कोशी लाइव@बंशराज
सहरसा: सहरसा में एम्स महाअस्पताल के निर्माण की मांग को लेकर एम्स निर्माण संघर्ष समिति के दूसरे चरण का सात दिवसीय सत्याग्रह शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। पांचवें दिन दो सत्याग्रहियों की हालत बिगड़ गई है। पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी गौतम कृष्ण के नेतृत्व में प्रह्लाद कुमार, धीरज कुमार ¨सह, वैद्यनाथ भगत, नीतीश कुमार व विलास गुरू का सत्याग्रह सोमवार से जारी है। इससे पूर्व संघर्ष समिति के संरक्षक प्रवीण आनंद, अध्यक्ष विनोद कुमार झा, धीरज कुमार व नीरज कुमार का सात दिवसीय सत्याग्रह रविवार को समाप्त हुआ। इसी स्थल पर दूसरे चरण का सत्याग्रह जारी है।
पांचवें दिन भी सत्याग्रही के समर्थन में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके साथ घंटो बैठकर नैतिक समर्थन दिया। इस मौके पर पूर्व बीडीओ गौतम कृष्ण ने कहा कि हमेशा से कोसी की विभीषिका झेलनेवाला सहरसा काफी गरीब व पिछड़ा इलाका है। और सभी शर्ताें को पूरा करने के कारण सहरसा में एम्स प्रस्तावित है, लेकिन एक साजिश के तहत सभी सुविधाओं से युक्त दरभंगा में इसे स्थापित करने की बात चल रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सत्याग्रही के समर्थन में महिला नेत्री रिभा देवी, निभा मंडल, शिक्षक रविन्द्र कुमार, बंटी कुमार, विकास कुमार, मदन साह, भेलवा पंचायत के उपसरपंच शिवकुमार यादव, उपेन्द्र साह, पीपुल्स पावर के सतीश कुमार,अमरदीप कुमार, दीपक कुमार, भूषण कुमार, शशि कुमार शशि, एम्स निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार झा आदि ने घंटो बैठकर धरना दिया।
सहरसा।वही निधि कुमारी ने कही कि नितीश बाबु आप कोशी के सहरसा में AIIMS निर्माण का प्रस्ताव दें अन्यथा अब यहाँ के जनता को आप आत्मदाह करने का संकेत न दे , आमरण अनशन कारी का भी घर परिवार है , रात में मैं लगभग 10 बजे अनसन स्थल पर पहुँची तो वहाँ का स्थिती देखर बहुत दुःख हुआ इसलिए की आपका पुलिस प्रशासन को तो कोई जिम्मेदारी है ही नही जनता का सुनसान स्थल पर आमरण अनशन चल रहा है और वहाँ एक भी पुलिस गार्ड नही , मेरा और जनता का आपसे प्रश्न है ऐसा क्यों ? अनसन कारी को कुछ होता है तो इनका जबाब कौन देगा? सबसे बड़ी बात यह है कि दिन-प्रतिदिन अनसन कारी का तबियत बिगड़ता जा रहा और उन्हें देखने वाला तक कोई नही है हमारे मुख्य तीन साथियों का हालात नाजुक हो गया है जैसे नितीश कुमार , धीरज सिंह , बैद्यनाथ भगत और कुछ का होने वाला है ।इन सभी चीजों को देखते और सुनते हुए अगर आप में थोड़ा सा भी मानवता बचा हुआ है तो आप अविलंभ कोशी में ही AIIMS निर्माण का प्रस्ताव दें। जिनके लिए कोशी वाशी आपका हमेशा अभारी बना रहेगा।
