मधेपुरा जिले में शराब और सूखा नशा के खिलाफ मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग ने व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। समाहर्ता के निर्देश पर 2 नवंबर 2026 को चलाए गए इस विशेष अभियान में अवैध कोडीनयुक्त कफ सिरप और देसी चुलाई शराब बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर सघन छापेमारी की। इसमें स्टेडियम के समीप, कॉलेज चौक, सदर अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, बुडको मैदान, यूनिवर्सिटी चौक, सदर अस्पताल परिसर सहित अन्य इलाकों में विशेष अभियान चलाया गया।
इसके साथ ही जिले के प्रमुख सड़क मार्गों पर वाहनों की सघन जांच की गई। नशे के कारोबार पर रोक लगाने के उद्देश्य से दवा दुकानों में भी विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया।
फास्ट फूड दुकान से मिला कोडीनयुक्त कफ सिरप
अभियान के दौरान सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के पतरहा चौक स्थित रंजन कुमार की फास्ट फूड दुकान में छापेमारी की गई। इस दौरान दुकान से करीब 1.600 लीटर अवैध कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद किया गया। विभाग की टीम ने मौके से दुकान संचालक रंजन कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
बिहारीगंज में 20 लीटर देसी शराब बरामद
वहीं, बिहारीगंज थाना क्षेत्र के दीनभद्री टोला, वार्ड संख्या-13 में भी छापेमारी की गई। इस दौरान करीब 20 लीटर देसी चुलाई शराब बरामद हुई। इस कार्रवाई में कथित रूप से संलिप्त पप्पू ऋषिदेव और सुकुमारी देवी को गिरफ्तार किया गया। दोनों के विरुद्ध विधिसम्मत अभियोग दर्ज किया गया है।
ब्रेथ एनालाइजर जांच में भी 3 गिरफ्तार
छापेमारी और बरामदगी के अलावा विभाग की टीम ने विभिन्न स्थानों पर ब्रेथ एनालाइजर मशीन से लोगों की श्वास जांच भी की। इस दौरान शराब सेवन के आरोप में तीन अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
इस प्रकार पूरे अभियान में कुल छह लोगों की गिरफ्तारी हुई है। सभी गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नशे के खिलाफ अभियान जारी रखने का निर्देश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मधेपुरा में शराब और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति के तहत लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करें और अवैध शराब या नशीले पदार्थों के कारोबार की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें।
जिला प्रशासन का कहना है कि युवाओं और समाज को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए छापेमारी, वाहन जांच और निगरानी अभियान आगे भी जारी रहेगा।
स्रोत: जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, मधेपुरा।