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Sunday, October 25, 2026

चाचा के 15 तोला सोने से खरीदी थार, फिर उसी चाचा को पूजा में बुलाया! चोरी खुली तो भतीजा गिरफ्तार, सुनार भी पुलिस की गिरफ्त में

चाचा के 15 तोला सोने से खरीदी 10 लाख की थार, फिर उसी चाचा को पूजा में बुलाया! चोरी खुली तो भतीजा गिरफ्तार, सुनार भी पुलिस की गिरफ्त में

कोल्हापुर। महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 19 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर अपने ही चचेरे चाचा के घर से 15 तोला सोने के गहने चुरा लिए। इसके बाद चोरी के गहनों को बेचकर मिले 10 लाख रुपये से महिंद्रा थार गाड़ी खरीद ली। हैरानी की बात यह है कि नई गाड़ी की पूजा के लिए युवक ने उसी चाचा को आमंत्रित किया, जिनके घर से गहने चोरी किए गए थे। हालांकि, पूजा में जाने की तैयारी के दौरान चाचा को अपने घर में हुई चोरी का पता चला। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी भतीजे और चोरी का सोना बेचने में कथित तौर पर मदद करने वाले एक सुनार को गिरफ्तार किया है।

यह मामला महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले की पन्हाला तहसील के सातवे गांव का है। घटना सामने आने के बाद गांव और आसपास के इलाके में इसकी खूब चर्चा हो रही है। लोग इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि एक युवक ने अपने ही परिवार के सदस्य के घर चोरी करने के बाद उन्हीं को नई गाड़ी की पूजा में बुला लिया।

चाचा के घर से 15 तोला सोना चोरी करने का आरोप

मिली जानकारी के अनुसार, सातवे गांव निवासी समर पोपट चव्हाण, उम्र करीब 19 वर्ष, अपने चचेरे चाचा उमेश मारुति चव्हाण के घर के पास ही रहता है। दोनों परिवारों के बीच नजदीकी होने के कारण एक-दूसरे के घर आना-जाना भी था।

आरोप है कि समर ने करीब एक महीने पहले अपने चाचा के घर से 15 तोला सोने के गहने चोरी कर लिए। चोरी किए गए गहने उमेश चव्हाण और उनकी पत्नी के बताए जा रहे हैं। गहने गायब होने के बाद परिवार को शुरुआत में चोरी करने वाले व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

बताया गया है कि घर में रखे दादी के गहने सुरक्षित थे, जबकि उमेश चव्हाण और उनकी पत्नी के गहने ही गायब मिले। इससे परिवार को संदेह हुआ कि चोरी के पीछे किसी करीबी व्यक्ति का हाथ हो सकता है।

गहने बेचकर मिले 10 लाख रुपये से खरीदी थार

पुलिस जांच के अनुसार, समर ने कथित तौर पर चोरी किए गए सोने को गांव के सुनार संग्राम बाबासो मोरे की मदद से करीब 10 लाख रुपये में बेच दिया। इसके बाद उसने इस रकम से महिंद्रा की नई थार गाड़ी खरीद ली।

एक ओर चाचा के घर से गहने गायब थे, वहीं दूसरी ओर भतीजे के पास अचानक नई और महंगी गाड़ी आ गई। जांच के दौरान युवक की नई गाड़ी खरीदने और उसके लिए रकम जुटाने का मामला पुलिस के सामने आया। इसी कड़ी को जोड़ते हुए पुलिस ने समर से पूछताछ शुरू की।

नई थार की पूजा में चाचा को ही दे दिया न्योता

इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया, जब समर ने नई थार गाड़ी घर लाने के बाद उसकी पूजा रखी। बताया गया है कि उसने इस पूजा में अपने चाचा उमेश चव्हाण को भी आमंत्रित किया था।

पूजा में शामिल होने के लिए तैयार होते समय उमेश चव्हाण ने अपने और अपनी पत्नी के गहने निकालने चाहे। लेकिन जब उन्होंने गहनों की तलाश की तो वे तिजोरी से गायब मिले। घर में रखे दूसरे गहनों के सुरक्षित होने और केवल अपने तथा पत्नी के गहनों के गायब मिलने से उन्हें शक हुआ कि चोरी किसी ऐसे व्यक्ति ने की है, जिसे घर के बारे में जानकारी थी।

इसके बाद परिवार ने मामले को गंभीरता से लिया और पुलिस से शिकायत करने का निर्णय लिया। जिस भतीजे की नई गाड़ी की पूजा में चाचा को शामिल होना था, उसी भतीजे पर बाद में चोरी का आरोप लगा।

कोडोली पुलिस ने दर्ज की शिकायत, जांच में खुला मामला

गहने गायब होने के बाद उमेश चव्हाण ने कोडोली पुलिस थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने चोरी के संभावित आरोपियों और गहनों की बिक्री से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की।

इसी क्रम में समर चव्हाण की नई थार खरीदने की बात सामने आई। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उसने चोरी करने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने समर चव्हाण और सुनार संग्राम बाबासो मोरे को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अब चोरी किए गए गहनों की बिक्री, रकम के लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। बरामदगी तथा आगे की कानूनी कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।

प्रशिक्षु डीएसपी के मार्गदर्शन में हुई जांच

इस मामले की जांच प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक श्रीकांत ठिकाणे के मार्गदर्शन में की गई। जांच टीम में पुलिस हवलदार युवराज पाटील और बाबासो कीटे के साथ पुलिस कांस्टेबल महेश कदम, अमोल चव्हाण तथा महेश शिंदे शामिल रहे।

पुलिस टीम ने शिकायत के आधार पर जांच करते हुए संदिग्ध गतिविधियों और गहनों की बिक्री से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। इसके बाद आरोपी भतीजे और सुनार के खिलाफ कार्रवाई की गई।

गांव में रिश्तों और भरोसे को लेकर चर्चा

अपने ही परिवार के सदस्य के घर से कथित तौर पर सोने के गहने चोरी करने और फिर उसी रकम से महंगी गाड़ी खरीदने का यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। सबसे अधिक हैरानी इस बात को लेकर है कि आरोपी ने नई गाड़ी की पूजा में अपने चाचा को भी बुलाया था।

फिलहाल, पुलिस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी। इस घटना ने गांव में पारिवारिक विश्वास और रिश्तों को लेकर भी चर्चा छेड़ दी है।