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मधेपुरा। धीरे-धीरे ही सही बाल विवाह के प्रति अब लड़कियों में जागरूकता आ रही है। मध्य विद्यालय सुखासन में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा अन्नू कुमारी (14) ने पढ़ाई को महत्व देते हुए सोमवार को शादी करने से इन्कार कर दिया। अभिभावकों के काफी समझाने के बाद भी जब वह शादी के लिए राजी नहीं हुई तो लाचारी में बारात को वापस लौटना पड़ा।
कुमारखंड प्रखंउ की रानीपट्टी सुखासन पंचायत के वार्ड संख्या तीन में रहने वाली सातवीं की छात्रा अन्नू कुमारी की शादी सोमवार को होने वाली थी। बारात भी अररिया जिले के भरगामा थाने के इकराहा गांव से इसरायण बेला पंचायत तक आ चुकी थी। घर में जश्न का माहौल था, लेकिन लड़की इस शादी से खुश नहीं थी। उसने पिता अरुण ठाकुर से शादी नहीं करने की बात कही। इस संबंध में परिजनों ने उसे काफी समझाने की कोशिश की पर वह नहीं मानी। बाद में उसने अपनी शादी रुकवाने के लिए जनप्रतिनिधियों के समक्ष जबरन विवाह कराए जाने की शिकायत की। इतना ही नहीं उसने किसी से फोन नंबर लेकर इसकी सूचना कुमारखंड थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार को भी दे दी। जबरन विवाह की जानकारी मिलते ही मुखिया कुसुमलाल रजक, सरपंच गजेन्द्र ऋषिदेव, पैक्स अध्यक्ष पप्पू कुमार, उपमुखिया निर्मला देवी, जदयू पंचायत अध्यक्ष सुबंधू दास के साथ पुलिस पहुंच गई।
इस बात की सूचना अररिया जिले के भरगामा थाने के इकराहा गांव से बारात लेकर आ रहे सदानंद ठाकुर को मिली। पुलिस और जनप्रतिनिधियों के मौजूदगी की सूचना पर सदानंद ठाकुर ने पुत्र राहुल कुमार की बारात को इसरायण बेला पंचायत के मधुवनी चौक से लौटा लिया। इधर पुलिस और जनप्रतिनिधियों के सामने लड़की के मां-बाप ने भी उसकी शादी करने से इन्कार कर दिया है। पंचायत प्रतिनिधियों के समक्ष नाबालिग ने आगे की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही विवाह करने की बात कही। साथ ही मां-बाप के साथ रहने से इन्कार कर दिया। इसके बाद स्थानीय फुलेश्वर ठाकुर व शिक्षक बसंत कुमार ने किशोरी की पढ़ाई समेत अन्य जिम्मेदारी ली। पंचायत प्रतिनिधियों ने किशोरी को उनके हवाले कर दिया।
