पटना के फुलवारीशरीफ थाना में पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। स्मैक तस्करी के मामले में पकड़े गए दो आरोपियों को कथित तौर पर 11 लाख रुपये लेकर छोड़ने का मामला सामने आया है। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद SI, सिपाही और मुंशी सहित 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
26 अक्टूबर को छापेमारी में पकड़े गए थे तीन लोग
नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) चंद्र प्रकाश के अनुसार, 26 अक्टूबर 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर फुलवारीशरीफ थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री के खिलाफ छापेमारी की थी। इस दौरान नया टोला पठान टोली, वार्ड संख्या 24 निवासी आकिब खान उर्फ मोहम्मद साकिब खान (32 वर्ष), पिता मोहम्मद सलाउद्दीन खान को मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस मामले में फुलवारीशरीफ थाना कांड संख्या 1867/26 दर्ज किया गया था। प्राथमिकी एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(सी)/21(सी) और आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)/26 के तहत दर्ज की गई थी।
दो अन्य आरोपियों को छोड़ने का आरोप
बताया गया है कि छापेमारी के दौरान आकिब खान के साथ मोहम्मद आफताब आलम और मोहम्मद एहसान को भी पकड़कर थाने लाया गया था। हालांकि, दोनों का नाम प्राथमिकी में शामिल नहीं किया गया और न ही उनकी गिरफ्तारी या हिरासत से संबंधित जानकारी वरीय अधिकारियों को दी गई।
आरोप है कि छापेमारी टीम में शामिल कुछ पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों ने दोनों व्यक्तियों को छोड़ने के बदले मोटी रकम ली। कथित तौर पर 11 लाख रुपये के लेन-देन के बाद दोनों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया। इसी दौरान रकम के बंटवारे को लेकर पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी होने की बात भी सामने आई, जिसके बाद मामला वरीय अधिकारियों तक पहुंचा।
जांच में 8 पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध
मामले की जांच सहायक पुलिस अधीक्षक, फुलवारीशरीफ द्वारा की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आठ पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की संलिप्तता सामने आने के बाद सभी को निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित पुलिसकर्मियों में शामिल हैं:
* पुलिस अवर निरीक्षक दिवाकर प्रसाद
* पुलिस अवर निरीक्षक नारद मुनि सिंह
* पुलिस अवर निरीक्षक रितेश कुमार
* परिचारी पुलिस अवर निरीक्षक आकाश कुमार
* पुलिस अवर निरीक्षक पवन कुमार
* पीटीसी-1118 साबिर आलम
* सिपाही संख्या 8949 आनंद राज
* सिपाही संख्या 9035 शुभम कुमार
स्थानीय लोगों की भूमिका की भी जांच
इस पूरे मामले में कुछ स्थानीय लोगों की संलिप्तता की बात भी सामने आई है। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
4 नवंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) चंद्र प्रकाश ने बताया कि संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
11 लाख रुपये के कथित लेन-देन और दो आरोपियों को छोड़ने के इस मामले ने पटना पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि इस पूरे घटनाक्रम में किन-किन लोगों की भूमिका थी और कथित रकम के लेन-देन में कौन-कौन शामिल था।