कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।
साहित्य__की__अलख__जगा__रही :- पाण्डेय जी
हिंदी साहित्य की अलख जगाने के हर समय त्तपर्य रहने वाली लेखिका गुलशन पाण्डेय की छवि आज कम ही समय में उच्च स्तर तक पहुँच चुकी है ।आज पाण्डेय जी की रचना आए दिनों राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होती है जिसमें कई कहानी , कविता , लेख ,आलेख शामिल है ।इनकी प्रमुख रचनाओं में प्रमुख -गीत संगीत ,अल्फ़ाज़ हो तुम ,नारी को सम्बल बनाएँगे ,समर्पण ,अजब खेल है मौसम के ,मेरी जिंदगी तुम्हीं से , मेरे अल्फाज ,बहती नदियाँ , मेरा बचपन ,तुम, प्रेम की लगन,लहरों से पूछों इत्यादि कविताएँ और पश्चाताप के आँसू ,बदले की भावना जैसी कहानी से सुसज्जित रचनाओं से भरे पड़े है ।
साहित्य क्षेत्र में मधेपुरा जिले और अपने राज्य बिहार का नाम एक सुनहरे अक्षरों में लिख रही साहित्यकार शिक्षिका इंटर प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने के बाद कई वर्षों तक पढ़ाई छोड़ने के उपरांत आज फिर नई उत्साह के साथ स्नातक की डिग्री हासिल करने की होड़ में लगी हुई है साथ ही नारीयों में एक नई अलग अलख जगा रही है।पाण्डेय जी को आए दिनों बधाईयों और शुभकामनाएं विभिन्न क्षेत्रों के सम्पादक और पाठक के द्वारा मिलते रहते है ।आप पाण्डेय जी की रचनाओं का आनंद सोशल मीडिया पर ले सकते है ।
साहित्य__की__अलख__जगा__रही :- पाण्डेय जी
![]() |
| लेखिका:गुलशन पाण्डेय। |
हिंदी साहित्य की अलख जगाने के हर समय त्तपर्य रहने वाली लेखिका गुलशन पाण्डेय की छवि आज कम ही समय में उच्च स्तर तक पहुँच चुकी है ।आज पाण्डेय जी की रचना आए दिनों राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होती है जिसमें कई कहानी , कविता , लेख ,आलेख शामिल है ।इनकी प्रमुख रचनाओं में प्रमुख -गीत संगीत ,अल्फ़ाज़ हो तुम ,नारी को सम्बल बनाएँगे ,समर्पण ,अजब खेल है मौसम के ,मेरी जिंदगी तुम्हीं से , मेरे अल्फाज ,बहती नदियाँ , मेरा बचपन ,तुम, प्रेम की लगन,लहरों से पूछों इत्यादि कविताएँ और पश्चाताप के आँसू ,बदले की भावना जैसी कहानी से सुसज्जित रचनाओं से भरे पड़े है ।
साहित्य क्षेत्र में मधेपुरा जिले और अपने राज्य बिहार का नाम एक सुनहरे अक्षरों में लिख रही साहित्यकार शिक्षिका इंटर प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने के बाद कई वर्षों तक पढ़ाई छोड़ने के उपरांत आज फिर नई उत्साह के साथ स्नातक की डिग्री हासिल करने की होड़ में लगी हुई है साथ ही नारीयों में एक नई अलग अलख जगा रही है।पाण्डेय जी को आए दिनों बधाईयों और शुभकामनाएं विभिन्न क्षेत्रों के सम्पादक और पाठक के द्वारा मिलते रहते है ।आप पाण्डेय जी की रचनाओं का आनंद सोशल मीडिया पर ले सकते है ।
![]() |
| रिपोर्ट - मनकेश्वर महाराज "भट्ट" |

