कोशी लाइव:अक्की
10फरवरी को पूर्णिया पुलिस द्वारा बरामद किए गये दो यूबीजीएल और एक एके 47 मामले में एक मास्टर माइंड मुकेश कुमार सिंह व लाइनर त्रिपुरारी सिंह समेत चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आज एसपी विशाल शर्मा इस मामले में बड़ा खुलासा करेंगे। सूत्रों की मानें तो मुकेश और त्रिपुरारी के अलावा तीन अन्य जो गिरफ्तारी हुई है वो बिहार के बाहर के राज्यों से हुई है। झारखंड के रांची और लातेहार से एक-एक गिरफ्तारी हुई है। और तीसरा अपराधी नगालैंड से गिरफ्तार हुआ है। पुलिस पांचों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मुकेश को पुलिस पिछले 12 दिनों से तलाश रही थी। म्यांमार और एनएससीएन से तार जुड़े होने के कारण इस मामले में देश की कई सुरक्षा एजेंसिया बाससी थाना पहुंच कर तस्कारों से पूछताछ कर रही थी। मामले पर एसपी विशाल शर्मा ने बताया कि पुलिस को कुछ लीड मिलें हैं कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रेसवार्ता कर सभी तथ्यों का खुलासा किया जायेगा। एसपी ने धनबाद से तस्कर की गिरफ्तारी को अफवाह करार देते हुए कहा कि धनबाद से तस्कर की गिरफ्तारी की बात गलत है। इसके अलावा पुलिस को बिहार, झारखंड और नगालैंड के तार जुड़े होने का भी प्रमाण मिला है। ---------------------------------------------------------------बता दें कि 15 फरवरी को पुलिस ने सूचना के आधार नगालैंड के दीमापुर से एनएससीएन से संबंध रखने वाले तस्कर को गिरफ्तार किया था।
इसी तस्कर ने पूछताछ के दौरान पुलिस और खुफिया एजेंसियों के सामने बिहार और झारखंड का तार नगालैंड और एनएससीएन से जोड़ा था। इसके बाद पुलिस ने झारखंड पुलिस और खुफिया एजेंसियों की मदद से लातेहार और रांची से दो तस्कारों को गिरफ्तार किया। सूत्रों की माने तो इन दोनों का तार भी मुकेश और नगालैंड से ही जुड़ा था। लातेहार नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। आशंका है कि लातेहार का यह अपराधी ही हथियार उपलब्ध करवाता था। जबकि रांची के इस अपराधी की तार मुकेश और संतोष से जुड़े हैं। इसके अलावा नगालैंड का एक अन्य अपराधी मुकेश गैंग से सीधे संपर्क में था। इसका तार म्यांमार और नगालैंड से जुड़ा हुआ है। त्रिपुरारी सिंह मुकेश और नक्सलियों के बीच दलाल की भूमिका में था। यह मुकेश के द्वारा खरीदी गयी म्यांमार आर्मी के हथियार को बिहार और झारखंड के नक्सलियों को बेचता था। पुलिस को हथियार तस्करों का तार म्यांमार से भी जुड़ने का पुख्ता प्रमाण मिला है। आज पीसी के दौरान एसपी एक-एक पहलूओं से पर्दा उठायेंगे।
10फरवरी को पूर्णिया पुलिस द्वारा बरामद किए गये दो यूबीजीएल और एक एके 47 मामले में एक मास्टर माइंड मुकेश कुमार सिंह व लाइनर त्रिपुरारी सिंह समेत चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आज एसपी विशाल शर्मा इस मामले में बड़ा खुलासा करेंगे। सूत्रों की मानें तो मुकेश और त्रिपुरारी के अलावा तीन अन्य जो गिरफ्तारी हुई है वो बिहार के बाहर के राज्यों से हुई है। झारखंड के रांची और लातेहार से एक-एक गिरफ्तारी हुई है। और तीसरा अपराधी नगालैंड से गिरफ्तार हुआ है। पुलिस पांचों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मुकेश को पुलिस पिछले 12 दिनों से तलाश रही थी। म्यांमार और एनएससीएन से तार जुड़े होने के कारण इस मामले में देश की कई सुरक्षा एजेंसिया बाससी थाना पहुंच कर तस्कारों से पूछताछ कर रही थी। मामले पर एसपी विशाल शर्मा ने बताया कि पुलिस को कुछ लीड मिलें हैं कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रेसवार्ता कर सभी तथ्यों का खुलासा किया जायेगा। एसपी ने धनबाद से तस्कर की गिरफ्तारी को अफवाह करार देते हुए कहा कि धनबाद से तस्कर की गिरफ्तारी की बात गलत है। इसके अलावा पुलिस को बिहार, झारखंड और नगालैंड के तार जुड़े होने का भी प्रमाण मिला है। ---------------------------------------------------------------बता दें कि 15 फरवरी को पुलिस ने सूचना के आधार नगालैंड के दीमापुर से एनएससीएन से संबंध रखने वाले तस्कर को गिरफ्तार किया था।
इसी तस्कर ने पूछताछ के दौरान पुलिस और खुफिया एजेंसियों के सामने बिहार और झारखंड का तार नगालैंड और एनएससीएन से जोड़ा था। इसके बाद पुलिस ने झारखंड पुलिस और खुफिया एजेंसियों की मदद से लातेहार और रांची से दो तस्कारों को गिरफ्तार किया। सूत्रों की माने तो इन दोनों का तार भी मुकेश और नगालैंड से ही जुड़ा था। लातेहार नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। आशंका है कि लातेहार का यह अपराधी ही हथियार उपलब्ध करवाता था। जबकि रांची के इस अपराधी की तार मुकेश और संतोष से जुड़े हैं। इसके अलावा नगालैंड का एक अन्य अपराधी मुकेश गैंग से सीधे संपर्क में था। इसका तार म्यांमार और नगालैंड से जुड़ा हुआ है। त्रिपुरारी सिंह मुकेश और नक्सलियों के बीच दलाल की भूमिका में था। यह मुकेश के द्वारा खरीदी गयी म्यांमार आर्मी के हथियार को बिहार और झारखंड के नक्सलियों को बेचता था। पुलिस को हथियार तस्करों का तार म्यांमार से भी जुड़ने का पुख्ता प्रमाण मिला है। आज पीसी के दौरान एसपी एक-एक पहलूओं से पर्दा उठायेंगे।
NH 31 पर लुटरों ने यूपी निवासी ट्रक चालक को गोली मारकर 50 हजार रुपये लू टे
नवगछिया-कटिहार सीमा क्षेत्र के रंगरा ओपी के चापर ढाला के पास रविवार के देर रात बेखौफ बदमाशों ने हथियार के बल पर एनएच 31 पर जाम में फंसे ट्रक चालक सौरभ कुमार से 50 हजार रुपये लूट लिए और हल्ला करने पर गोली मार दी। घायल चालक के बयान पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गोली ट्रक चालक के बाएं हाथ के बांह में लगी है। घायल चालक उत्तरप्रदेश के गोंडा के शाकीपुर का रहने वाला है। उसने किसी तरह भागकर जान बचाई। लुटेरों ने जाम में फंसे ट्रकों के कई चालकों को निशाना बनाया। कई चालकों से लूटपाट की। कई ट्रकों के शीशे तोड़े जिससे अफरातफरी मच गई। ट्रक चालकों ने भागकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद घायल चालक को रंगरा पुलिस ने अनुमंडल अस्पताल भिजवाया जहां से प्राथमिक चिकित्सा के बाद उसे मायागंज रेफर कर दिया गया।
घायल ट्रक चालक सौरभ ने बताया कि रविवार शाम पांच बजे पूर्णिया गुलाबबाग से पटवा लोड कर कोलकाता के लिऐ निकले थे। कुर्सेला पुल पार करने के बाद से ही जाम में फंस गये। चापर ढाला के पास जाम में फंसने के बाद जब वे जाम देखने के लिऐ ढाबा के पास ट्रक से नीचे उतरे थे, इसी दौरान तीन के संख्या में काला नाकाब पहने अज्ञात बदमाश ट्रक चालक से पैसा छीन रहे थे। तभी हमें भी पीछे से पकड़ लिया और हथियार दिखाकर कर जेब से 50 हजार रुपये सहित मोबाइल छीन लिया। उसने जब पैसा वापस देने बोले तो बायें हाथ में गोली मार दी। उसने ट्रक चालकों की मदद से रंगरा पुलिस को सूचना दी।
घायल ट्रक चालक सौरभ ने बताया कि रविवार शाम पांच बजे पूर्णिया गुलाबबाग से पटवा लोड कर कोलकाता के लिऐ निकले थे। कुर्सेला पुल पार करने के बाद से ही जाम में फंस गये। चापर ढाला के पास जाम में फंसने के बाद जब वे जाम देखने के लिऐ ढाबा के पास ट्रक से नीचे उतरे थे, इसी दौरान तीन के संख्या में काला नाकाब पहने अज्ञात बदमाश ट्रक चालक से पैसा छीन रहे थे। तभी हमें भी पीछे से पकड़ लिया और हथियार दिखाकर कर जेब से 50 हजार रुपये सहित मोबाइल छीन लिया। उसने जब पैसा वापस देने बोले तो बायें हाथ में गोली मार दी। उसने ट्रक चालकों की मदद से रंगरा पुलिस को सूचना दी।
