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4मार्च को नारी गुंजन बालिका गृह से फरार हुई नाबालिक को पुलिस ने सीजेएम के सामने पेश किया। इसके बाद सीजेएम गौरव कमल के आदेश पर नाबलिक लड़की का 164 का बयान करवाया गया। दरअसल लड़की के बयान को गोपनीय ही रखा गया है। लड़की ने क्या बयान दिया ? इस बात की अबतक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पायी है। वहीं लड़की द्वारा गुरूवार को पेश किए सरकारी विद्यालय के आठवीं कक्षा का प्रमाण पत्र भी त्रुटिपूर्ण पाया गया। प्रमाण पत्र जांच व स्कूल की प्रधानाचार्या के बयान के बाद कोर्ट ने लड़की द्वारा बताई गई 20 उम्र के दावे को झूठ पाया। सूत्रों की मानें तो लड़की के बयान की शनिवार को आधिकारिक पुष्टि हो सकती है।
4मार्च को नारी गुंजन बालिका गृह से फरार हुई नाबालिक को पुलिस ने सीजेएम के सामने पेश किया। इसके बाद सीजेएम गौरव कमल के आदेश पर नाबलिक लड़की का 164 का बयान करवाया गया। दरअसल लड़की के बयान को गोपनीय ही रखा गया है। लड़की ने क्या बयान दिया ? इस बात की अबतक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पायी है। वहीं लड़की द्वारा गुरूवार को पेश किए सरकारी विद्यालय के आठवीं कक्षा का प्रमाण पत्र भी त्रुटिपूर्ण पाया गया। प्रमाण पत्र जांच व स्कूल की प्रधानाचार्या के बयान के बाद कोर्ट ने लड़की द्वारा बताई गई 20 उम्र के दावे को झूठ पाया। सूत्रों की मानें तो लड़की के बयान की शनिवार को आधिकारिक पुष्टि हो सकती है।
बता दें कि जिला बाल संरक्षण ईकाई के अंतर्गत आने वाले नारी गुंजन बालिका गृह से सोमवार सुबह 10:05 बजे एक नाबालिक गृहमाता पर हमला करकर फरार हो गई। मामले पर सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवा दी गई है। मामले पर गृहमाता प्रिया कुमारी ने बताया था कि सोमवार सुबह बालिकाओं को कपड़ा सुखाने के लिए गेट पर लेकर गई। गेट खुलते ही एक बालिका ने मुझे पीछे से धक्का दे देकर भागने का प्रयास करने लगी। मैंने उसका हाथ पकड़ लिया। इसी दौरान वह मेरे हाथ पर दांत काट लिया। इसी बीच मौके का फायदा उठाकर दूसरी ने मुझे घक्का देकर बालिका फरार हो गई। इसके बाद गुरूवार को उसने कोर्ट में आत्म समर्पण कर दिया। इसके बाद लड़की ने आरोप लगाया था कि उसके साथ बालिका गृह में गलत होता था। इसलिए वह वहां से फरार हो गयी। लड़की के इस बयान से पूरे शहर में सनसनी फैल गयी थी।
नाबालिक लड़की के वकील सुदीप रॉय ने बताया कि शुक्रवार को सीजेएम के सामने 164 का बयान करवाया गया। बयान देने के बाद लड़की से मेरी बात हुई तो उसने बताया कि सेल्टर होम में मेरे साथ गलत हुआ था। इसी कारण से मैं वहां से भाग गयी थी। अब मैं वहां वापस नहीं चाहती हूं। मैं अपने पति के पास जाना चाहती हूं। उन्होंने बताया कि गुरूवार को यह लड़की मेरे पास आयी थी। चूंकि वह सेल्टर होम से फरार चल रही थी। इसलिए मैंने कोर्ट में लड़की को सरेंडर करवाया था।
लड़की के द्वारा गलत आरोप लगाये गये : एसपी
एसपी विशाल शर्मा ने बताया कि बालिका गृह से फरार हुए लड़की ने पुलिस के सामने 161 के बयान में जो भी आरोप लगाया था। उसके बाद पुलिस ने त्वरित अनुसंधान और सत्यापन किया गया। इस दौरान बालिका गृह के सीसीटीवी फुटेज, वहां की बालिकाओं व गृह के सदस्यों और लड़की के पति से भी पूछताछ की गई। इस दौरान सारी लड़की के द्वारा सारे आरोप गलत पाये गये।
स्कूल के सर्टिकफिकेट से नहीं हुआ मिलान
लड़की ने न्यायलय में जो आठवीं कक्षा का जो प्रमाण पत्र दिया गया था उसमें उसकी उम्र 20 वर्ष बताई गयी थी। कोर्ट के द्वारा प्रथम दृष्टया जांच पड़ताल के दौरान पूर्णतः फर्जी पाया गया है। सर्टिफिकेट की जांच के लिए स्कूल के प्रधानाचार्या सुनीता कुमारी को सीजेएम गौरव कमल ने बुलाया था । इस मौके पर स्कूल की प्रधान सुनीता कुमारी ने बताया कि लड़की के द्वारा जो सर्टिफिकेट न्यायालय में प्रस्तुत किया है उसका मिलान स्कूल के रजिस्टर पंजी समेत अन्य जगहों से किया गया। इस दौरान प्रमाणपत्र में दर्शाये गये एक भी बिंदु का मिलान नही हो पाया है।