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Wednesday, November 6, 2019

बिहार:देश का तीसरा सर्वाधिक प्रदूषित शहर बना पटना, दिल्‍ली से भी ज्‍यादा जहरीली हुई हवा

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अक्की।
बिहार में वायु प्रदूषण के हालात गंभीर बने हुए हैं। राजधानी पटना की बात करें तो यहां की हवा दिल्‍ली से भी जहरीली हो गई है। यह देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। बिहार में मुजफ्फरपुर और गया की हवा में भी प्रदूषण का स्‍तर चिंताजनक हो गया है।
पटना में पीएम 2.5 का स्‍तर 414 माइक्रोग्राम
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5) का स्तर पटना में 414 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड किया गया है। इस तरह पटना देश में सबसे अधिक वायु प्रदूषण वाले कानपुर और लखनऊ के बाद तीसरा सर्वाधिक प्रदूषित शहर बन गया है। उधर, बिहार के मुजफ्फरपुर में पीएम 2.5 स्तर 385 माइक्रोग्राम और गया में 325 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड किया गया।

पीएम 2.5 का स्तर पांच दिनों में दूसरी पार चार सौ पार
बीते पांच दिनों की बात करें तो चार नवंबर को पटना में पीएम 2.5 का स्तर सर्वाधिक 428 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड किया गया था। मंगलवार को पटना में पीएम 2.5 का स्‍तर दूसरी बार चार सौ के पार गया। मुजफ्फरपुर में पीएम 2.5 का स्‍तर लगातार तीन सौ के पार बना हुआ है। गया में भी यह लगातर बढ़ रहा है। मंगलवार को वहां पांच दिनों के अंदर दूसरी बार पीएम 2.5 का स्‍तर तीन सौ के पार गया।
बिहार में प्रदूषण के कारण, एक नजर
बिहार में प्रदूषण के आंकड़ों की बात करें तो धूलकण से 12 फीसद तथा पुआल जलाने से सात फीसद प्रदूषण होता है। डीजल जेनरेटर पांच फीसद तो ईंट भट्ठे चार फीसद प्रदूषण के लिए जिम्‍मेदार हैं। नगरीय क्षेत्रों में वाहन व औद्योगिक प्रतिष्‍ठान भी वायु प्रदूषण के बड़े कारण हैं।
सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिए उठाए कदम
सरकार वायु प्रदूषण को रोकने के लिए गंभीर है। इसके लिए मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की अध्‍यक्षता में हुई बैठक में कई कड़े व बड़े फैसले लिए गए। राज्‍य में 15 साल पुराने सभी सरकारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी गई है। साथ ही पटना में 15 साल पुराने व्‍यावसायिक वाहन नहीं चलेंगे। 15 साल पुराने निजी वाहनों को प्रदूषण नियंत्रण का प्रमाण पत्र लेना होगा। सरकार ने पुआल जलाने पर प्रतिबंध लगाते हुए ऐसा करने वाले किसानों को सरकारी लाभ नहीं देने का भी फैसला किया है। ये सभी फैसले सात नवंबर से लागू हो रहे हैं।