कोशी लाइव:
सहरसा। पिछले एक दिन से लगातार हो रही बारिश ने ठंड बढ़ा दी है। बारिश के कारण मौसम का मिजाज बदल गया। सोमवार की शाम से ही हो रही बूंदा-बांदी बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। रात से लेकर मंगलवार के दिन तक बारिश होती रही। बारिश के कारण ठंड का पारा गिर गया। मंगलवार की सुबह में लोगों को सूरज का दर्शन नहीं हो पाया। दिन के करीब एक बजे के बाद लोगों को धूप का दर्शन हो पाया। लेकिन मौसम में गिरावट कायम रही। ठंड के कारण सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम दिखी। हालांकि कार्यालयों व स्कूल-कालेज जानेवालों की आवाजाही होती रही। सड़क पर लोगों की आवाजाही कम ही दिखी। वाहनों की संख्या में अन्य दिनों की अपेक्षा सड़क पर कम दिखी। खासकर दो पहिया वाहन चलाने वालों की संख्या कम ही रही। बारिश के कारण शहर के कई जगहों व सड़क पर जल जमाव लग गया। जल जमाव से राहगीरों को परेशानी हुई। मौसम विशेषज्ञ कहते है कि आंध्र प्रदेश में आए चक्रवाती तूफान का असर से ही यहां बूंदा-बांदी शुरू हुई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी डा. तकीउद्दीन अहमद ने बताया कि मौसम आज से ही खराब हुआ है। अगर यही स्थिति रही तो बच्चों के हित में स्कूल खुलने का समय बढ़ाया जाएगा।
जिले में हुई बारिश से ठंड का असर काफी बढ़ गया है। सोमवार की देर शाम से शुरू हुई बूंदाबांदी के बाद देर रात तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश मंगलवार की दोपहर तक होती रही।
बारिश के साथ हवा चलने से कनकनी काफी बढ़ गई। हालांकि दोपहर बाद बारिश के थमने और धूप निकलने से लोगों को काफी राहत मिली। मंगलवार की सुबह में हो रही बारिश के कारण लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो गया था। खासकर बच्चों को भी स्कूल जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण बच्चे छाता लेकर घर से स्कूल के लिए निकले।
वहीं कामकाजी लोगों को भी घर से बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश होने से अधिकांश लोग घर से दुबके रहे। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार अब बारिश की संभावना नहीं है। लेकिन पछिया हवा चलने पर ठंड बरकरार रहेगा। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री व अधिकतम तापमान 21.4 डिग्री रहा।
शहर की सड़कें कीचड़ में तब्दील : आंध्रप्रदेश से आई चक्रवाती तूफान फेथई के कारण जिले में बारिश हुई। बारिश के कारण शहर की सड़कें पर जगह-जगह जलजमाव हो गया। जलजमाव के बाद कीचड़ में तब्दील हुई सड़क पर लोगों को चलने में काफी परेशानी हुई। खासकर शहर की मुख्य सड़कें एनएच 107 हटिया गाछी, पूरब बाजार सहित मुहल्ले की सड़क गौतमनगर, बटराहा, नया बाजार, सहरसा बस्ती, हकपाड़ा, शिवपुरी सहित अन्य सड़क पर कीचड़ व पानी रहने से लोगों को आवागमन में काफी मुश्किलें हुई। अचानक हुई बारिश के बाद सड़क पर पानी व कीचड़ से बारिश के मौसम के जैसा नजारा देखने के मिला।
सहरसा। पिछले एक दिन से लगातार हो रही बारिश ने ठंड बढ़ा दी है। बारिश के कारण मौसम का मिजाज बदल गया। सोमवार की शाम से ही हो रही बूंदा-बांदी बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। रात से लेकर मंगलवार के दिन तक बारिश होती रही। बारिश के कारण ठंड का पारा गिर गया। मंगलवार की सुबह में लोगों को सूरज का दर्शन नहीं हो पाया। दिन के करीब एक बजे के बाद लोगों को धूप का दर्शन हो पाया। लेकिन मौसम में गिरावट कायम रही। ठंड के कारण सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम दिखी। हालांकि कार्यालयों व स्कूल-कालेज जानेवालों की आवाजाही होती रही। सड़क पर लोगों की आवाजाही कम ही दिखी। वाहनों की संख्या में अन्य दिनों की अपेक्षा सड़क पर कम दिखी। खासकर दो पहिया वाहन चलाने वालों की संख्या कम ही रही। बारिश के कारण शहर के कई जगहों व सड़क पर जल जमाव लग गया। जल जमाव से राहगीरों को परेशानी हुई। मौसम विशेषज्ञ कहते है कि आंध्र प्रदेश में आए चक्रवाती तूफान का असर से ही यहां बूंदा-बांदी शुरू हुई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी डा. तकीउद्दीन अहमद ने बताया कि मौसम आज से ही खराब हुआ है। अगर यही स्थिति रही तो बच्चों के हित में स्कूल खुलने का समय बढ़ाया जाएगा।
स्कूलों में कम दिखे बच्चे
ठंड के कारण स्कूल व कॉलेजों में बच्चों की संख्या कम दिखी। विशेषकर सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या नगण्य रही। सरकारी स्कूल में बच्चे नहीं रहने से कई जगहों पर मिड डे मिल भी नहीं चला। शिक्षक स्कूल में बच्चों का इंतजार करते रहे। निजी विद्यालयों में तो बच्चे नजर आए। कई निजी विद्यालयों में परीक्षा चल रही थी। जिस कारण बच्चों की उपस्थिति देखी गयी।
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दैनिक मजदूरों को नहीं मिला काम
दैनिक मजदूरी करनेवाले मजदूरों को काम नहीं मिल पाया है। लगातार बारिश होने के कारण मजदूर तो घर बैठे ही रह गए। कुछ बारिश में भींगकर गांव से निकलकर चौक-चौराहा पर पहुंचे तो उन्हें काम ही नहीं मिला। शहर के दहलान चौक पर बैठे सोनवर्षा कचहरी निवासी शंभू महतो, सत्तो, बुद्धन ने बताया कि बारिश में भींगकर सहरसा पहुंचे लेकिन दिन के 12 बज गए लेकिन कोई काम नहीं मिला। अब तो घर का चूल्हा कैसे जलेगा यह समस्या है।
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यात्रियों को हुई परेशानी
ठंड के बदलते मिजाज के कारण सहरसा रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर यात्रियों को बहुत परेशानी उठानी पड़ी। एक तो सहरसा स्टेशन पर प्लेटफार्म पर शेड नहीं रहने के कारण यात्रियों को ठंड में परेशानी हुई। वहीं बस स्टैंड भी चारों ओर से खुला रहने के कारण यात्रियों को सर्द हवा के कारण परेशानी उठानी पड़ी। ठंड के इस बदले मिजाज के कारण जिला प्रशासन द्वारा कहीं अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गयी।

