कोशी लाइव:अक्की
पटना]। बिहार के जहानाबाद में लोकसभा चुनाव के लिए गधे पर नामांकन कराने जाना नेताजी को महंगा पड़ गया। सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन एक निर्दलीय प्रत्याशी मणि भूषण शर्मा गधे पर सवार हो कर नामांकन का पर्चा भरने समाहरणालय पहुंच गए। प्रत्याशी के इस अंदाज को देखने के लिए वहां भारी भीड़ उमड़ी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लेकिन इसके लिए उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो गया है। पूरा मामला जानकर आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे।
पशु अत्याचार का मुकदमा दर्ज गधे पर सवारी को प्रशासन ने पशु अत्याचार माना है। इसके लिए प्रत्याशी मणि भूषण शर्मा के खिलाफ सदर अंचलाधिकारी सुनील कुमार साह ने जहानाबाद नगर थाने में एफआइआर दर्ज कराई है।
गधे पर सवारी को ले कही ये बात मणि भूषण शर्मा जहानाबाद के हुलासगंज प्रखंड के रहने वाले हैं। वे इससे पहले भी कई चुनाव लड़ चुके हैं। नामांकन के बाद उन्होंने कहा कि गधे की सवारी उन्होंने अमीर नेताओं को आईना दिखाने लिए किया है। ऐसे नेता जनता को गधा ही समझते हैं।
मणि भूषण शर्मा ने गधे पर ही रोड शो भी किया तथा जनता से अपने पक्ष में वोट मांगे। उन्होंने कहा कि आज नेताओं ने जनता को गधा समझ लिया है। वे एक आम भारतीय हैं। उनके पास न तो महंगी गाड़ियां हैं और न ही पैसे हैं। इस कारण वे सबसे सस्ती और कर्मठ सवारी गधे पर बैठ कर वोट मांग रहे हैं।
नेताजी की इस सवारी के शहर में चर्चे बहरहाल, मणि भूषण शर्मा का गधे पर सवार होकर नामांकन करने जाना तथा ऐसे ही अपने लिए वोट मांगना चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग इसे सादगी का प्रतीक बता रहे हैं तो कुछ नौटंकी करार दे रहे हैं। लोगों की चर्चाओं के बीच मणि भूषण शर्मा अब कोर्ट में भी अपना पक्ष रखेंगे। अब नई चर्चा यह है कि गधे के फेर में बुरे फंसे बेचारे नेताजी।
पटना]। बिहार के जहानाबाद में लोकसभा चुनाव के लिए गधे पर नामांकन कराने जाना नेताजी को महंगा पड़ गया। सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन एक निर्दलीय प्रत्याशी मणि भूषण शर्मा गधे पर सवार हो कर नामांकन का पर्चा भरने समाहरणालय पहुंच गए। प्रत्याशी के इस अंदाज को देखने के लिए वहां भारी भीड़ उमड़ी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लेकिन इसके लिए उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो गया है। पूरा मामला जानकर आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे।
पशु अत्याचार का मुकदमा दर्ज गधे पर सवारी को प्रशासन ने पशु अत्याचार माना है। इसके लिए प्रत्याशी मणि भूषण शर्मा के खिलाफ सदर अंचलाधिकारी सुनील कुमार साह ने जहानाबाद नगर थाने में एफआइआर दर्ज कराई है।
गधे पर सवारी को ले कही ये बात मणि भूषण शर्मा जहानाबाद के हुलासगंज प्रखंड के रहने वाले हैं। वे इससे पहले भी कई चुनाव लड़ चुके हैं। नामांकन के बाद उन्होंने कहा कि गधे की सवारी उन्होंने अमीर नेताओं को आईना दिखाने लिए किया है। ऐसे नेता जनता को गधा ही समझते हैं।
मणि भूषण शर्मा ने गधे पर ही रोड शो भी किया तथा जनता से अपने पक्ष में वोट मांगे। उन्होंने कहा कि आज नेताओं ने जनता को गधा समझ लिया है। वे एक आम भारतीय हैं। उनके पास न तो महंगी गाड़ियां हैं और न ही पैसे हैं। इस कारण वे सबसे सस्ती और कर्मठ सवारी गधे पर बैठ कर वोट मांग रहे हैं।
नेताजी की इस सवारी के शहर में चर्चे बहरहाल, मणि भूषण शर्मा का गधे पर सवार होकर नामांकन करने जाना तथा ऐसे ही अपने लिए वोट मांगना चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग इसे सादगी का प्रतीक बता रहे हैं तो कुछ नौटंकी करार दे रहे हैं। लोगों की चर्चाओं के बीच मणि भूषण शर्मा अब कोर्ट में भी अपना पक्ष रखेंगे। अब नई चर्चा यह है कि गधे के फेर में बुरे फंसे बेचारे नेताजी।
