कैमूर में 90 लाख की विदेशी शराब जब्त, चप्पल की कटिंग के नीचे छिपाई थी 701 पेटियां; राजस्थान का चालक गिरफ्तार
कोशी लाइव | बिहार
कैमूर: बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर शराब की खेप राज्य में पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। ताजा मामला कैमूर जिले के मोहनिया चेकपोस्ट का है, जहां उत्पाद विभाग की टीम ने चप्पल की कटिंग की आड़ में छिपाकर लाई जा रही विदेशी शराब की बड़ी खेप पकड़ी है। कार्रवाई के दौरान वाहन से शराब की 701 पेटियां बरामद की गईं। जब्त शराब की अनुमानित बाजार कीमत 80 से 90 लाख रुपये बताई जा रही है।
मौके से राजस्थान निवासी नग्गा राम को गिरफ्तार किया गया है। शराब की खेप लाने में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन को भी जब्त कर लिया गया है। उत्पाद विभाग की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है, ताकि तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और शराब की डिलीवरी के ठिकाने का पता लगाया जा सके।
चंडीगढ़ से बिहार लाई जा रही थी शराब की खेप
मोहनिया चेकपोस्ट प्रभारी संतोष श्रीवास्तव के अनुसार, उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि चंडीगढ़ से बिहार में विदेशी शराब की बड़ी खेप लाई जा रही है। सूचना के आधार पर संदिग्ध वाहन के नंबर की पहचान कर उसकी निगरानी शुरू की गई।
तस्करों को पकड़ने के लिए विभाग ने विशेष रणनीति बनाई। छज्जू पोखर के पास कुछ कर्मचारियों को सादे कपड़ों में तैनात किया गया, जबकि मोहनिया चेकपोस्ट पर अन्य कर्मी नियमित रूप से वाहनों की जांच कर रहे थे।
इसी दौरान संदिग्ध वाहन चेकपोस्ट पर पहुंचा। जांच के दौरान चालक शराब या माल से संबंधित वैध कागजात और बिल्टी प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद उत्पाद विभाग की टीम को वाहन पर संदेह हुआ और स्कैनर की मदद से उसकी गहन जांच की गई।
चप्पल की कटिंग के नीचे छिपाकर रखी थीं शराब की पेटियां
वाहन की जांच के दौरान उत्पाद विभाग की टीम को चप्पल की कटिंग के नीचे छिपाकर रखी गई विदेशी शराब की पेटियां मिलीं। तस्करी के इस तरीके का इस्तेमाल कर शराब को जांच से बचाकर बिहार लाने की कोशिश की जा रही थी।
विभाग के अनुसार, वाहन से कुल 701 पेटी विदेशी शराब बरामद की गई है। जब्त शराब की कुल मात्रा 6,218 लीटर 640 मिलीलीटर बताई गई है। इसकी अनुमानित बाजार कीमत 80 से 90 लाख रुपये आंकी गई है।
कार्रवाई के दौरान चालक नग्गा राम को गिरफ्तार कर लिया गया। वह राजस्थान का निवासी बताया गया है। उत्पाद विभाग ने शराब और तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहन को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
शराब कहां पहुंचाई जानी थी, जांच में जुटा विभाग
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर उत्पाद विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि शराब की खेप बिहार के किस जिले या शहर में पहुंचाई जानी थी। इसके साथ ही तस्करी के इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का भी प्रयास किया जा रहा है।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि चंडीगढ़ से शराब की खेप किसके निर्देश पर भेजी गई थी और बिहार में इसकी आपूर्ति किसे की जानी थी। पुलिस और उत्पाद विभाग की जांच आगे बढ़ने के बाद ही पूरे नेटवर्क की जानकारी सामने आ सकेगी।
कोशी लाइव की नजर: मोहनिया चेकपोस्ट पर हुई इस कार्रवाई में करीब 90 लाख रुपये की शराब की बरामदगी ने तस्करी के नए तरीकों को उजागर किया है। अब जांच एजेंसियों के सामने शराब के स्रोत, डिलीवरी के ठिकाने और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने की चुनौती है।