कोशी लाइव: विकास तांती
*शराब बंदी का साइड इफेक्ट्स।
बेरोजगार युवाओं को मिला रोजगार, आम लोग भी बन रहे हैं अब शराब के धंधेबाज... कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मिली भगत से चल रहा है शराब की गोरख धंधा।
*शराब बंदी का साइड इफेक्ट्स।
बेरोजगार युवाओं को मिला रोजगार, आम लोग भी बन रहे हैं अब शराब के धंधेबाज... कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मिली भगत से चल रहा है शराब की गोरख धंधा।
सहरसा – सदर थाना क्षेत्र के बलुआहा क्षेत्र के बैजनाथपट्टी से एक पिकउप से लदा हुआ देसी शराब का जखीरा उत्पाद विभाग ने बरामद किया है। उत्पाद इंस्पेक्टर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि बलुआहा क्षेत्र के बैजनाथपट्टी में एक पिकअप वैन में लदा देसी शराब लाया जा रहा है। जिसके बाद तुरन्त कार्रवाई करते हुए उत्पाद विभाग की टीम पिकअप से लदा हुआ देसी शराब के पास पहुंची। तो देखा कि एक पिकअप वैन में भारी मात्रा में देसी शराब के पाउच से भरा हुआ था।
वहीं मौके वारदात से शराब कारोबारी फरार हो गया। फिलहाल गाड़ी मालिक रंजीत और उस गाड़ी के ड्राइवर विजय कुमार पर मामला दर्ज कर पुलिस दोनों की तलाश में जुट चुकी है। वहीं उत्पाद इंस्पेक्टर ने बताया कि कुल देसी शराब की मात्रा 200 ml के 32 सौ पिस जिसका कुल मात्रा 640 लीटर बताया जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल नीतीश कुमार के शराब बंदी के बाद से ही कोसी के इलाके में शराब का खेल बदस्तूर जारी है। और करोड़ों रुपये के शराब भी पुलिस पकड़ी है, लेकिन आजतक इस खेल के मास्टर माइंड को पकड़ने में पुलिस नाकामयाब साबित हुई है।
