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Wednesday, October 28, 2026

बिहार में हेरोइन तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, पत्नी-मां और भाइयों की भूमिका जांच के घेरे में; दंपती के खातों में मिले 46.64 लाख रुपये

भोजपुर में हेरोइन तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, पत्नी-मां और भाइयों की भूमिका जांच के घेरे में; दंपती के खातों में मिले 46.64 लाख रुपये

भोजपुर। बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस ने हेरोइन तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। नवादा थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कथित अंतरजिला तस्कर वीर बहादुर पासवान समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के पास से 1 किलो 36 ग्राम हेरोइन, एक लीटर रासायनिक पदार्थ, 40.36 ग्राम सोने के गहने और 2.98 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। मामले में कुल 10 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस अब कथित तस्करी से अर्जित संपत्ति, बैंक खातों और परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही है।

सूर्य मंदिर के पास छापेमारी में पकड़ा गया मुख्य आरोपित

पुलिस के अनुसार, सोमवार को गुप्त सूचना के आधार पर आरा के पावरगंज-बहीरो सूर्य मंदिर के समीप छापेमारी की गई। इस दौरान बबुरा थाना क्षेत्र के बबुरा गांव निवासी वीर बहादुर पासवान उर्फ बहादुर पासवान को एक थैले में रखी 1 किलो 36 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया।

तलाशी के दौरान पुलिस को हेरोइन में मिलाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक लीटर रासायनिक पदार्थ और सोने की चेन भी मिली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू की। पूछताछ में कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया।

मुख्य आरोपी समेत चार गिरफ्तार, 10 लोग नामजद

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस मामले में वीर बहादुर पासवान, उसकी पत्नी आशा देवी, भाई अजय पासवान उर्फ कलक्टर पासवान और पवन पासवान सहित कुल 10 लोगों को नामजद किया गया है।

अन्य नामजद आरोपितों में रामानंद पासवान की पत्नी फुदेना देवी, गौसगंज-गांगी निवासी छठू पासवान, उसके भाई बाढ़ू पासवान उर्फ रंजीत पासवान, संदीप पासवान, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के घेघटा निवासी कमलेश पासवान और एक अज्ञात मोबाइल धारक शामिल हैं।

पुलिस ने वीर बहादुर पासवान, फुदेना देवी, संदीप पासवान और कमलेश पासवान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, फुदेना देवी मुख्य आरोपी की मां और कमलेश पासवान उसका बहनोई है। अन्य नामजद आरोपितों की भूमिका की जांच की जा रही है।

10 से 12 साल से तस्करी करने का दावा

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान वीर बहादुर पासवान ने कथित तौर पर पिछले 10 से 12 वर्षों से हेरोइन तस्करी में शामिल होने की बात कही है। उसने गौसगंज-गांगी निवासी छठू पासवान, बाढ़ू पासवान और संदीप पासवान के साथ मिलकर कारोबार करने की जानकारी दी।

आरोपित ने कथित तौर पर बताया कि रेलवे स्टेशन के समीप एक व्यक्ति ने उसे हेरोइन की खेप दी थी। पुलिस अब उस व्यक्ति की पहचान करने और मादक पदार्थ की आपूर्ति के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हेरोइन कहां से लाई जाती थी, इसकी आपूर्ति किन लोगों तक की जाती थी और कथित नेटवर्क में दूसरे जिलों के लोगों की क्या भूमिका थी।

पत्नी और भाइयों की भूमिका की भी जांच

पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी ने अपनी पत्नी आशा देवी और भाइयों अजय पासवान तथा पवन पासवान की कथित संलिप्तता के बारे में जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, आरोप है कि आशा देवी दूसरे राज्यों से भी छिपाकर हेरोइन लाती थी।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित लोगों की भूमिका और उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित तस्करी में परिवार के अन्य सदस्य किस हद तक शामिल थे।

दंपती के बैंक खातों में मिले 46.64 लाख रुपये

हेरोइन तस्करी के मामले में पुलिस की जांच अब बैंक खातों और कथित अवैध कमाई तक पहुंच गई है। शुरुआती जांच के अनुसार, वीर बहादुर पासवान और उसकी पत्नी आशा देवी के बैंक खातों में कुल 46.64 लाख रुपये होने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, बबुरा स्थित ग्रामीण बैंक की शाखा में आशा देवी के खाते में करीब 46 लाख रुपये, जबकि वीर बहादुर पासवान के खाते में लगभग 64 हजार रुपये मिले हैं।

एसपी अवधेश दीक्षित ने संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराने का निर्देश दिया है। पुलिस दंपती के अन्य संभावित बैंक खातों का भी पता लगा रही है। जांच की जा रही है कि खातों में जमा रकम का स्रोत क्या है और इसका कथित हेरोइन तस्करी से कोई संबंध है या नहीं।

बहनोई के घर से बरामद हुए करीब तीन लाख रुपये

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान वीर बहादुर पासवान ने कथित तौर पर बताया कि तस्करी से अर्जित करीब तीन लाख रुपये उसने अपने बहनोई कमलेश पासवान के घर में छिपाकर रखे थे।

यह घर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के घेघटा में बताया गया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वहां से नकदी बरामद की। आरोप है कि रकम रखने के बदले कमलेश पासवान को 10 हजार से 20 हजार रुपये तक देने की बात भी सामने आई है।

पुलिस बरामद नकदी के स्रोत और कथित तस्करी से उसके संबंध की जांच कर रही है। साथ ही, नेटवर्क से जुड़े लोगों के आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।

जमीन और निर्माणाधीन मकान की भी जांच

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में बहीरो इलाके में जमीन और एक निर्माणाधीन मकान होने की जानकारी सामने आई है। अब संबंधित अंचल कार्यालय के माध्यम से संपत्ति के दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन और मकान कब खरीदे गए, इनके निर्माण में कितनी रकम खर्च हुई और धन का स्रोत क्या था। बैंक खातों में मिली राशि और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा। यदि कथित अवैध कमाई से संपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य मिलते हैं, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

सूखे मेवे और मसालों की फेरी लगाने की आड़ लेने का आरोप

पुलिस के अनुसार, वीर बहादुर पासवान लोगों के बीच सूखे मेवे और मसाले बेचने वाले फेरीवाले के रूप में अपनी पहचान बताता था। वह कथित तौर पर घूम-घूमकर छोहाड़ा, मसाले और काजू बेचने का काम करता था। इसके अलावा मालगुजारी पर खेती करने की बात भी सामने आई है।

पुलिस को संदेह है कि इन गतिविधियों की आड़ में कथित तस्करी के कारोबार को छिपाया जाता था। हालांकि, इस पहलू की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल पुलिस बरामद हेरोइन, रासायनिक पदार्थ, नकदी और सोने के गहनों के साथ-साथ बैंक खातों तथा संपत्तियों से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है। मामले में नामजद अन्य आरोपितों की तलाश और उनकी भूमिका की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।