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मधेपुरा। गुवाहाटी से बरौनी के बीच चल रहे गैस पाइप लाइन का काम मुआवजा नहीं मिलने से आक्रोशित किसानों ने रोक दिया।
मालूम हो कि गुवाहाटी से बरौनी के चल रहे गैस पाइप लाइन प्रखंड क्षेत्र के लक्ष्मीपुर लालचंद- परमानंदपुर गांव के बीच से गुजर रही है। किसानों के खेतों से होकर जा रहे गैस पाइप लाइन के एवज में किसानों ने उचित मुआवजा की मांग को लेकर गैस पाइप लाइन के काम को रोक दिया है। किसानों का कहना है कि
बरौनी-गुवाहटी गैस पाइप लाइन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। लेकिन किसी प्रकार की मुआवजा राशि की जानकारी विभागीय स्तर से जानकारी नहीं दी गई है। जबकि पाइप लाइन के दोनों ओर लगभग बीस- बीस मीटर भूमि पर कई तरह के रोक लगाने की जानकारी मिल रहीं है। बताया जाता है कि पाइप लाइन के दोनों ओर अधिग्रहित बीस-बीस मीटर की दूरी पर पौधारोपण, पक्की मकान, तालाब, कुआं, बांध एवं ट्यूबवेल प्रतिबंधित है। लेकिन खेती करने पर किसी तरह का रोक नहीं रहेगा। भूमि पर संबधित किसानों का ही अधिकार रहेगा। परन्तु किसानों का आरोप है कि उनके भूमि से उनका हक छीना जा रहा है। वहीं भूमि का मुआवजा को लेकर किसी प्रकार की जानकारी भी नहीं दी जा रहीं है। कुछ किसानों का कहना है कि इंटरनेट के माध्यम से जानकारी मिली है कि मुआवजा की राशि काफी कम है। उचित मुआवजा नहीं मिलने पर हमलोगों पेट्रोलियम व खनिज पाइपलाइन बिछाने का विरोध करेगें। पाइप लाइन बिछाने वाले स्थल पर लोजद नेता आलोक यादव के नेतृत्व में किसान भोला यादव, विंदेश्वरी ठाकुर, प्रमिला देवी, साबो देवी, नरेश झा, सुबोध झा, अनुराधा देवी, विकेंद्र पासवान, अनुष्ठा देवी, ममता देवी एवं अन्य ने विरोध में जमकर नारेबाजी की। वहीं गेल इंडिया लिमिटेड के राजस्व पदाधिकारी मुन्ना कुमार ने बताया कि विभागीय प्रक्रिया कर किसानों के स्वेच्छा से चिन्हित भूमि का अधिग्रहण किया गया है। भारत सरकार की गजट के आलोक में केन्द्रीय सरकार इसमें पेट्रोलियम एंड मिनरल भूमि अधिग्रहण अधिनियम 1962 के अंतर्गत भेजी गई नोटिस के आधार पर भूमि अधिग्रहण की जा रही है। जिस किसान के जमीन से पाइप लाइन जाएगी उसे उतने जमीन के लिये 40 प्रतिशत मुआवजा व फसल का सौ प्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा। विकास कार्य को बाधित करने की मंशा से कुछ नेता किसानों को बहका रहे हैं।
