सहरसा। जिले के पस्तपार थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पामा सिरसिया टोला के वार्ड नंबर दो स्थित एक घर से एक देसी कट्टा, एक देसी मास्केट और 10 कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान दोनों युवक पुलिस को देखकर भागने लगे, लेकिन पुलिस बल ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान लखन मेहता और गौतम कुमार के रूप में हुई है।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी
पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 को सूचना मिली थी कि पामा सिरसिया टोला निवासी प्रेमशंकर मेहता के घर में अवैध हथियार रखे गए हैं। आशंका जताई गई थी कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए किया जा सकता है।
सूचना मिलने के बाद पस्तपार थाना की पुलिस टीम सशस्त्र बल के साथ मौके पर पहुंची और मामले का सत्यापन करते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
पुलिस को देखकर भागने लगे दोनों युवक
पुलिस टीम के पहुंचते ही वहां मौजूद दो युवक भागने का प्रयास करने लगे। हालांकि, पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए दोनों का पीछा किया और उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान उनकी पहचान लखन मेहता, पिता स्वर्गीय मूसन मेहता, और गौतम कुमार, पिता भोला मेहता के रूप में हुई। दोनों पामा सिरसिया टोला के वार्ड नंबर दो के निवासी बताए गए हैं।
घर की तलाशी में हथियार और कारतूस बरामद
दोनों युवकों को पकड़ने के बाद पुलिस ने उनकी मौजूदगी में संबंधित घर की विधिवत तलाशी ली। तलाशी के दौरान एक देसी कट्टा, एक देसी मास्केट और 10 कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने सभी बरामद हथियारों और कारतूसों को जब्त कर जब्ती सूची तैयार की।
इसके बाद दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
लखन मेहता का पहले से आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित लखन मेहता का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ सौरबाजार (पतरघट) थाना में वर्ष 2015 और 2019 में मामले दर्ज हैं। वर्ष 2019 के एक मामले में आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी।
इस मामले में पस्तपार थाना कांड संख्या 118/2026, दिनांक 24 अक्टूबर 2026 के तहत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
छापेमारी दल में ये पुलिसकर्मी थे शामिल
कार्रवाई में पस्तपार थानाध्यक्ष विजय पासवान, पुलिस अवर निरीक्षक राहुल कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक विकास कुमार और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मामले में आगे की जांच जारी है।