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Saturday, October 17, 2026

महिला दारोगा समेत 7 की गिरफ्तारी..' नालंदा सिपाही हत्याकांड में एक-एक कर पकड़े जा रहे पुलिसकर्मी

नालंदा सिपाही हत्याकांड में बड़ा खुलासा: महिला दरोगा समेत 7 गिरफ्तार, शराब तस्करों से कथित वसूली की जांच

नालंदा | कोशी लाइव

बिहार के नालंदा जिले में मद्यनिषेध विभाग के एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो (EIB) के सिपाही अजीत कुमार की मौत के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस मामले में महिला सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर साक्ष्य छिपाने और घटना के संबंध में झूठी कहानी गढ़ने का आरोप है। वहीं, शराब तस्करों से कथित अवैध वसूली की योजना बनाए जाने की बात भी जांच के दायरे में है।

मुख्यालय को सूचना देने के बजाय महिला दरोगा को बुलाने का आरोप

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 अक्टूबर की रात शराब तस्करी से जुड़ी सूचना मिलने के बाद सिपाही अजीत कुमार ने कथित तौर पर पटना मुख्यालय को जानकारी देने के बजाय नालंदा में तैनात मद्यनिषेध विभाग की दरोगा पुष्पा कुमारी से संपर्क किया था।

जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि शराब लदे वाहन को रास्ते में रोककर कथित तौर पर अवैध वसूली करने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, इस कथित योजना और वसूली के आरोपों की पुष्टि जांच के अंतिम निष्कर्ष से ही हो सकेगी।

गोली लगने से हुई सिपाही की मौत, झूठी कहानी बनाने का आरोप

रिपोर्ट के अनुसार, घटना 14 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे पावापुरी पुल के दक्षिण दौलाचक के पास एनएच-20 पर हुई। शराब लदे पिकअप वाहन का पीछा करने के दौरान गोली लगने से सिपाही अजीत कुमार की मौत हो गई थी।

पुलिस की शुरुआती थ्योरी के मुताबिक, टीम के साथ मौजूद होमगार्ड जवान रिशु कुमार की राइफल से चली गोली अजीत कुमार को लगी थी। इसके बाद कथित तौर पर शराब तस्करों की ओर से गोलीबारी किए जाने की कहानी बनाई गई।

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि गोली किन परिस्थितियों में चली और घटना के बाद साक्ष्यों के साथ क्या हुआ।

पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक साक्ष्यों पर भी उठे सवाल

मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गोली लगने की दिशा को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सिर पर गोली लगने के घाव की बनावट घटनाक्रम के बारे में कई सवाल खड़े करती है।

हालांकि, गोली किस दिशा से चली और वास्तविक घटनाक्रम क्या था, इसका अंतिम निष्कर्ष वैज्ञानिक जांच, बैलिस्टिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही निकाला जा सकेगा।

महिला दरोगा समेत सात आरोपी गिरफ्तार

नालंदा एसपी हृदयकांत के अनुसार, मामले में साक्ष्य छिपाने और कथित तौर पर झूठी कहानी तैयार करने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों में महिला दरोगा पुष्पा कुमारी, मद्यनिषेध सिपाही अनूप कुमार, होमगार्ड जवान रिशु कुमार, दीनानाथ और सन्नी कुमार के अलावा निजी चालक गौरव उर्फ निशांत तथा शंकर कुमार शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, सभी आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

राइफल और स्कॉर्पियो समेत कई साक्ष्य जब्त

पुलिस ने घटनास्थल और मामले से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर .303 बोर की राइफल, दो मिसफायर कारतूस, एक खोखा और स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया है। इन साक्ष्यों को वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजे जाने की जानकारी दी गई है।

पुराने आरोपों की भी हो सकती है जांच

रिपोर्ट में महिला दरोगा पुष्पा कुमारी की पिछली पोस्टिंग के दौरान कथित अवैध वसूली और शराब तस्करों से संबंधों को लेकर भी आरोपों का जिक्र किया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन्हें जांच में प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

जांच के बाद स्पष्ट होगा पूरा मामला

सिपाही अजीत कुमार की मौत ने मद्यनिषेध विभाग की कार्यप्रणाली और कार्रवाई के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम निष्कर्ष और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

नोट: मामले में गिरफ्तार सभी आरोपी फिलहाल आरोपों का सामना कर रहे हैं। उनकी दोषसिद्धि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।