कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।
जुलूस की अगुवाई करते हुए पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक देश की जनता के हित में है। भारत में रहने वाले लोग चाहे वो हिन्दू हो या मुसलमान, एक साथ रहते हैं। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जी ने भी देश को सदन से भरोसा दिलाया है और बार-बार कहा है कि इस ़कानून से देश की जनता को कोई परेशानी नहीं होगी, चाहे वो किसी भी धर्म का हो। जहां तक बात एनआरसी की रही तो वह अभी लागू भी नहीं हुआ और न ही उसका रूपरेखा तैयार हुई है। फिर भी उस पर हंगामा करना और देश में हिसा करना उचित नहीं है। जो अवैध घुसपैठ करने वाले लोग हैं। उनके लिए एनआरसी है। असम में एनआरसी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर हुआ है, लेकिन विपक्षी पार्टियां इस पर भ्रांति फैला रही हैं। पूर्व विधायक डा. आलोक रंजन एवं पूर्व विधायक संजीव कुमार झा ने कहा कि यह विधेयक देश हित में उठाया गया कदम है। जिससे लोगों का भला होगा। विरोध के नाम पर हिसा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा जिलाध्यक्ष दिवाकर कुमार सिंह एवं बीएन मंडल विश्वविद्यालय के सिडीकेट सदस्य प्रो. गौतम कुमार ने विधेयक की सराहना करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर भीड़ को जुटा कर लोगों को जो बरगलाने का काम चल रहा है, सरकार उस पर भी ध्यान रखे। एनआरसी और सीएए दोनों मुस्लिम विरोधी नहीं है, बल्कि देश हित में है। जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से गुजरकर कलेक्ट्रेट तक पहुंचा। जहां विधायक सहित पूर्व विधायक ने संबोधित किया तथा जिलाधिकारी को ज्ञापन समर्पित किया।
सहरसा। मंगलवार को नागरिकता संशोधन विधेयक के समर्थन में शहर में लोगों को विशाल जुलूस निकला। शहर के एमएलटी सहरसा कॉलेज से निकले जुलूस में शामिल लोगों का हुजूम बढ़ता ही चला गया। रास्ते में जिसने जुलूस को देखा उसमें शामिल होते चले गए। खासकर दुकानदारों ने बढ़-चढ़ कर इसमें हिस्सा लिया और नागरिकता संशोधन विधेयक के समर्थन में नारेबाजी की। जुलूस में अधिकांश युवा थे। जिनके हाथों में तिरंगा था। जुलूस इतनी अधिक लंबी थी कि वीर कुंवर सिंह चौक से लेकर समाहरणालय तक भीड़ लगी रही।
जुलूस का मुख्य रूप से नेतृत्व करते हुए विधायक नीरज कुमार बबलू ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लाए गए ़कानून'नागरिकता संशोधन कानून 2019'का हम स्वागत करते हैं। यह कानून नागरिकता देने वाला है, लेने वाला नहीं। यह कानून किसी धर्म के विरोध में नहीं है, इससे भारत में रहने वाले हिन्दू, मुसलमान, सिख, ईसाई व अन्य समुदाय, कोई प्रभावित नहीं होता है। इस ़कानून से बाहर से यानी पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान से आये अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के लिए है, जिनका वहाँ शोषण, उत्पीड़न होता है। उन शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए ये कानून बना है। मगर, विपक्षी पार्टी खासकर कांग्रेस, राजद, वामपंथी विचारधारा वाली पार्टियों द्वारा लगातार प्रचारित किया जा रहा है कि यह ़कानून मुसलमान एवं गरीब विरोधी है। जबकि सच्चाई यह नहीं है। सच्चाई यह है कि नागरिकता संशोधन कानून 2019 लोगों को न्याय देने वाला है। जहां तक बात मुसलमान की है तो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में मुसलमान अल्पसंख्यक नहीं हैं और वे इस्लामिक देश हैं। धर्म के आधार पर बने हुए देश हैं।
---------------------
50 फीट का तिरंगा रहा आकर्षण का केंद्र
शहर में निकले विधेयक के समर्थन में निकाले गए जुलूस में डीजे पर देशभक्ति गीतों पर युवाओं की टोली थिरकते हुए आगे बढ रही थी। वहीं जुलूस में शामिल 50 फीट का तिरंगा शहरवासियों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना रहा। इस जुलूस की खासियत यह रही कि जुलूस में शामिल सभी लोगों पर देशभक्ति का जज्बा दिख रहा था। इस जुलूस में मुख्य रूप से चिल्ड्रेन स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राम सुंदर साहा, वार्ड पार्षद संतोष मुंगेरी, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि चंद्रकांत झा टीपू सहित नन्हें सिंह, प्रणव मिश्रा, विजय बसंत सिंह, शारदा कांत झा, सुमन शांडिल्य, रौशन झा, सुजीत सान्याल, लुकमान अली, शशिशेखर सम्राट,कुश कुमार मोदी, अभिषेक वर्द्धन, रंजीत चौधरी, अधिवक्ता रविभूषण मुन्ना, रामजी गुप्ता, राजीव रंजन साह, सत्यम चौहान, गौरव सिंह परिहार, सौरभ वत्स, कन्हैया , राजवीर सिंह, अभिषेक सिंह, संगम सिंह, हरिओम सिंह, मोनू झा,रौशन कुंवर, रौनक सिंह, त्रिभुवन सिंह, कंचन सिंह, भवेश सिंह छोटू, भानु सिंह, आशीष सिंह, अश्विनी सिंह, मनीष कुमार, चुन्नू सिंह, चंदन सिंह, उमाशंकर गुप्ता अमर ज्योति जयसवाल, शिवम यादव, आनंद सिंह, राहुल सिंह, अश्विनी चौबे ,अमरजीत सिंह, रंजीत दास, इंद्रभूषण केशरी, गौतम भगत, अमरेंद्र तिवारी, कलटू रॉय, प्रदीप साह, पप्पू सिंह, मुकुल भारती, अमित भगत,अमन गुप्ता, कुंदन गुप्ता, सौरव मिश्रा, संतोष गुप्ता, सुरेश साह, सुशील गुप्ता, आदि मौजूद थे।


