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छातापुर।सुपौल।से संतोष कुमार भगत की रिपोर्ट
उधमपुर पंचायत में आज भी सड़क और नदियों पर पुल पुलिया के आभाव है। इसको लेकर यहां के ग्रामीण पगडंडी नुमा सड़क से जैसे तैसे आवागमन करने के लिये मजबूर है। लेकिन पंचायत वासियों के दर्द सुनने वाला कोई नही है। इधर बारिश के समय मे कीचड़मय स्थिति उत्पन्न है। इसको लेकर पांव पैदल चलने में भी परेशांनी हो रही है। इसी को लेकर पंचायत के लोगों ने एक जुट होकर रविबार को प्रदर्शन किया। दर्जनों की संख्या में पंचायत के लोगों ने उधमपुर प्रतापगंज मार्ग के बीच मे पड़ने वाली मीरचैया नदी के पास पहुंचकर अपने क्षेत्र के विकाश के लिये आवाज बुलंद किया। यहां बताते दे कि इस पंचायत के वार्ड 4 स्थित साहू टोला ,मंडल, माली समेत शर्मा टोला के लोगों का रोना है कि विकाश के इस दौर में भी उनके गावो का कायाकल्प के लिए कोई जनप्रतिनिधि रूचि नहीं दिखा रहे है |जनप्रतिनिधि के उपेक्षा पूर्ण निति के कारण गाव के लोग आज भी पगडण्डी और बालू मिटटी से पटे जर्जर ईंट सोलिंग सड़क से आवागमन करने के लिए विवश है |इसका सीधा असर पंचायत लोगों को झेलना पड़ता है |ग्रामीण सोनू कुमार, रवि कुमार, दुखा साह, महेंद ठाकुर ,विश्व नाथ मालाकार ,वासु देव दास चन्द्र साह ,खट्टर साह ,सदा नन्द मंडल , ,प्रमोद मंडल ,मजिज साफी आदि ने बताया कि पंचायत में मूलभूत सुविधा सड़क और पुल पुलिया नहीं रहने के कारण उनके गाव में कोई लड़की नहीं ब्याहना चाहता है |इतना ही नहीं इस गाव की लड़की की शादी भी करने में काफी कठिनाई होती है |लड़के वाले सुलभ मार्ग नहीं रहने के कारण लड़की देखने आने में भी आना कानी करते है | बताया कि उनके टोले तक पहुँचने के लिए लोगो को सदर पंचायत से 7 किलो मीटर के सुलभ मार्ग के जगह भीमपुर एनएच मार्ग से 17 किलो मीटर की दुरी अधिक तय करनी पड़ती है |पंचायत के मिरचेया और गेडा नदी पर पुल नहीं रहने के कारण भी लोगों को चचरी पुल के सहारे हर साल आवागमन के लिए बाध्य होना पड़ता है |इतना ही नही इसी पंचायत के परियाही में भी सड़क की स्थिति दयनीय है |इसको लेकर ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कत आवागमन में होती है |लोगो का कहना है कि अभी तो जैसे तैसे उबर खाबर मार्ग में धुल मिटटी से सरोवर होते हुए चल लेते है |लेकिन बारिश के समय इस मार्ग से आवागमन करने में व्यापक परेशानी होती है |ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव के समय पदाधिकारी स्वंय कई बार क्षेत्र भ्रमण के दौरान उधमपुर गाव तक पहुँच कर स्थिति को करीब से देखते हुए ग्रामीणों को जल्द समस्या से निदान दिलाने का आश्वासन दिया था | लेकिन एक महीने से अधिक बीत जाने के बाद भी पदाधिकारियों का आश्वासन कोरा ही बना हुआ है |
छातापुर।सुपौल।से संतोष कुमार भगत की रिपोर्ट
उधमपुर पंचायत में आज भी सड़क और नदियों पर पुल पुलिया के आभाव है। इसको लेकर यहां के ग्रामीण पगडंडी नुमा सड़क से जैसे तैसे आवागमन करने के लिये मजबूर है। लेकिन पंचायत वासियों के दर्द सुनने वाला कोई नही है। इधर बारिश के समय मे कीचड़मय स्थिति उत्पन्न है। इसको लेकर पांव पैदल चलने में भी परेशांनी हो रही है। इसी को लेकर पंचायत के लोगों ने एक जुट होकर रविबार को प्रदर्शन किया। दर्जनों की संख्या में पंचायत के लोगों ने उधमपुर प्रतापगंज मार्ग के बीच मे पड़ने वाली मीरचैया नदी के पास पहुंचकर अपने क्षेत्र के विकाश के लिये आवाज बुलंद किया। यहां बताते दे कि इस पंचायत के वार्ड 4 स्थित साहू टोला ,मंडल, माली समेत शर्मा टोला के लोगों का रोना है कि विकाश के इस दौर में भी उनके गावो का कायाकल्प के लिए कोई जनप्रतिनिधि रूचि नहीं दिखा रहे है |जनप्रतिनिधि के उपेक्षा पूर्ण निति के कारण गाव के लोग आज भी पगडण्डी और बालू मिटटी से पटे जर्जर ईंट सोलिंग सड़क से आवागमन करने के लिए विवश है |इसका सीधा असर पंचायत लोगों को झेलना पड़ता है |ग्रामीण सोनू कुमार, रवि कुमार, दुखा साह, महेंद ठाकुर ,विश्व नाथ मालाकार ,वासु देव दास चन्द्र साह ,खट्टर साह ,सदा नन्द मंडल , ,प्रमोद मंडल ,मजिज साफी आदि ने बताया कि पंचायत में मूलभूत सुविधा सड़क और पुल पुलिया नहीं रहने के कारण उनके गाव में कोई लड़की नहीं ब्याहना चाहता है |इतना ही नहीं इस गाव की लड़की की शादी भी करने में काफी कठिनाई होती है |लड़के वाले सुलभ मार्ग नहीं रहने के कारण लड़की देखने आने में भी आना कानी करते है | बताया कि उनके टोले तक पहुँचने के लिए लोगो को सदर पंचायत से 7 किलो मीटर के सुलभ मार्ग के जगह भीमपुर एनएच मार्ग से 17 किलो मीटर की दुरी अधिक तय करनी पड़ती है |पंचायत के मिरचेया और गेडा नदी पर पुल नहीं रहने के कारण भी लोगों को चचरी पुल के सहारे हर साल आवागमन के लिए बाध्य होना पड़ता है |इतना ही नही इसी पंचायत के परियाही में भी सड़क की स्थिति दयनीय है |इसको लेकर ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कत आवागमन में होती है |लोगो का कहना है कि अभी तो जैसे तैसे उबर खाबर मार्ग में धुल मिटटी से सरोवर होते हुए चल लेते है |लेकिन बारिश के समय इस मार्ग से आवागमन करने में व्यापक परेशानी होती है |ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव के समय पदाधिकारी स्वंय कई बार क्षेत्र भ्रमण के दौरान उधमपुर गाव तक पहुँच कर स्थिति को करीब से देखते हुए ग्रामीणों को जल्द समस्या से निदान दिलाने का आश्वासन दिया था | लेकिन एक महीने से अधिक बीत जाने के बाद भी पदाधिकारियों का आश्वासन कोरा ही बना हुआ है |