कोशी लाइव:अक्की
पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाने के एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी दुकानदार इसका इस्तेमाल धड़ल्ले से कर रहे हैं। सब्जी, दूध, मांस-मछली विक्रेता इसका खुलेआम उपयोग कर ग्राहकों को सामान दे रहे हैं।
शहर की सब्जी मंडी, गंगजला चौक, कॉलेज गेट, हटिया गाछी सहित अन्य इलाकों में सब्जी विक्रेता खुलेआम पॉलीथिन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा रिफ्यूजी चौक के मछली विक्रेताओं, मांस विक्रेताओं द्वारा भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासनिक कार्रवाई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुरुआती दौर में प्लास्टिक की जब्ती के बाद इस मामले का निरीक्षण तक नहीं हो रहा है। जिला प्रशासन द्वारा 23 दिसंबर को प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध के तीन दिनों बाद सदर एसडीओ के नेतृत्व में छापेमारी की गई थी। उसके बाद प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मालूम हो कि सरकार द्वारा प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध के बाद जिला स्तर पर निगरानी के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया। साथ ही नगर निकाय के स्तर पर शहर के बाजारों में निगरानी के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया। प्लास्टिक के इस्तेमाल करने पर दुकानदारों पर एक हजार से पांच हजार तक व उपभोक्ताओं पर एक सौ से तीन सौ तक का जुर्माना का प्रावधान किया गया है। जानकारी मुताबिक अभी तक जिला प्रशासन द्वारा मात्र छह किलोग्राम पॉलीथिन जब्त किया गया है।
जागरूकता जरूरी: अब लोगों को पॉलीथिन का विकल्प तलाशना होगा। पॉलीथिन से होने वाले विभिन्न नुकसान को देखते हुए लोगों में जागरूकता होना जरूरी है। हाल के कुछ वर्षों के दौरान प्लास्टिक कैरी बैग का इस्तेमाल बढ़ गया था। इससे पूर्व लोग आसानी से कागज का ठोंगा, जूट के झोला का इस्तेमाल करते थे। लेकिन पॉलीथिन का पर्यावरण पर बढ़ते प्रदूषण के कारण राज्य सरकार ने हर प्रकार के पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने के लिए दंडात्मक कार्रवाई भी की गई है। इसके तहत 100 रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। पहली बार गलती करने पर कम, दूसरी और तीसरी बार गलती दोहराने पर जुर्माने की राशि बढ़ती जाएगी। शहरी निकाय के दुकानदार, विक्रेता, फुटकर विक्रेता, थोक विक्रेता, फेरी वाला, सब्जी व्यवसायी प्रतिबंध के दायरे में शामिल हैं। किसी भी प्रकार के आकार व मोटाई वाले पॉलीथिन बैग का निर्माण, आयात, भंडारण, बिक्री, परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इन पर मिली है प्रतिबंध से छूट: किसी भी प्रकार के पॉलीथिन बैग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। लेकिन जैव चिकित्सा के अधीन अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली 2016 के प्रावधानों के अनुसार जैव चिकित्सा अपशिष्टों के उचित निपटान के लिए 50 माइक्रोन से अधिक मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग को प्रतिबंध से अलग रखा गया है। खाद्य पदार्थों के पैकेजिंग, दूध व दूध उत्पादों, पौधशाला में पौधा लगाने वाले प्लास्टिक कैरी बैग को पॉलीथिन नहीं माना जाएगा।