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सहरसा। समझो- समझाओ देश बचाओ यात्रा के दूसरे चरण में शनिवार को सहरसा पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री सह रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सीएए और एनआरसी के नाम पर केंद्र सरकार और एनडीए लोगों को गुमराह कर रही है। इसमें कहीं से भी भाजपा से कम दोषी नीतीश कुमार नहीं हैं। आज देश में आर्थिक संकट पर बहस करने, गरीबों के बच्चों को अच्छी तालीम देने, अपराध, बलात्कार आदि पर बहस करने के बजाय दूसरी बातों पर बहस हो रही है। एनडीए द्वारा लोगों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है। कहा कि यह लाखों विदेशियों को एक साथ नागरिकता देने का कानूनी संशोधन है, जिससे हमारे देश के मुसलमानों का ही नहीं बल्कि हर जाति, धर्म के लोगों की हकमारी होगी। उन्होंने लोगों से इस साजिश को समझने व एकजुट होकर विरोध करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस कानून के जरिए पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकों को भारत की नागरिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझना जरूरी है कि एनआरसी के जरिए भारत के 130 करोड़ लोगों की नागरिकता का सबूत मांगा जाएगा। जो अपने बाप-दादाओं के खेत-खलिहान के कागजात नहीं दिखा पाए, उन्हें विदेशी घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विदेशी नागरिकों की चिता तो कर रही है, लेकिन देश के लोगों को रोजगार मुहैया कराने और उनका जीवन स्तर सुधारने के लिए गंभीर नही है। रालोसपा नेता ने कहा कि केंद्र की सरकार देश के युवाओं को रोजगार देने, दलितों, पिछड़ों और वंचितों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य देने की बजाय विदेशियों की चिता कर रही हैं। सरकार को हिदुस्तानियों के बजाय विदेशियों की चिता है। कहा कि सीएए और एनआरसी का प्रभाव देश के वंचितों, पिछड़े-अतिपिछड़ों, दलित-महादलितों, आदिवासियों और मुसलमानों पर पड़ेगा। इसके जरिए आरएसएस अपना एजेंडा लागू कर दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों को मिलने वाला आरक्षण समाप्त करने की साजिश रच रही हैं। मुसलमानों के नाम पर देश के लोगों को भ्रम में डालकर देश के वंचित समाज के अधिकारों पर डाका डालने की योजना पर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि रालोसपा इस खतरे से लोगों को आगाह करने आई है। इस खतरे को समझें और भाजपा के झांसे में न आएं। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संसद के दोनों सदनों में विधेयक का समर्थन किया और लोगों के बीच एनआरसी का विरोध करने के नाम पर नौटंकी कर रहे है। उनका यह दोहरा चरित्र है, सदन में भाजपा के साथ और सदन के बाहर वंचितों-पिछड़ों-मुसलमानों के साथ होने का नाटक। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री कहते हैं कि एनआरसी और एनपीआर अलग-अलग है। लेकिन एनआरसी और एनपीआर में कोई अंतर नहीं है। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने सीएए, एनआसी और एपनीआर को लेकर रालोसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष से कई सवाल पूछे। उन्होंने इसका उत्तर देकर लोगों को संतुष्ट किया। रालोसपा जिलाध्यक्ष शिवेन्द्र कुमार जिशु ने अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत अन्य नेताओं का स्वागत किया। मौके पर राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश यादव, अभियान समिति के प्रदेश अध्यक्ष जीतेन्द्र नाथ, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष चंदन बागची, विनोद चौधरी निषाद, रालोसपा महिला प्रकोष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष स्वीटी प्रिया, आरिफ हुसैन, छात्र रालोसपा जिलाध्यक्ष शंकर कुमार सहित दर्जनों नेता मौजूद रहे।
सहरसा। समझो- समझाओ देश बचाओ यात्रा के दूसरे चरण में शनिवार को सहरसा पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री सह रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सीएए और एनआरसी के नाम पर केंद्र सरकार और एनडीए लोगों को गुमराह कर रही है। इसमें कहीं से भी भाजपा से कम दोषी नीतीश कुमार नहीं हैं। आज देश में आर्थिक संकट पर बहस करने, गरीबों के बच्चों को अच्छी तालीम देने, अपराध, बलात्कार आदि पर बहस करने के बजाय दूसरी बातों पर बहस हो रही है। एनडीए द्वारा लोगों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है। कहा कि यह लाखों विदेशियों को एक साथ नागरिकता देने का कानूनी संशोधन है, जिससे हमारे देश के मुसलमानों का ही नहीं बल्कि हर जाति, धर्म के लोगों की हकमारी होगी। उन्होंने लोगों से इस साजिश को समझने व एकजुट होकर विरोध करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस कानून के जरिए पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकों को भारत की नागरिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझना जरूरी है कि एनआरसी के जरिए भारत के 130 करोड़ लोगों की नागरिकता का सबूत मांगा जाएगा। जो अपने बाप-दादाओं के खेत-खलिहान के कागजात नहीं दिखा पाए, उन्हें विदेशी घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विदेशी नागरिकों की चिता तो कर रही है, लेकिन देश के लोगों को रोजगार मुहैया कराने और उनका जीवन स्तर सुधारने के लिए गंभीर नही है। रालोसपा नेता ने कहा कि केंद्र की सरकार देश के युवाओं को रोजगार देने, दलितों, पिछड़ों और वंचितों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य देने की बजाय विदेशियों की चिता कर रही हैं। सरकार को हिदुस्तानियों के बजाय विदेशियों की चिता है। कहा कि सीएए और एनआरसी का प्रभाव देश के वंचितों, पिछड़े-अतिपिछड़ों, दलित-महादलितों, आदिवासियों और मुसलमानों पर पड़ेगा। इसके जरिए आरएसएस अपना एजेंडा लागू कर दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों को मिलने वाला आरक्षण समाप्त करने की साजिश रच रही हैं। मुसलमानों के नाम पर देश के लोगों को भ्रम में डालकर देश के वंचित समाज के अधिकारों पर डाका डालने की योजना पर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि रालोसपा इस खतरे से लोगों को आगाह करने आई है। इस खतरे को समझें और भाजपा के झांसे में न आएं। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संसद के दोनों सदनों में विधेयक का समर्थन किया और लोगों के बीच एनआरसी का विरोध करने के नाम पर नौटंकी कर रहे है। उनका यह दोहरा चरित्र है, सदन में भाजपा के साथ और सदन के बाहर वंचितों-पिछड़ों-मुसलमानों के साथ होने का नाटक। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री कहते हैं कि एनआरसी और एनपीआर अलग-अलग है। लेकिन एनआरसी और एनपीआर में कोई अंतर नहीं है। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने सीएए, एनआसी और एपनीआर को लेकर रालोसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष से कई सवाल पूछे। उन्होंने इसका उत्तर देकर लोगों को संतुष्ट किया। रालोसपा जिलाध्यक्ष शिवेन्द्र कुमार जिशु ने अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत अन्य नेताओं का स्वागत किया। मौके पर राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश यादव, अभियान समिति के प्रदेश अध्यक्ष जीतेन्द्र नाथ, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष चंदन बागची, विनोद चौधरी निषाद, रालोसपा महिला प्रकोष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष स्वीटी प्रिया, आरिफ हुसैन, छात्र रालोसपा जिलाध्यक्ष शंकर कुमार सहित दर्जनों नेता मौजूद रहे।

