पटना में हथियारों की अवैध आपूर्ति से जुड़े मामले में पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। कोतवाली थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने एक देसी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और 19,710 रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार युवकों में दो पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्र बताए जा रहे हैं, जबकि तीसरा पूर्ववर्ती छात्र है। पुलिस अब तीनों के कथित हथियार तस्करी नेटवर्क, संपर्कों और आपराधिक गतिविधियों की जांच कर रही है।
GPO गोलंबर और वीर कुंवर सिंह पार्क के पास कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र में वीर कुंवर सिंह पार्क और GPO गोलंबर के आसपास पुलिस को कुछ युवकों के हथियारों की आपूर्ति से जुड़े होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस और एसटीएफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा।
तलाशी के दौरान उनके पास से एक देसी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और 19,710 रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस ने सभी सामान को जब्त कर दोनों युवकों से पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान हथियारों की आपूर्ति से जुड़े सुराग मिलने के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर तीसरे युवक को भी गिरफ्तार कर लिया।
नालंदा और सारण के रहने वाले हैं गिरफ्तार युवक
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों की पहचान नालंदा जिले के इस्लामपुर थाना क्षेत्र के गुरास गांव निवासी सौरव कुमार (20 वर्ष) और सारण जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के तेजपुरवार गांव निवासी रवि रंजन सिंह (20 वर्ष) के रूप में हुई है।
तीसरे गिरफ्तार युवक की पहचान नालंदा जिले के इस्लामपुर थाना क्षेत्र के मलिक सराय गांव निवासी अमन अरसक (22 वर्ष) के रूप में की गई है। उसके पिता का नाम अहहार अहमद बताया गया है।
पुलिस ने 25 अक्टूबर को दोनों संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। इसके बाद मिली जानकारी के आधार पर तीसरे आरोपित तक पहुंचने में सफलता मिली। मामले में अब तक तीन युवकों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
दो पॉलिटेक्निक छात्र, तीसरा पूर्ववर्ती छात्र
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार युवकों में दो पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्र हैं, जबकि तीसरा पूर्ववर्ती छात्र बताया जा रहा है। परिजनों ने उन्हें पटना में पढ़ाई करने के लिए भेजा था। हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच में उनके कथित तौर पर गलत संगति में पड़ने और हथियारों की आपूर्ति से जुड़े होने की आशंका सामने आई है।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि पढ़ाई करने के लिए पटना आए ये युवक किन लोगों के संपर्क में थे और उनके पास हथियार कहां से पहुंचे। हालांकि, मामले में उनकी भूमिका और आरोपों की पुष्टि जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अमन को कथित सरगना मानकर जांच
प्रारंभिक जांच में अमन अरसक को कथित गिरोह का सरगना मानकर उसकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है। पुलिस उससे पूछताछ कर हथियारों की खरीद-बिक्री और आपूर्ति से जुड़े संभावित नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
पूछताछ के दौरान एक अन्य युवक के भी इस मामले से जुड़े होने की आशंका सामने आई है। पुलिस उसकी पहचान और भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि हथियारों की आपूर्ति करने वाले स्रोत और उन्हें प्राप्त करने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
मोबाइल फोन से संपर्कों का पता लगा रही पुलिस
कार्रवाई के दौरान बरामद तीन मोबाइल फोन भी जांच के अहम आधार बने हुए हैं। पुलिस मोबाइल फोन में मौजूद जानकारी के आधार पर आरोपितों के संपर्कों, बातचीत और गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपित किन लोगों के संपर्क में थे और क्या हथियारों की आपूर्ति का नेटवर्क पटना के अलावा दूसरे जिलों तक भी फैला हुआ था।
कोतवाली थाना कांड संख्या 789/26 दर्ज
इस मामले में कोतवाली थाना कांड संख्या 789/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने बरामद हथियार और कारतूस के संबंध में आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है। तीनों आरोपितों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। साथ ही, मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता और हथियारों के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र हथियारों की आपूर्ति का नेटवर्क, आरोपितों के मोबाइल फोन से मिलने वाले साक्ष्य और इस मामले में संभावित अन्य सहयोगियों की भूमिका है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और आरोपितों की वास्तविक भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।