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Saturday, October 17, 2026

बिहार में 50 हजार घूस लेते दरोगा गिरफ्तार, अब SHO की भूमिका पर सवाल, क्या जांच की आंच पहुंचेगी ऊपर

बक्सर: रिश्वत लेते दरोगा की गिरफ्तारी के बाद ब्रह्मपुर थाने की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, बिचौलियों के नेटवर्क की जांच की मांग

ब्रह्मपुर, बक्सर। ब्रह्मपुर थाने में निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई के दौरान दरोगा नीरज कुमार की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद थाने की कार्यप्रणाली चर्चा में आ गई है। इस कार्रवाई के बाद थाने के आसपास कथित बिचौलियों की गतिविधियों और पुलिस के कामकाज में उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर थाने में मामलों को कथित तौर पर मैनेज कराने और अवैध सौदेबाजी के नेटवर्क की जांच की मांग की जा रही है।

हालांकि, इस मामले में थानाध्यक्ष या अन्य पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता को लेकर अब तक किसी आधिकारिक निष्कर्ष की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जरूरत जताई जा रही है।

दरोगा की गिरफ्तारी के बाद बिचौलियों की भूमिका पर सवाल

निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई के बाद ब्रह्मपुर थाने के आसपास पहले की तुलना में कम चहल-पहल होने की चर्चा है। स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या थाने के आसपास सक्रिय कथित बिचौलियों के माध्यम से लोगों के मामलों को प्रभावित करने की कोशिश की जाती थी।

लोगों का आरोप है कि थाने के आसपास बिचौलियों की गतिविधियों की भी जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किसी मामले में उनकी क्या भूमिका रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्य ही इन दावों की वास्तविकता स्पष्ट कर सकेंगे।

क्या पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को थी जानकारी?

दरोगा की गिरफ्तारी के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि थाने के आसपास बिचौलियों की गतिविधियां चल रही थीं, तो क्या इसकी जानकारी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को थी। क्या किसी स्तर पर इन गतिविधियों की शिकायत की गई थी और यदि की गई थी, तो उस पर क्या कार्रवाई हुई?

फिलहाल, वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी या किसी अधिकारी की कथित मिलीभगत के संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इन सवालों का जवाब जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही मिल सकेगा।

क्या निगरानी ब्यूरो जांच का दायरा बढ़ाएगा?

दरोगा नीरज कुमार की गिरफ्तारी के बाद निगरानी ब्यूरो की आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की भूमिका, बिचौलियों के नेटवर्क या किसी तरह की मिलीभगत से जुड़े ठोस साक्ष्य सामने आते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है।

हालांकि, फिलहाल थानाध्यक्ष या अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच के निष्कर्ष सामने आने तक किसी की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

एसडीपीओ बोले—बिचौलियों से संबंध रखने वालों पर होगी कार्रवाई

डुमरांव के एसडीपीओ भास्कर रंजन ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही ब्रह्मपुर थाने का पदभार संभाला है। उन्होंने कहा कि थाने की कार्यप्रणाली पर नजर रखी जाएगी और बिचौलियों से संबंध रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

एसडीपीओ ने कहा, “थाने पर नजर रखी जाएगी। बिचौलियों के साथ जिनका संबंध है, उन पर कार्रवाई होना तय है। आम जनता की सुरक्षा और सुविधा पहली प्राथमिकता है।”

उनके इस बयान के बाद थाने के आसपास सक्रिय कथित बिचौलियों की भूमिका और पुलिस की आगे की कार्रवाई को लेकर लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं।

पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग

निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि ब्रह्मपुर थाने की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को बिना किसी बिचौलिए के अपनी शिकायतों के समाधान का अवसर मिलेगा।

अब निगरानी ब्यूरो की जांच और पुलिस प्रशासन की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। जांच में किन तथ्यों का खुलासा होता है, कथित बिचौलियों की भूमिका सामने आती है या नहीं और क्या किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता के प्रमाण मिलते हैं, इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में स्पष्ट हो सकेंगे।