कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।
अक्की।
पटना. बिहार में इस वर्ष मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन गंगा (Ganga) और उसकी सहायक नदियों में नहीं हो सकेगा. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के विशेष दिशा निर्देश पर ये आदेश जारी किया गया है. गंगा में विसर्जन करने वाले पूजा समितियों से प्रशासन जुर्माना वसूलेगी. ट्रिब्यूनल के इस विशेष दिशा-निर्देश से पूजा समिति (Durga Puja Committee) के सदस्यों को अवगत करा दिया गया है. इस मामले को लेकर पटना में भी विभिनन जगहों पर अधिकारियों की बैठक हुई जिसमें पूजा समिति के सदस्य भी रहे. इस बैठक में ट्रिब्यूनल के आदेश से पूजा समिति के सदस्यों को अवगत कराया गया.
नदी से सटे इलाकों में बनाए गए घाट
पटना के सिटी इलाके में भद्र घाट के पास प्रशासन द्वारा दो तालाब बनाए जा रहे हैं, जिसमें मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा. गंगा के किनारे पर बसे अन्य शहरों में भी प्रतिमा विसर्जन के लिए शहर के गंगा घाटों पर अस्थायी तालाब बनवाये जा रहे हैं. मंगलवार को विसर्जन होने के कारण सोमवार को ही इन जगहों पर अस्थायी तालाबों का निर्माण कर लिया जाना है.
मंगलवार को सभी पंडालों में नहीं होगा विसर्जन
सोमवार को नवमी है मंगलवार को बजे से मूर्ति विसर्जन शुरू हो जाएगा. इस बार ज़िला प्रशासन ने मूर्ति पंडाल आयोजकों को निर्देश दिया है कि मूर्ति गंगा की बजाए बनाए जा रहे तालाबों में विसर्जन किया जाए. प्रशासन के इस निर्देश को आयोजक भी पसंद कर रहे हैं और साथ ही इस बात से ख़ुश भी है की इससे गंगा प्रदूषण मुक्त होगा.
जागरूकता के लिए लगाए गए बैनर
एनजीटी के आदेश और लोगों को बदली विसर्जन व्यवस्था की जानकारी देने के लिए शहर के प्रमुख पूजा पंडालों और घाटों की ओर जाने वाले रास्ते में जगह जगह होर्डिंग लगाए जा रहे हैं जिनमें जानकारी दी जायेगी. जानकारी के मुताबिक जो लोग इस नियम का उल्लंघन करेंगे और नदी में विसर्जन करने का प्रयास करेंगे, उन पर एफआईआर दर्ज कर 50 हजार रुपये जुर्माना राशि वसूली जायेगी. दंड की ये राशि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिया जायेगा.
पटना में हैं 1200 से अधिक पंडाल
राजधानी पटना की बात करें तो शहर में 12 सौ से अधिक पूजा पंडाल हैं. चुकि इस बार विजयादशमी मंगल को है इस कारण कई पूजा पंडाल विसर्जन नहीं करेंगे. हालांकि पटना समेत अन्य शहरों में मूर्ति विसर्जित करने की तिथि का उल्लेख पूजा समितियों को लाइसेंस लेते समय ही करना पड़ता है.
अक्की।
नदी से सटे इलाकों में बनाए गए घाट
विज्ञापन
पटना के सिटी इलाके में भद्र घाट के पास प्रशासन द्वारा दो तालाब बनाए जा रहे हैं, जिसमें मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा. गंगा के किनारे पर बसे अन्य शहरों में भी प्रतिमा विसर्जन के लिए शहर के गंगा घाटों पर अस्थायी तालाब बनवाये जा रहे हैं. मंगलवार को विसर्जन होने के कारण सोमवार को ही इन जगहों पर अस्थायी तालाबों का निर्माण कर लिया जाना है.
मंगलवार को सभी पंडालों में नहीं होगा विसर्जन
सोमवार को नवमी है मंगलवार को बजे से मूर्ति विसर्जन शुरू हो जाएगा. इस बार ज़िला प्रशासन ने मूर्ति पंडाल आयोजकों को निर्देश दिया है कि मूर्ति गंगा की बजाए बनाए जा रहे तालाबों में विसर्जन किया जाए. प्रशासन के इस निर्देश को आयोजक भी पसंद कर रहे हैं और साथ ही इस बात से ख़ुश भी है की इससे गंगा प्रदूषण मुक्त होगा.
जागरूकता के लिए लगाए गए बैनर
विज्ञापन
एनजीटी के आदेश और लोगों को बदली विसर्जन व्यवस्था की जानकारी देने के लिए शहर के प्रमुख पूजा पंडालों और घाटों की ओर जाने वाले रास्ते में जगह जगह होर्डिंग लगाए जा रहे हैं जिनमें जानकारी दी जायेगी. जानकारी के मुताबिक जो लोग इस नियम का उल्लंघन करेंगे और नदी में विसर्जन करने का प्रयास करेंगे, उन पर एफआईआर दर्ज कर 50 हजार रुपये जुर्माना राशि वसूली जायेगी. दंड की ये राशि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिया जायेगा.
पटना में हैं 1200 से अधिक पंडाल
राजधानी पटना की बात करें तो शहर में 12 सौ से अधिक पूजा पंडाल हैं. चुकि इस बार विजयादशमी मंगल को है इस कारण कई पूजा पंडाल विसर्जन नहीं करेंगे. हालांकि पटना समेत अन्य शहरों में मूर्ति विसर्जित करने की तिथि का उल्लेख पूजा समितियों को लाइसेंस लेते समय ही करना पड़ता है.

