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Monday, October 26, 2026

BIHAR:नाबालिग पीड़िता का वीडियो बिना ब्लर किए पोस्ट करने वाला फेसबुक पेज संचालक गिरफ्तार, जमुई कांड से जुड़ी सामग्री प्रसारित करने पर कार्रवाई

सीतामढ़ी में नाबालिग पीड़िता का वीडियो बिना ब्लर किए पोस्ट करने वाला फेसबुक पेज संचालक गिरफ्तार, जमुई कांड से जुड़ी सामग्री प्रसारित करने पर कार्रवाई

सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी में नाबालिग पीड़िता से जुड़े वीडियो को बिना ब्लर किए सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के मामले में पुलिस ने एक फेसबुक पेज संचालक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रंधीर कुमार के रूप में हुई है। वह कन्हौली थाना क्षेत्र के बगहा गांव का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर ‘टाइम्स ऑफ इंडिया न्यूज’ नाम के फेसबुक पेज का संचालन करता था। मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की गई, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

यह मामला जमुई कांड से संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने से जुड़ा है। पुलिस का कहना है कि वीडियो में नाबालिग पीड़िता से संबंधित संवेदनशील सामग्री थी, जिसे बिना ब्लर किए साझा किया गया था। नाबालिग की पहचान उजागर होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।

सोशल मीडिया पेट्रोलिंग के दौरान सामने आया मामला

सीतामढ़ी के एसपी अमित रंजन के मुताबिक, सोशल मीडिया पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस को विभिन्न प्लेटफॉर्म पर नाबालिग पीड़िता से संबंधित वीडियो बिना ब्लर किए प्रसारित किए जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई और सीतामढ़ी साइबर थाना कांड संख्या 72/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट और पेज की जांच की। जांच के दौरान ‘टाइम्स ऑफ इंडिया न्यूज’ नाम के फेसबुक पेज को चिह्नित किया गया। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पेज संचालक की पहचान की गई और उसकी संलिप्तता सामने आने पर रंधीर कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।

120 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्राथमिकी की बात

रिपोर्ट के अनुसार, जमुई कांड से जुड़ी संवेदनशील सामग्री को सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले में अब तक करीब 120 अकाउंट्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की गई सामग्री की निगरानी कर रही है और नियमों का उल्लंघन करने वाले अकाउंट्स की पहचान कर कार्रवाई कर रही है।

हालांकि, प्राथमिकी दर्ज होना अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है। संबंधित मामलों में आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

पॉक्सो एक्ट के तहत पीड़िता की पहचान उजागर करना प्रतिबंधित

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली सामग्री का प्रकाशन या प्रसारण कानूनन प्रतिबंधित है। पॉक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 23 के तहत पीड़ित बच्चे की पहचान उजागर करने वाली जानकारी को प्रकाशित या प्रसारित करने पर रोक है।

ऐसे मामलों में पीड़िता का नाम, तस्वीर, वीडियो या ऐसी कोई जानकारी साझा करना प्रतिबंधित हो सकता है, जिससे उसकी पहचान सामने आए। सोशल मीडिया पर किसी वीडियो को साझा करने से पहले उसकी संवेदनशीलता और कानूनी पहलुओं का ध्यान रखना जरूरी है।

पुलिस ने सोशल मीडिया संचालकों से की अपील

सीतामढ़ी पुलिस ने सोशल मीडिया पेज संचालकों और आम लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़ितों से संबंधित वीडियो, तस्वीर या अन्य संवेदनशील सामग्री को बिना आवश्यक सुरक्षा उपायों के साझा न करें। ऐसी सामग्री को वायरल करना पीड़िता की निजता और गरिमा को नुकसान पहुंचा सकता है तथा कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।

फिलहाल, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है और सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री प्रसारित करने वाले अन्य अकाउंट्स की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।