बांका। बिहार के सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। बांका जिले के प्रखंड क्षेत्र स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय घोरेला कैरी में बुधवार को छुट्टी के बाद शिक्षक एक मासूम बच्चे को स्कूल के अंदर ही बंद करके घर चले गए। स्कूल में ताला लगने के बाद तीसरी कक्षा का छात्र करण कुमार करीब दो घंटे तक अंदर कैद रहा। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ।
घर नहीं पहुंचा करण तो परिजनों की बढ़ी चिंता
जानकारी के अनुसार, करण कुमार घोरेला कैरी गांव में अपने फूफा विकास चौधरी के घर रहकर पढ़ाई करता है। उसका पैतृक गांव पीलुआ है। उसके पिता का नाम निरंजन महतो बताया गया है।
बुधवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद करण घर नहीं पहुंचा तो परिजन परेशान हो गए। इसी बीच विद्यालय की ओर से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर ग्रामीण स्कूल पहुंचे। जब लोगों ने अंदर झांककर देखा तो करण स्कूल के कमरे में बंद मिला।
शिक्षिका को फोन किया, लेकिन नहीं खुला स्कूल का ताला
बच्चे को अंदर बंद देखकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीण विकास कुमार, शंकर कापरी, पवन चौधरी, रजनीश कुमार और मित्तल मंडल समेत कई लोगों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।
ग्रामीणों के अनुसार, एक महिला शिक्षिका को फोन कर घटना की जानकारी दी गई। उन्होंने चाबी लेकर आने की बात कही, लेकिन तत्काल बच्चे को बाहर निकालने की व्यवस्था नहीं हो सकी।
बीईओ को सूचना देने के बाद पहुंचे शिक्षक
इसके बाद मामले की सूचना प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी गौरव कुमार को दी गई। सूचना मिलने के बाद विद्यालय के सहायक शिक्षक श्रवण सिन्हा करीब दो घंटे बाद पहुंचे और स्कूल का ताला खोलकर बच्चे को बाहर निकाला।
करण के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस घटना को लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि यदि बच्चे के रोने की आवाज समय पर किसी ग्रामीण को सुनाई नहीं देती तो कोई गंभीर अनहोनी हो सकती थी।
प्रधानाध्यापक छुट्टी पर थे, बेंच पर सो गया था बच्चा: शिक्षक
मामले में सहायक शिक्षक श्रवण सिन्हा ने बताया कि प्रधानाध्यापक के छुट्टी पर रहने के कारण विद्यालय की छुट्टी होने के बाद वह स्कूल में ताला लगाकर घर चले गए थे। उन्होंने बताया कि बच्चा विद्यालय के बेंच पर सो गया था और इस पर उनका ध्यान नहीं गया।
जांच के बाद होगी विभागीय कार्रवाई: बीईओ
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने सरकारी विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि छुट्टी के समय कक्षा और पूरे विद्यालय की जांच किए बिना आखिर स्कूल में ताला कैसे लगा दिया गया?