका खेप अब भी मंगाया जा रहा है। वहीं चिकित्सक डा. रंजेश सिंह कहते हैं कि इस सिरप का अधिक इस्तेमाल जीवन के लिए खतरनाक है। नशे में रुप में इसका इस्तेमाल करने से कई तरह के रोग हो सकता है।
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| फ़ाइल फ़ोटो। |
*मधेपुरा/सहरसा:कोशी जोन में आसानी से मिल जाती हैं कोडीन युक्त कप सिरप।
*मधेपुरा, सिंघेश्वर, उदाकिशुनगंज इन सब जगहों पर धरर्ले से हो रही हैं बिक़डी।
*इसके सेवन से बढ़ रही है क्राइम
*अबतक इसपर रोक लगाने में प्रशासन रहा विफल।
सहरसा। शराब बंदी के बाद वैकल्पिक नशा के रूप में कोडिन युक्त कफ सिरप का उपयोग क्षेत्र में बढ़ने लगा है। जिससे सिरप के कारोबारियों को खासी कमाई हो रही है। लेकिन प्रशासन इसे रोकने में अबतक नाकाम साबित हो रही है। कारू खिरहर मंदिर से सटे कोसी का किनारा हो अथवा प्रखंड परिसर के पीेछे कफ सिरप के खाली बोतल यूं ही दिख जाते है। इसकी आपूर्ति कहां से हो रही है इसपर रोक नहीं लग रहा है। जानकारी के अनुसार कोसी बांध पर कई दुकानों में यह सिरप बेचा जा रहा है।।
शराबबंदी के बाद कोडिन युक्त कफ सिरप की बिक्री में काफी इजाफा हुआ है। सूत्रों की मानें तो इसका नशे के रुप में इस्तेमाल किया जाता है। लोगों को आसानी से यह सिरप मिल भी जाता है। खासकर युवा वर्ग की यह पहली पसंद है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी कई बार पुलिस ने कोडिन युक्त कफ सिरप भारी मात्रा में बरामद किया। परंतु इसका खेप अब भी मंगाया जा रहा है। वहीं चिकित्सक डा. रंजेश सिंह कहते हैं कि इस सिरप का अधिक इस्तेमाल जीवन के लिए खतरनाक है। नशे में रुप में इसका इस्तेमाल करने से कई तरह के रोग हो सकता है।
