नालंदा में सिपाही अजीत की मौत का खुलासा: शराब तस्करों ने नहीं, साथी होमगार्ड की गोली से गई जान; महिला SI समेत 5 गिरफ्तार
फायरिंग की झूठी कहानी बनाकर शराब माफिया पर आरोप मढ़ने का दावा, सबूत छिपाने के आरोप में उत्पाद विभाग की टीम के सदस्यों पर कार्रवाई
नालंदा। बिहार के नालंदा जिले में उत्पाद विभाग के सिपाही अजीत की मौत के मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। शुरुआती कहानी में शराब तस्करों की फायरिंग में सिपाही की मौत होने का दावा किया गया था, लेकिन पुलिस जांच के अनुसार, गोली उत्पाद विभाग की टीम में शामिल एक होमगार्ड जवान की राइफल से चली थी। गोली अपनी ही टीम की गाड़ी में सवार सिपाही अजीत को लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई।
इस मामले में पुलिस ने उत्पाद विभाग की महिला सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी, दो होमगार्ड जवान, एक सिपाही और वाहन चालक समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर घटना के बाद कथित तौर पर सच्चाई छिपाने और साक्ष्य मिटाने की कोशिश करने के आरोप हैं।
शराब लदी पिकअप का पीछा कर रही थी टीम
पुलिस अधीक्षक हृदय कांत के अनुसार, 14 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे उत्पाद विभाग की टीम शराब लदी एक पिकअप वैन का पीछा कर रही थी। टीम में स्थानीय जिला पुलिस शामिल नहीं थी। तस्करों की गाड़ी को रोकने के लिए महिला दरोगा पुष्पा कुमारी को भी बैकअप के लिए बुलाया गया था।
बताया गया कि शराब लदी पिकअप सबसे आगे चल रही थी। उसके पीछे एक काली स्कॉर्पियो थी, जिसमें सिपाही अजीत सवार थे। सबसे पीछे महिला दरोगा पुष्पा कुमारी अपनी टीम के साथ चल रही थीं।
पुलिस जांच के अनुसार, पिकअप को रोकने के प्रयास के दौरान महिला दरोगा ने अपने साथ मौजूद होमगार्ड जवान को हवाई फायरिंग करने का निर्देश दिया। इसी दौरान चली गोली आगे चल रही उत्पाद विभाग की दूसरी गाड़ी में जा लगी और सिपाही अजीत के सिर में गोली लग गई। गंभीर रूप से घायल अजीत की मौत हो गई।
तस्करों की फायरिंग बताकर पेश की गई थी घटना
घटना के बाद उत्पाद विभाग की टीम की ओर से दावा किया गया था कि शराब तस्करों और उनके सहयोगियों ने पुलिस टीम पर गोलीबारी की थी, जिसमें सिपाही अजीत घायल हो गए। हालांकि, मामले की जांच शुरू होने के बाद टीम के सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ की गई।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अलग-अलग लोगों के बयानों में विरोधाभास सामने आया। इसके बाद जांच की दिशा बदली और गोली चलने की परिस्थितियों की पड़ताल की गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने माना कि गोली टीम के ही एक होमगार्ड जवान की राइफल से चली थी।
घटनास्थल और वाहन से जुड़े साक्ष्यों की जांच
जांच में यह भी सामने आया कि जिस वाहन में गोली लगी थी, उसे तत्काल स्थानीय पुलिस को सौंपने के बजाय पटना भेज दिया गया था। पुलिस ने उक्त वाहन को पटना से बरामद किया। वाहन की जांच में पीछे की ओर से गोली प्रवेश करने के निशान मिलने की बात कही गई है।
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए होमगार्ड जवान के सरकारी हथियार को भी जब्त कर लिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि घटना के बाद वास्तविक परिस्थितियों को छिपाने की कोशिश क्यों की गई और वरिष्ठ अधिकारियों तथा स्थानीय थाने को तत्काल सूचना क्यों नहीं दी गई।
घायल सिपाही को पहले विम्स, फिर पीएमसीएच ले जाया गया
जानकारी के अनुसार, गोली लगने के बाद अजीत को पहले पावापुरी स्थित विम्स अस्पताल ले जाया गया। वहां से गंभीर हालत में उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) रेफर किया गया।
पुलिस के मुताबिक, टीम ने नालंदा जिले की सीमा से बाहर निकलने के बाद स्थानीय थाने को फोन कर घटना की जानकारी दी थी। शुरुआती सूचना में गोलीबारी के लिए शराब तस्करों को जिम्मेदार बताया गया था। अब जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर इस दावे की पड़ताल की गई है।
महिला SI और सिपाही की दोस्ती की चर्चा, पुलिस ने नहीं की पुष्टि
मामले में महिला दरोगा पुष्पा कुमारी और मृतक सिपाही अजीत के बीच पहले से दोस्ती होने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि इस पहलू की फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उत्पाद विभाग की टीम ने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन क्यों नहीं किया, स्थानीय पुलिस को समय पर सूचना क्यों नहीं दी गई और शराब लदी पिकअप वैन कहां गई।
फिलहाल, इस मामले में पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।