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Saturday, October 17, 2026

BIHAR:सिपाही हत्याकांड में कई पेंच: महिला दारोगा पुष्पा और अजीत के कथित प्रेम-प्रसंग की चर्चा, होमगार्ड रिशु की गोली से हुई थी मौत

नालंदा सिपाही हत्याकांड में कई पेंच: महिला दारोगा पुष्पा और अजीत के कथित प्रेम-प्रसंग की चर्चा, होमगार्ड रिशु की गोली से हुई थी मौत

कोशी लाइव | बिहार

बिहार के नालंदा जिले में उत्पाद विभाग के सिपाही अजीत कुमार की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। शुरुआती कहानी में शराब तस्करों की फायरिंग में सिपाही की मौत होने की बात सामने आई थी, लेकिन पुलिस की जांच में गोली टीम में शामिल होमगार्ड जवान रिशु कुमार की राइफल से चलने की बात सामने आई है। इस मामले में महिला दारोगा पुष्पा कुमारी समेत सात लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है।

घटना के बाद अब कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर उस रात गोली क्यों चलाई गई? क्या शराब लदी गाड़ी को पकड़ने के दौरान कोई विवाद हुआ था? घटना के बाद शराब तस्करों की फायरिंग की कहानी कैसे सामने आई? जांच में कथित प्रेम-प्रसंग और अवैध वसूली की आशंका जैसे पहलुओं की भी चर्चा है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अभी जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

मुख्यालय को सूचना देने के बजाय महिला दारोगा से संपर्क करने का आरोप

मामले की जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, पटना मुख्यालय से एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो (EIB) की टीम को शराब के अवैध कारोबार से संबंधित सूचनाएं जुटाने और रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी दी गई थी। निर्धारित प्रक्रिया के तहत सूचना मुख्यालय को दी जानी थी, जिसके बाद संबंधित जिले की टीम कार्रवाई करती।

आरोप है कि सिपाही अजीत कुमार ने शराब तस्करी से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद मुख्यालय को रिपोर्ट देने के बजाय नालंदा में तैनात महिला दारोगा पुष्पा कुमारी से संपर्क किया। दोनों के बीच कथित नजदीकी संबंध होने की चर्चा भी सामने आई है।

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, शराब लदी गाड़ी को रास्ते में रोककर कथित तौर पर अवैध वसूली किए जाने की आशंका की भी जांच हो रही है। हालांकि, गाड़ी रोकने के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या वसूली की कोई योजना बनाई गई थी, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

14 अक्टूबर की रात NH-20 पर चली थी गोली

घटना 14 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। घटनास्थल पावापुरी पुल के दक्षिण में दौलाचक के पास NH-20 पर था। पुलिस के अनुसार, उत्पाद विभाग की टीम शराब लदी एक पिकअप गाड़ी का पीछा कर रही थी।

इसी दौरान महिला दारोगा पुष्पा कुमारी के निर्देश पर होमगार्ड जवान रिशु कुमार द्वारा अपनी राइफल से गोली चलाए जाने की बात जांच में सामने आई है। शुरुआती पुलिस थ्योरी के मुताबिक, गोली वाहन के पिछले शीशे को पार करते हुए आगे बैठे सिपाही अजीत कुमार के सिर में लगी, जिससे उनकी मौत हो गई।

लेकिन इस घटनाक्रम को लेकर कई सवाल हैं। गोली चलाने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या किसी अधिकारी ने फायरिंग का निर्देश दिया था? गोली किस परिस्थिति में चली और क्या उस समय वाहन में मौजूद लोगों के बीच कोई विवाद हुआ था? इन सवालों का स्पष्ट जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।

तस्करों की फायरिंग की कहानी पर भी सवाल

घटना के बाद शुरुआती तौर पर शराब तस्करों की ओर से गोली चलाए जाने की कहानी सामने आई थी। लेकिन पुलिस जांच में इस दावे पर सवाल उठे हैं।

नालंदा के एसपी हृदयकांत के अनुसार, घटना के वास्तविक तथ्यों को छिपाने और अधिकारियों को गुमराह करने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घटना के बाद कथित रूप से गलत जानकारी कैसे दी गई और इसमें किसकी क्या भूमिका थी।

मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) घटनाक्रम की अलग-अलग कड़ियों को जोड़ रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शराब की खेप कहां से आ रही थी और उससे जुड़े लोगों की भूमिका क्या थी।

पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी नजर

सिपाही अजीत कुमार की मौत के मामले में पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक साक्ष्य अहम माने जा रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टिंग के अनुसार, गोली के प्रवेश और निकास से जुड़ी स्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पुलिस की शुरुआती थ्योरी में गोली के वाहन के पिछले शीशे से होकर आगे बैठे अजीत को लगने की बात कही गई है। ऐसे में घटनास्थल की स्थिति, वाहन के शीशे पर मिले निशान, गोली के रास्ते और मेडिकल रिपोर्ट का आपस में मिलान करना जरूरी है।

केवल घाव की बनावट के आधार पर गोली की दिशा या पूरी घटना का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। बैलिस्टिक जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य ही यह स्पष्ट करने में मदद करेंगे कि गोली किस दिशा से चली और घटनाक्रम वास्तव में कैसे हुआ।

महिला दारोगा की पिछली पोस्टिंग को लेकर भी दावे

जांच के बीच महिला दारोगा पुष्पा कुमारी की पिछली पोस्टिंग को लेकर भी कुछ आरोप और चर्चाएं सामने आई हैं। स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि हिलसा में तैनाती के दौरान वाहनों की जांच और कथित वसूली को लेकर भी उन पर सवाल उठे थे। इसके अलावा शराब माफिया से कथित संपर्क और राजगीर में जमीन खरीदने को लेकर भी दावे किए जा रहे हैं।

हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें जांच में प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।

बताया गया है कि अजीत कुमार की शादी वर्ष 2024 में हुई थी। वहीं, पुष्पा कुमारी के वैवाहिक जीवन और तलाक के मुकदमे से जुड़ी बातें भी चर्चा में हैं। दोनों के बीच कथित प्रेम-प्रसंग को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन निजी संबंधों के आधार पर हत्या की वजह तय नहीं की जा सकती।

हादसा, गोली चलने की परिस्थिति या कथित वसूली का विवाद?

नालंदा सिपाही हत्याकांड में फिलहाल कई अहम सवालों के जवाब सामने आने बाकी हैं।

  • अजीत कुमार ने शराब तस्करी से जुड़ी कथित सूचना मुख्यालय को क्यों नहीं दी?
  • महिला दारोगा पुष्पा कुमारी से संपर्क करने के पीछे क्या वजह थी?
  • होमगार्ड जवान रिशु कुमार ने किन परिस्थितियों में गोली चलाई?
  • घटना के बाद शराब तस्करों की फायरिंग की कहानी कैसे सामने आई?
  • क्या शराब की खेप पकड़ने के दौरान अवैध वसूली का कोई मामला था?
  • पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच से घटनाक्रम के बारे में क्या पता चलता है?

इन सभी बिंदुओं पर SIT जांच कर रही है। सात लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की कोशिश घटना की पूरी कड़ी स्पष्ट करने और कथित तौर पर साक्ष्य छिपाने में शामिल लोगों की भूमिका निर्धारित करने की है।

फिलहाल, सिपाही अजीत कुमार की मौत के पीछे की वास्तविक वजह, गोली चलने की परिस्थितियां और कथित अवैध वसूली से जुड़े आरोप जांच के विषय हैं। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।