अंकित बालियान हत्याकांड का बिहार कनेक्शन, पूर्णिया में छिपे थे दो मुख्य शूटर
पूर्णिया। उत्तर प्रदेश के शामली में 26 अगस्त को हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या के मामले में बिहार कनेक्शन सामने आया है। यूपी एसटीएफ की जांच में पता चला है कि हत्या में शामिल दो मुख्य शूटर वारदात के बाद पूर्णिया जिले के धमदाहा थाना क्षेत्र में पहुंचे थे। दोनों ने इटहरी और नीरपुर गांव में करीब दो रातें बिताईं और यहीं से अपने संपर्कों से इंटरनेट के जरिए संपर्क स्थापित किया।
जांच के मुताबिक, शूटरों ने जिस इंटरनेट डेटा का इस्तेमाल किया था, वह धमदाहा क्षेत्र की एक स्थानीय युवती के नाम पर दर्ज था। यूपी एसटीएफ की टीम ने युवती के स्वजनों से पूछताछ की, लेकिन ठोस जानकारी नहीं मिलने के बाद उन्हें पूछताछ के लिए पटना ले जाया गया। बताया जा रहा है कि संबंधित युवती फिलहाल पटना में पढ़ाई कर रही है। एसटीएफ ने उसे भी हिरासत में लेकर पूछताछ की है।
युवती और शूटरों के बीच संबंधों की जांच
एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि युवती और दोनों शूटरों के बीच क्या संबंध है और उसके नाम से जारी इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल शूटरों तक कैसे पहुंचा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हत्या के बाद दोनों शूटर धमदाहा कैसे पहुंचे और वहां उन्होंने किस व्यक्ति के घर या ठिकाने पर शरण ली।
जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी लेने के लिए जिस मोबाइल सिम का इस्तेमाल किया गया था, वह भी धमदाहा थाना क्षेत्र से निर्गत होने की जानकारी सामने आई है। इससे पुलिस की जांच का फोकस पूर्णिया और धमदाहा पर और बढ़ गया है।
जिम से निकलते समय की गई थी हत्या
अंकित बालियान की हत्या 26 अगस्त को उस समय कर दी गई थी, जब वह जिम से बाहर निकल रहे थे। बाइक सवार बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं और मौके से फरार हो गए। बाद में गोगी गैंग से जुड़े एक सोशल मीडिया अकाउंट से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था।
पुलिस और यूपी एसटीएफ ने मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए 31 अगस्त 2026 को मुठभेड़ में दो मुख्य शूटरों को मार गिराया। उनकी पहचान सुमित और मोहित के रूप में हुई है।
छह शूटरों ने दिया था वारदात को अंजाम
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि अंकित बालियान की हत्या को अंजाम देने के लिए कुल छह शूटरों की टीम बनाई गई थी। इनमें से दो शूटरों को यूपी पुलिस मुठभेड़ में मार चुकी है। जिन दो मुख्य शूटरों ने अंकित पर सीधे गोलियां चलाई थीं, वे वारदात के बाद बिहार के पूर्णिया जिले के धमदाहा में आकर छिपे थे।
अब यूपी एसटीएफ इस पूरे मामले के बिहार कनेक्शन की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शूटरों को धमदाहा में किसने पनाह दी, स्थानीय स्तर पर उन्हें किसने मदद पहुंचाई और धमदाहा से हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले सिम तक उनका क्या कनेक्शन था। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।