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रांची: लोहरदगा एसपी प्रियदर्शी आलोक के भाई से रंगदारी मांगने वाले एक शख्स को रांची पुलिस ने बिहार के सहरसा जिले से गिरफ्तार कर लिया है. लगातार मिल रहे धमकियों से परेशान लोहरदगा एसपी के भाई रांची के अरगोड़ा इलाके में रह रहे थे.
अपराधियों के खौफ के आगे पुलिसवालों के परिवार भी बेबस हैं. ताजा मामला रांची के अरगोड़ा इलाके का है. लोहरदगा एसपी प्रियदर्शी आलोक के भाई मानव कुमार को फोन पर लगातार रंगदारी मांगी जा रही थी. रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी जा रही थी.
धमकी की वजह से परेशान
बिहार के सहरसा में बैटरी का व्यवसायी करने वाले मानव कुमार अपराधियों की लगातार धमकी की वजह से परेशान हो गए और उन्होंने सहरसा ही छोड़ दिया. सहरसा छोड़ने के बाद वे रांची के अरगोड़ा इलाके में घर लेकर रहने लगे. लेकिन अपराधियों ने रांची में भी उनका पीछा नहीं छोड़ा और पैसे की मांग को लेकर लगातार फोन और जान से मारने की धमकी देने लगे. अपराधियों से परेशान मानव कुमार ने रांची अरगोड़ा थाने में इस मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज करवाई.
विशेष टीम का गठन
मामला आईपीएस अधिकारी के भाई का था इसलिए पुलिस इस मामले को लेकर रेस हो गई. आनन-फानन में एक विशेष टीम बनाकर सहरसा भेज दिया गया और वहां टेक्निकल सेल की मदद से रोनक कुमार नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया. रोनक को यह उम्मीद नहीं थी कि रांची पुलिस सहरसा पहुंच जाएगी.
मालिक को ही धमकी पुलिस के आने की सूचना मिलते ही रोनक फरार होने की कोशिश करने लगा. लेकिन पुलिस ने उसे खदेड़ कर पकड़ लिया. पुलिस की जांच में पता चला है कि रोनक सहरसा में छोटे-मोटे अपराध किया करता है. वह पहले मानव कुमार की बैटरी दुकान में ही काम किया करता था.
रांची: लोहरदगा एसपी प्रियदर्शी आलोक के भाई से रंगदारी मांगने वाले एक शख्स को रांची पुलिस ने बिहार के सहरसा जिले से गिरफ्तार कर लिया है. लगातार मिल रहे धमकियों से परेशान लोहरदगा एसपी के भाई रांची के अरगोड़ा इलाके में रह रहे थे.
पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
अपराधियों के खौफ के आगे पुलिसवालों के परिवार भी बेबस हैं. ताजा मामला रांची के अरगोड़ा इलाके का है. लोहरदगा एसपी प्रियदर्शी आलोक के भाई मानव कुमार को फोन पर लगातार रंगदारी मांगी जा रही थी. रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी जा रही थी.
धमकी की वजह से परेशान
बिहार के सहरसा में बैटरी का व्यवसायी करने वाले मानव कुमार अपराधियों की लगातार धमकी की वजह से परेशान हो गए और उन्होंने सहरसा ही छोड़ दिया. सहरसा छोड़ने के बाद वे रांची के अरगोड़ा इलाके में घर लेकर रहने लगे. लेकिन अपराधियों ने रांची में भी उनका पीछा नहीं छोड़ा और पैसे की मांग को लेकर लगातार फोन और जान से मारने की धमकी देने लगे. अपराधियों से परेशान मानव कुमार ने रांची अरगोड़ा थाने में इस मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज करवाई.
विशेष टीम का गठन
मामला आईपीएस अधिकारी के भाई का था इसलिए पुलिस इस मामले को लेकर रेस हो गई. आनन-फानन में एक विशेष टीम बनाकर सहरसा भेज दिया गया और वहां टेक्निकल सेल की मदद से रोनक कुमार नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया. रोनक को यह उम्मीद नहीं थी कि रांची पुलिस सहरसा पहुंच जाएगी.
मालिक को ही धमकी पुलिस के आने की सूचना मिलते ही रोनक फरार होने की कोशिश करने लगा. लेकिन पुलिस ने उसे खदेड़ कर पकड़ लिया. पुलिस की जांच में पता चला है कि रोनक सहरसा में छोटे-मोटे अपराध किया करता है. वह पहले मानव कुमार की बैटरी दुकान में ही काम किया करता था.
